सरकार के एक फैसले से शुगर स्टॉक्स में मचा हड़कंप! Dalmia Bharat Sugar समेत कई शेयर 5 फीसदी तक टूटे
सरकार के 10 लाख मीट्रिक टन रॉ शुगर के ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट के फैसले के बाद शुक्रवार को शुगर स्टॉक्स में भारी गिरावट देखने को मिली. Dalmia Bharat Sugar का शेयर 5.47 फीसदी, Dwarikesh Sugar Industries 4.32 फीसदी और Balrampur Chini Mills 4.15 फीसदी तक टूट गए. सरकार ने 31 अक्टूबर तक ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट की अनुमति दी है.
Highlights
- सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन रॉ शुगर के ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट को 31 अक्टूबर तक मंजूरी दी.
- फैसले के बाद Dalmia Bharat Sugar 5.47 फीसदी और Dwarikesh Sugar Industries 4.32 फीसदी तक टूटे.
- करीब 10 साल बाद बड़े शुगर इंपोर्ट के फैसले का मकसद घरेलू सप्लाई बढ़ाना और रिकॉर्ड शुगर प्राइसेज को नियंत्रित करना है.
Sugar Stocks: चीनी स्टॉक्स में शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट देखने को मिली. सरकार की ओर से 10 लाख मीट्रिक टन रॉ शुगर के ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट की अनुमति दिए जाने के बाद शुगर स्टॉक्स में बिकवाली तेज हो गई. सरकार ने 31 अक्टूबर तक ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट की अनुमति दी है. इस फैसले का उद्देश्य घरेलू बाजार में शुगर की सप्लाई बढ़ाना और रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची कीमतों को नियंत्रित करना है.
Dalmia Bharat Sugar सबसे ज्यादा टूटा
सरकार के फैसले के बाद शुगर स्टॉक्स में सबसे ज्यादा गिरावट Dalmia Bharat Sugar में देखने को मिली. कंपनी का शेयर 5.47 फीसदी गिरकर 480.30 रुपये पर आ गया. इसके बाद Dwarikesh Sugar Industries का शेयर 4.32 फीसदी गिरकर 52.99 रुपये पर कारोबार कर रहा था. Balrampur Chini Mills का शेयर 4.15 फीसदी गिरकर 735.25 रुपये पर पहुंच गया, जबकि Triveni Engineering & Industries में 3.82 फीसदी की गिरावट आई और यह 288.60 रुपये पर कारोबार कर रहा था.
इसके अलावा Uttam Sugar Mills का शेयर 3.07 फीसदी गिरकर 325.90 रुपये, EID Parry 2.22 फीसदी गिरकर 792.30 रुपये और Dhampur Sugar Mills 1.99 फीसदी गिरकर 185.99 रुपये पर आ गया. Avadh Sugar & Energy में 1.53 फीसदी, Bajaj Hindusthan Sugar में 1.41 फीसदी और Shree Renuka Sugars में 1.03 फीसदी की गिरावट रही.
करीब 10 साल बाद शुगर इंपोर्ट का बड़ा फैसला
सरकार ने गुरुवार को 10 लाख मीट्रिक टन रॉ शुगर के ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट की अनुमति दी है. भारत में सामान्य तौर पर शुगर इंपोर्ट पर 100 फीसदी ड्यूटी लगती है. ऐसे में यह फैसला घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
यह करीब एक दशक में भारत का पहला बड़ा शुगर इंपोर्ट कदम है. पिछले कुछ समय में सप्लाई में कमी के कारण घरेलू शुगर प्राइसेज में तेज बढ़ोतरी हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 2 महीनों में शुगर प्राइसेज करीब 40 फीसदी बढ़ी हैं.
फेस्टिवल सीजन से पहले सप्लाई बढ़ाने की तैयारी
सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब देश में फेस्टिवल सीजन शुरू होने वाला है. इस दौरान मिठाई और कन्फेक्शनरी की मांग बढ़ने के साथ बड़े खरीदार भी इन्वेंटरी बढ़ाते हैं. ऐसे में 31 अक्टूबर तक का इंपोर्ट विंडो घरेलू बाजार में अतिरिक्त सप्लाई पहुंचाने में मदद कर सकता है.
पोर्ट-बेस्ड शुगर रिफाइनरीज को इस 10 लाख टन के इंपोर्ट कोटा के तहत अलोकेशन के लिए आवेदन करने की अनुमति होगी. ये रिफाइनरीज आम तौर पर रॉ शुगर को ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट कर उसे रिफाइन करके एक्सपोर्ट करती हैं. अब पहले से इंपोर्टेड रॉ शुगर से तैयार रिफाइंड शुगर को भी अक्टूबर के अंत तक घरेलू बाजार में बेचने की अनुमति दी गई है.
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