Paytm की बढ़ी मुश्किलें! लिस्टिंग के बाद पहली बार म्यूचुअल फंड्स ने घटाई हिस्सेदारी, रिटेल इंवेस्टर्स भी झाड़ रहे पल्ला
Paytm की लिस्टिंग के बाद पहली बार म्यूचुअल फंड्स ने अपनी हिस्सेदारी घटाई है, वहीं रिटेल निवेशक लगातार सातवीं तिमाही में शेयर बेचते नजर आए हैं. हालांकि RBI से रेगुलेटरी राहत के बाद शेयर में रिकवरी आई है, लेकिन यह अब भी IPO प्राइस से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है.
Paytm shareholdings pattern: देश की प्रमुख डिजिटल पेमेंट कंपनी One97 Communications Ltd. (Paytm) सुर्खियों में है. इसके शेयरहोल्डिंग पैटर्न में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. पेटीएम के नवंबर 2021 में लिस्टिंग के बाद पहली बार बार म्यूचुअल फंड्स ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी घटाई है. इतना ही नहीं रिटेल इंवेस्टर्स भी लगातार इसके शेयर बेच रहे हैं, ऐसे में कंपनी की चिंता बढ़ गई है.
कितनी घटाई हिस्सेदारी?
अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में भारतीय घरेलू म्यूचुअल फंड्स ने Paytm में अपनी हिस्सेदारी घटा दी है. बीएसई पर जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर तिमाही के अंत में म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी पेटीएम में 16.25% से घटकर 14.96% रह गई है. अब तक हर तिमाही में म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी इसमें बढ़ रही थी, लेकिन लिस्टिंग के बाद ये पहला मौका है जब फंड्स ने हिस्सेदारी कम की है.
कौन-से निवेशक थे शामिल?
सितंबर तिमाही में Motilal Oswal MF, Nippon India MF, Mirae Asset MF और Bandhan MF Paytm के प्रमुख निवेशकों में शामिल थे. दिसंबर तिमाही में जहां पहले तीन फंड्स ने अपनी हिस्सेदारी घटाई, वहीं Bandhan MF ने भी अपनी हिस्सेदारी घटा दी. यानी फंड्स की हिस्सेदारी पहली बार 1% से नीचे आ गई है या उन्होंने Paytm से पूरी तरह एग्जिट कर लिया है.
सातवीं तिमाही में भी बिकवाली
पेटीएम से महज म्यूचुअल फंड्स ने ही दूरी नहीं बनाई है. बल्कि रिटेल निवेशक भी इससे पल्ला झाड़ रहे हैं. यहीं वजह है कि लगातार सातवीं तिमाही में रिटेल निवेशक Paytm के शेयर बेचते नजर आए. जिन निवेशकों की ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल ₹2 लाख तक है, उनकी हिस्सेदारी सितंबर 2023 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है. छोटे निवेशकों ने जून 2024 से अपनी हिस्सेदारी घटानी शुरू की थी, जब शेयर ने ₹300 के ऑल-टाइम लो से रिकवरी दिखानी शुरू की थी.
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RBI के एक्शन से बदली थी कहानी
Paytm के शेयरों ने 16 फरवरी 2024 को ₹318 का ऑल-टाइम लो बनाया था. इसकी बड़ी वजह RBI की रेगुलेटरी कार्रवाई और Paytm Payments Bank को लेकर अनिश्चितता थी. हालांकि हालात तब बदले जब Paytm Payments Bank को RBI से पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस की अंतिम मंजूरी मिल गई, जिसमें ऑनलाइन, ऑफलाइन और क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजैक्शन शामिल हैं.
IPO प्राइस से नीचे
रेगुलेटरी चिंताएं कम होने और कंपनी के जल्द मुनाफे में आने की उम्मीद ने शेयर को नई रफ्तार दी. Paytm का शेयर हाल ही में ₹1,381 के 52-वीक हाई तक पहुंचा, जो ऑल-टाइम लो से करीब 334% की छलांग है. इसके बावजूद, शेयर अभी भी ₹2,150 के IPO प्राइस से करीब 40% नीचे ट्रेड कर रहा है. शेयर की वर्तमान कीमत 1313 रुपये है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.