HAL-Mazagon Dock से अलग… ये 2 स्मॉलकैप डिफेंस स्टॉक्स तेजी से पकड़ रहे रफ्तार, फ्रांस की कंपनी से भी मिला ऑर्डर
भारत में जब भी डिफेंस सेक्टर की बात होती है तो आमतौर पर HAL, Mazagon Dock और BEL जैसी बड़ी सरकारी कंपनियों का नाम सामने आता है. लेकिन इन बड़े नामों के पीछे कुछ छोटे और कम चर्चित कंपनियां भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं.
Defence Stocks: दुनिया भर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच डिफेंस सेक्टर एक बार फिर निवेशकों के ध्यान में आ गया है. खासकर ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण डिफेंस कंपनियों को लेकर दिलचस्पी बढ़ रही है. भारत में जब भी डिफेंस सेक्टर की बात होती है तो आमतौर पर HAL, Mazagon Dock और BEL जैसी बड़ी सरकारी कंपनियों का नाम सामने आता है. लेकिन इन बड़े नामों के पीछे कुछ छोटे और कम चर्चित कंपनियां भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं.
ये कंपनियां रक्षा क्षेत्र में खास तकनीक और महत्वपूर्ण उपकरण बनाकर अपनी मजबूत जगह बना रही हैं. सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ योजना और डिफेंस में 70 प्रतिशत स्वदेशी प्रोडक्शन के टारगेट से इन कंपनियों को बड़ा फायदा मिल सकता है. ऐसे में निवेशकों की नजर अब दो स्मॉलकैप कंपनियों पर है जो धीरे-धीरे डिफेंस सेक्टर में मजबूत पहचान बना रही हैं.
Lloyds Engineering Works
Lloyds Engineering Works की स्थापना 1974 में हुई थी. कंपनी भारी मशीनरी और औद्योगिक उपकरण बनाने का काम करती है. अब कंपनी धीरे-धीरे डिफेंस और न्यूक्लियर सेक्टर में भी कदम बढ़ा रही है. जुलाई 2025 में कंपनी ने इटली की बड़ी शिपबिल्डिंग कंपनी Fincantieri के साथ साझेदारी की. इस साझेदारी के तहत भारतीय नौसेना के लिए Controllable Pitch Propeller और Shafting System जैसे अहम उपकरण भारत में ही बनाए जाएंगे.
कंपनी ने दिसंबर 2025 में Lloyds Advanced Defence Systems नाम से एक नई यूनिट बनाई. इसका मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और आधुनिक हथियार प्रणाली जैसे क्षेत्रों में काम करना है. इसके अलावा कंपनी को Cochin Shipyard से करीब 20 करोड़ रुपये का ऑर्डर भी मिला है.
कंपनी के वित्तीय आंकड़े
- पिछले कुछ सालों में कंपनी की कमाई में काफी तेजी आई है.
- FY20 में कंपनी की बिक्री 114 करोड़ रुपये थी जो FY25 में बढ़कर 756 करोड़ रुपये हो गई.
- इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा भी तेजी से बढ़ा है.
- कंपनी का शेयर मार्च 2021 में करीब 1 रुपये के आसपास था जो मार्च 2026 में बढ़कर करीब 46 रुपये हो गया.
Syrma SGS Technology
दूसरी कंपनी Syrma SGS Technology है. यह चेन्नई की एक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है. यह कंपनी बड़े उपकरण निर्माताओं के लिए इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन और निर्माण का काम करती है. 2025 में कंपनी ने Elcome Integrated Systems में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी. इससे कंपनी को समुद्री और रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में बड़ा फायदा मिल सकता है.
नई फैक्ट्री और सोलर सेक्टर में एंट्री
Syrma कंपनी आंध्र प्रदेश में करीब 1,595 करोड़ रुपये का नया प्लांट भी बना रही है. इस प्लांट में PCB और अन्य इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट बनाए जाएंगे. इसके अलावा कंपनी सोलर इन्वर्टर बनाने के क्षेत्र में भी कदम रख रही है. यह कदम भारत की सोलर और इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है.
कंपनी की वित्तीय स्थिति
- पिछले कुछ वर्षों में Syrma SGS की बिक्री और मुनाफे में भी लगातार बढ़ोतरी हुई है.
- FY20 में कंपनी की बिक्री 862 करोड़ रुपये थी जो FY25 में बढ़कर 3,787 करोड़ रुपये हो गई.
- कंपनी का शेयर अगस्त 2022 में लिस्टिंग के समय करीब 310 रुपये था जो अब बढ़कर करीब 762 रुपये हो गया है.
डेटा सोर्स: FE, Groww
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