तेल सप्लाई सामान्य होते ही दौड़ सकते हैं ये 2 शेयर, दे सकते हैं मल्टीबैगर रिटर्न; रखें नजर
अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से खुल गया है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद बढ़ी है. इसका फायदा भारत की ऊर्जा सप्लाई चेन से जुड़ी कंपनियों को मिल सकता है. Aegis Vopak Terminals और Dolphin Offshore ऐसे दो हाई-मार्जिन शेयर हैं, जिन पर निवेशकों की नजर बनी हुई है.
Energy Sector Stocks: दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर खुल गया है. अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए समझौते के बाद इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से तेल और गैस की आवाजाही फिर शुरू हो गई है. यह घटनाक्रम सिर्फ वैश्विक राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय शेयर बाजार के कुछ चुनिंदा स्टॉक्स के लिए भी बड़ा अवसर बन सकता है.
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है और उसका बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर आता है. ऐसे में होर्मुज के खुलने से तेल सप्लाई चेन से जुड़ी कंपनियों को सीधा फायदा मिलने की संभावना है. इनमें सबसे ज्यादा चर्चा दो कंपनियों की हो रही है, जिसमें Aegis Vopak Terminals और Dolphin Offshore Enterprises शामिल है.
Aegis Vopak
Aegis Vopak Terminals का बिजनेस मॉडल काफी अलग है. कंपनी LPG, पेट्रोलियम उत्पादों, केमिकल्स और अन्य लिक्विड कार्गो के लिए स्टोरेज टर्मिनल ऑपरेट करती है. आसान शब्दों में कहें तो जितना ज्यादा तेल और गैस भारत में आएगा, उतनी ज्यादा मांग इसके स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर की होगी.
कंपनी के वित्तीय आंकड़े इसकी मजबूती दिखाते हैं. FY23 में 353 करोड़ रुपये की बिक्री FY26 में बढ़कर 923 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. वहीं EBITDA 229 करोड़ रुपये से बढ़कर 686 करोड़ रुपये हो गया. सबसे बड़ी बात यह है कि कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन करीब 74% है, जो भारतीय बाजार में कम देखने को मिलता है.
कंपनी के कस्टम बेस भी मजबूत हैं. इसमें IOCL, BPCL, HPCL, Reliance और Nayara जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं. अगर होर्मुज खुलने के बाद तेल आयात बढ़ता है तो Aegis Vopak के टर्मिनलों की उपयोगिता और बढ़ सकती है. कंपनी के शेयर शुक्रवार को 1.95 फीसदी की गिरावट के साथ 238 रुपये पर बंद हुआ है. इसने अपने निवेशकों को पिछले 5 साल में लगभग 8 फीसदी का रिटर्न दिया है.
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Dolphin Offshore
दूसरी कंपनी Dolphin Offshore Enterprises है, जो समुद्र के अंदर तेल और गैस प्रोजेक्ट के लिए डाइविंग, सब-सी इंजीनियरिंग और अन्य तकनीकी सर्विस प्रदान करती है.
कंपनी कुछ साल पहले तक लगभग निष्क्रिय हो चुकी थी, लेकिन Deep Industries समूह के अधिग्रहण के बाद इसमें जबरदस्त बदलाव देखने को मिला. FY24 में जहां बिक्री सिर्फ 6 करोड़ रुपये थी, वहीं FY26 में यह 116 करोड़ रुपये तक पहुंच गई.
Dolphin Offshore का ऑपरेटिंग मार्जिन FY25 में करीब 62% रहा. कंपनी के क्लाइंट्स में Cairn Energy, L&T, HPCL, IOCL और Mazagon Dock जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं.
क्या बन सकते हैं अगले मल्टीबैगर?
दोनों कंपनियों का फायदा अलग-अलग तरीके से जुड़ा हुआ है. Aegis Vopak को ज्यादा तेल आयात और बढ़ती स्टोरेज मांग का फायदा मिल सकता है. वहीं Dolphin Offshore को समुद्री तेल और गैस में तेजी आने पर फायदा हो सकता है.
हालांकि निवेशकों को जोखिम भी समझना चाहिए. Aegis Vopak पर अभी भी हजारों करोड़ रुपये का कर्ज है, जबकि Dolphin Offshore की इनकम अभी भी काफी अस्थिर है और उसके रिसीवेबल्स (बकाया भुगतान) चिंता का विषय बने हुए हैं.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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