Reliance Power के शेयरों में जोरदार तेजी, चुनौतियों के बीच अनिल अंबानी की कंपनी ने कमाया इतना मुनाफा
Reliance Power Share Today: यह बढ़ोतरी कंपनी की कुछ सब्सिडियरी कंपनियों के सामने चल रही कानूनी और वित्तीय चुनौतियों के बावजूद, कंपनी के स्थिर ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस की वजह से संभव हो पाई. वित्तीय नतीजे का असर रिलायंस पावर के शेयरों पर नजर आ रहा है.
Highlights
- शुरुआती कारोबार में रिलायंस पावर के शेयर में उछाल.
- ऑपरेशनल कमाई 4 फीसदी बढ़कर 1,956 करोड़ रुपये हुई.
- कानूनी और वित्तीय चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने मुनाफा हासिल किया.
Reliance Power Share Today: अनिल अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस पावर ने 30 जून, 2026 को खत्म हुई तिमाही के लिए अपने कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 44 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 65 करोड़ रुपये का प्रॉफिट दर्ज किया. यह बढ़ोतरी कंपनी की कुछ सब्सिडियरी कंपनियों के सामने चल रही कानूनी और वित्तीय चुनौतियों के बावजूद, कंपनी के स्थिर ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस की वजह से संभव हो पाई.
इस वित्तीय नतीजे का असर रिलायंस पावर के शेयरों पर शुक्रवार के कारोबार में नजर आ रहा है. कंपनी के शेयर उछाल के साथ कारोबार कर रहे हैं.
रिलायंस पावर के शेयरों में तेजी
शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में रिलायंस पावर के शेयर 2 फीसदी से अधिक उछलकर 25 रुपये के आंकड़े को पार कर गए. शेयर 24.42 रुपये स्तर पर ओपन हुआ और 25.30 रुपये के हाई तक पहुंचा. इस साल अब तय रिलायंस पावर के शेयरों की चाल नेगेटिव ही रही है. यह अब तक 28 फीसदी से अधिक टूट चुका है.
कंपनी की कमाई में इजाफा
कंपनी की रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही के दौरान ऑपरेशन्स से होने वाली आय 4 फीसदी बढ़कर 1,956 करोड़ रुपये हो गई.
जांच एजेंसियों का एक्शन
अपने वित्तीय नतीजों के नोट्स में कंपनी ने बताया कि सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड से जुड़े लेन-देन के सिलसिले में तिमाही के दौरान और उसके बाद रिलायंस पावर और रिलायंस क्लीनजेन लिमिटेड के रजिस्टर्ड ऑफिस में तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की थी.
कंपनी ने कहा कि उसने जांच में पूरा सहयोग किया और इन तलाशी अभियानों का ग्रुप के बिजनेस ऑपरेशन्स पर कोई असर नहीं पड़ा.
ED ने अटैच की हैं संपत्तियां
रिलायंस पावर ने यह भी बताया कि ग्रुप की कुछ कंपनियों और अधिकारियों की प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ के तहत जांच जारी है. हालांकि, ED ने ग्रुप की कुछ संपत्तियों को अटैच किया है, लेकिन कंपनी का कहना है कि वह कानूनी कार्यवाही के जरिए इस कार्रवाई का विरोध कर रही है और उसे इस चरण में अपने ऑपरेशन्स या वित्तीय नतीजों पर किसी असर की उम्मीद नहीं है.
बकाया वारंट
तिमाही के दौरान, 34.32 करोड़ रुपये के बकाया वारंट तय 18 महीने की अवधि के भीतर इक्विटी में कन्वर्ट न हो पाने के कारण लैप्स (रद्द) हो गए. नतीजतन, कंपनी ने अपफ्रंट सब्सक्रिप्शन राशि के तौर पर मिली 302.62 करोड़ रुपये की रकम ज़ब्त कर ली, और इसके बदले इक्विटी शेयर जारी नहीं किए जाएंगे.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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