डॉलर के मुकाबले रुपया 7 पैसे गिरा, 94.50 पर बंद, कच्चे तेल की तेजी ने बढ़ाया दबाव
भारतीय रुपया सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 7 पैसे कमजोर होकर 94.50 के स्तर पर बंद हुआ. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक दबाव का असर रुपये पर रहा. Brent Crude 96.84 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. घरेलू शेयर बाजार में गिरावट ने भी रुपये पर दबाव बढ़ाया. हालांकि, विदेशी पूंजी प्रवाह और कमजोर डॉलर से रुपये को कुछ सहारा मिला. भारत का विदेशी मुद्रा भंडार भी रिकॉर्ड 740.803 अरब डॉलर पर पहुंच गया है.
भारतीय रुपया सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 7 पैसे कमजोर होकर 94.50 के स्तर पर बंद हुआ. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर रुपये पर पड़ा. हालांकि, मजबूत FCNR डॉलर फ्लो से रुपये को कुछ सपोर्ट मिला. शुरुआती कारोबार में विदेशी निवेश से रुपये में मजबूती दिखाई दी थी. लेकिन घरेलू शेयर बाजार में गिरावट और कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से यह बढ़त टिक नहीं सकी. कारोबार के अंत में रुपया 94.50 के स्तर पर आ गया.
शुरुआती कारोबार में रुपये में दिखी मजबूती
इंटरबैंक फॉरेन करेंसी मार्केट में रुपया 94.40 के स्तर पर खुला. कारोबार के दौरान रुपये ने 94.38 का ऊपरी स्तर छुआ. इसके बाद रुपये पर दबाव बढ़ा और यह 94.50 के निचले स्तर तक पहुंच गया. अंत में रुपया 94.50 के स्तर पर बंद हुआ. पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 8 पैसे मजबूत होकर 94.43 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. इस तरह सोमवार को रुपये की शुरुआती बढ़त कारोबार के अंत तक खत्म हो गई.
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से दबाव
बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने रुपये पर दबाव बनाया. Brent Crude 0.58 फीसदी की तेजी के साथ 96.84 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. महंगे कच्चे तेल से भारत का आयात बिल बढ़ सकता है. इससे डॉलर की मांग बढ़ने और रुपये पर दबाव आने की आशंका रहती है. जानकारों के मुताबिक, घरेलू बाजार में कमजोरी और कच्चे तेल की तेजी ने रुपये की बढ़त को सीमित किया.
डॉलर इंडेक्स में आई गिरावट
दूसरी ओर, डॉलर इंडेक्स में सोमवार को कमजोरी देखने को मिली. छह प्रमुख करेंसी के मुकाबले डॉलर की स्थिति बताने वाला डॉलर इंडेक्स 0.27 फीसदी गिरकर 98.90 पर कारोबार कर रहा था. कमजोर डॉलर से आम तौर पर रुपये जैसी उभरते बाजार की करेंसी को कुछ सपोर्ट मिलता है. फॉरेने कैपिटल फ्लो से भी रुपये को शुरुआती कारोबार में सपोर्ट मिला. हालांकि, कच्चे तेल की तेजी और घरेलू शेयर बाजार में गिरावट ने इस सपोर्ट को कमजोर कर दिया.
US Iran तनाव पर बाजार की नजर
बाजार की नजर US और Iran के बीच जारी तनाव पर भी बनी हुई है. ईरान ने कहा है कि Strait of Hormuz को लेकर Oman के साथ समझौता अंतिम चरण में है. अगर इस मामले में समाधान निकलता है तो कच्चे तेल की कीमतों में कुछ राहत मिल सकती है. इससे रुपये को भी सपोर्ट मिलने की उम्मीद है. हालांकि, US और Iran के बीच तनाव बढ़ने पर रुपये पर दोबारा दबाव आ सकता है.
घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का असर
सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भी गिरावट रही. Sensex 382.62 अंक गिरकर 76132.81 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं Nifty 118.55 अंक टूटकर 23779.15 पर बंद हुआ. घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी से विदेशी निवेशकों की सेंटिमेंट पर असर पड़ सकता है. शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 3111.94 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की थी. इससे भी रुपये पर दबाव बढ़ा.
विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर पर
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में भी मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है. 28 अगस्त को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 अरब डॉलर बढ़कर 740.803 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को यह आंकड़ा जारी किया था. मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार से देश की बाहरी आर्थिक स्थिति को सहारा मिलता है. हालांकि, कच्चे तेल की कीमत और वैश्विक बाजार के संकेत आने वाले दिनों में रुपये की दिशा के लिए अहम रहेंगे.
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