शेयर मार्केट में बड़ा बदलाव, NSE ने F&O सेगमेंट का किया विस्तार; दो नए स्टॉक्स को मिली एंट्री
भारतीय शेयर बाजार में डेरिवेटिव ट्रेडिंग को बढ़ावा देने के लिए NSE ने बड़ा कदम उठाया है. NSE ने Force Motors Limited और Godfrey Phillips India Limited को 1 अप्रैल 2026 से F&O सेगमेंट में शामिल करने का ऐलान किया है. इस फैसले से निवेशकों और ट्रेडर्स को हेजिंग और शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग के नए विकल्प मिलेंगे, जिससे बाजार की लिक्विडिटी बढ़ने की उम्मीद है.
NSE F&O Segment Expansion: भारतीय शेयर बाजार में डेरिवेटिव ट्रेडिंग को और विस्तार देने के लिए एक अहम कदम उठाया गया है. NSE ने घोषणा की है कि Force Motors Limited और Godfrey Phillips India Limited को 1 अप्रैल 2026 से फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट में शामिल किया जाएगा. इस फैसले से निवेशकों और ट्रेडर्स को ऑटो और टोबैको सेक्टर में हेजिंग और सट्टा रणनीतियों के लिए नए विकल्प मिलेंगे, जिससे बाजार की लिक्विडिटी बढ़ने की उम्मीद है.
30 मार्च को जारी होंगी कॉन्ट्रैक्ट की महत्वपूर्ण जानकारियां
NSE के अनुसार, नए F&O कॉन्ट्रैक्ट्स से जुड़ी अहम जानकारियां, जैसे मार्केट लॉट साइज और स्ट्राइक प्राइस स्कीम, 30 मार्च 2026 को सर्कुलर के माध्यम से जारी की जाएंगी. इसके अलावा, क्वांटिटी फ्रीज लिमिट से संबंधित जानकारी भी 1 अप्रैल से लागू होने वाली कॉन्ट्रैक्ट फाइल में उपलब्ध कराई जाएगी. एक्सचेंज ने स्पष्ट किया है कि ट्रेडिंग शुरू होने से पहले सभी टेक्नीकल जानकारियां निवेशकों को उपलब्ध करा दी जाएंगी, ताकि वे बेहतर तैयारी के साथ बाजार में भाग ले सकें.
SEBI के तय मानकों के तहत हुआ चयन
इन दोनों कंपनियों को F&O सेगमेंट में शामिल करने का निर्णय SEBI के अगस्त 2024 में निर्धारित नियमों के आधार पर लिया गया है. SEBI के दिशानिर्देशों के अनुसार, किसी भी स्टॉक को डेरिवेटिव ट्रेडिंग में शामिल करने के लिए उसे सख्त लिक्विडिटी, मार्केट साइज और रिस्क पैरामीटर्स को पूरा करना होता है.
किन मानकों को पूरा करना जरूरी
F&O सेगमेंट में शामिल होने के लिए कंपनियों को कई शर्तों पर खरा उतरना पड़ता है. इनमें प्रमुख रूप से:
- पिछले 6 महीनों में औसत मार्केट कैपिटलाइजेशन और ट्रेडिंग वैल्यू के आधार पर टॉप 500 में शामिल होना
- कम से कम 75 लाख रुपये का मीडियन क्वार्टर-सिग्मा ऑर्डर साइज
- कम से कम 1500 करोड़ रुपये की मार्केट-वाइड पोजीशन लिमिट (MWPL)
- कैश मार्केट में 35 करोड़ रुपये से अधिक की औसत दैनिक डिलीवेरेबल वैल्यू
- कम से कम 75 फीसद ट्रेडिंग दिनों में सक्रिय ट्रेडिंग
इसके अलावा, डेरिवेटिव सेगमेंट में पर्याप्त भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कम से कम 15 फीसद सक्रिय ट्रेडिंग मेंबर्स या 200 मेंबर्स का नियमित रूप से ट्रेड करना भी जरूरी होता है.
बाजार में बढ़ेगी लिक्विडिटी और निवेश विकल्प
Force Motors और Godfrey Phillips के F&O में शामिल होने से निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो को हेज करने, जोखिम कम करने और शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग रणनीतियों को अपनाने के नए अवसर मिलेंगे. इससे खासकर सेक्टर-आधारित निवेश रणनीतियों को मजबूती मिलेगी. वर्तमान में SEBI के मानकों के अनुसार F&O सूची में 200 से अधिक स्टॉक्स शामिल हैं और समय-समय पर इसमें बदलाव किए जाते रहते हैं.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
