Buyback प्राइस से 15 से 25 फीसदी नीचे ट्रेड कर रहे ये 2 कैश-रिच शेयर; रडार पर रखें स्टॉक्स
कई कंपनियां खुद अपने शेयर वापस खरीदने यानी Buyback का रास्ता अपना रही हैं. इसे बाजार में अक्सर कंपनी के भरोसे और मजबूत बैलेंस शीट का संकेत माना जाता है. ऐसे में दो कंपनियां खास चर्चा में हैं, जिनके शेयर अभी भी अपने Buyback प्राइस से 15 फीसदी से 25 फीसदी नीचे ट्रेड कर रहे हैं.

पिछले दो सालों में शेयर बाजार ने निवेशकों को काफी उतार-चढ़ाव दिखाया है. कई ऐसे शेयर, जो पहले प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड करते थे, अब अपने हाई लेवल से काफी नीचे आ चुके हैं. ऐसे माहौल में कंपनियां अब अपने शेयरों में वैल्यू देखने लगी हैं और यही वजह है कि बायबैक फिर से चर्चा में आ गए हैं. पहले जहां बुल मार्केट में प्रमोटर्स हिस्सेदारी बेचकर मुनाफा वसूलते थे, वहीं अब कई कंपनियां खुद अपने शेयर वापस खरीदने यानी Buyback का रास्ता अपना रही हैं. इसे बाजार में अक्सर कंपनी के भरोसे और मजबूत बैलेंस शीट का संकेत माना जाता है. ऐसे में दो कंपनियां खास चर्चा में हैं, जिनके शेयर अभी भी अपने Buyback प्राइस से 15 फीसदी से 25 फीसदी नीचे ट्रेड कर रहे हैं. ऐसे में इन शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है.
Kajaria Ceramics: Buyback प्राइस से करीब 25 फीसदी नीचे शेयर
टाइल्स और सेरामिक सेक्टर की दिग्गज कंपनी Kajaria Ceramics ने 297 करोड़ रुपये के Buyback का ऐलान किया है. कंपनी 21.5 लाख शेयर 1,380 रुपये प्रति शेयर के भाव पर वापस खरीदेगी. दिलचस्प बात यह है कि कंपनी का शेयर फिलहाल करीब 1,100 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है. यानी Buyback प्राइस मौजूदा बाजार भाव से करीब 25 फीसदी ज्यादा है.
कंपनी ने Buyback क्यों चुना?
कंपनी के मुताबिक, उसके पास मजबूत कैश रिजर्व है और मौजूदा कैश CAPEX जरूरतों से ज्यादा है. ऐसे में डिविडेंड देने के बजाय Buyback को ज्यादा टैक्स एफिशिएंट तरीका माना गया है. इससे Return on Equity यानी ROE बेहतर करने में भी मदद मिलेगी.
कंपनी का कारोबार कितना मजबूत?
Kajaria Ceramics भारत की सबसे बड़ी सिरेमिक और विट्रिफाइड टाइल्स निर्माता कंपनियों में शामिल है. कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता 87.80 मिलियन स्क्वायर मीटर है और इसके 9 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं. टाइल्स के अलावा कंपनी Kerovit ब्रांड के तहत सैनिटरीवेयर, फॉसेट्स, टाइल एडहेसिव और प्लाइवुड कारोबार में भी मौजूद है.
वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा?
कंपनी की कुल बिक्री 4 फीसदी बढ़कर 4,830 करोड़ रुपये रही. EBITDA 36 फीसदी उछलकर 865 करोड़ रुपये पहुंच गया. EBITDA मार्जिन 18 फीसदी पर पहुंच गया, जबकि नेट प्रॉफिट 62 फीसदी बढ़कर 487 करोड़ रुपये हो गया.
Buyback से निवेशकों को बड़ा संकेत?
फार्मा सेक्टर की CDMO कंपनी Windlas Biotech ने भी Buyback का ऐलान किया है. कंपनी 4.7 लाख इक्विटी शेयर 1,000 रुपये प्रति शेयर के भाव पर वापस खरीदेगी. फिलहाल शेयर करीब 868 रुपये पर ट्रेड कर रहा है. यानी Buyback प्राइस मौजूदा कीमत से करीब 15 फीसदी प्रीमियम पर है. कंपनी का कुल Buyback साइज 47 करोड़ रुपये का है, जो इसके कुल इक्विटी कैपिटल और फ्री रिजर्व का करीब 9.8 फीसदी है.
कंपनी की खासियत क्या है?
Windlas Biotech भारत की बड़ी Generic Formulations CDMO कंपनियों में शामिल है. कंपनी फार्मा वैल्यू चेन के कई हिस्सों में काम करती है, जिसमें फॉर्मूलेशन डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग और मार्केटिंग शामिल हैं. कंपनी की सबसे बड़ी ताकत यह है कि उसके लगभग 100 फीसदी CDMO प्रोडक्ट्स की Intellectual Property यानी IP खुद कंपनी के पास है. Windlas देश की टॉप फार्मा कंपनियों के साथ काम करती है. कंपनी की कुल कमाई में करीब 73 फीसदी हिस्सा CDMO बिजनेस से आता है.
वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा?
9MFY26 में कंपनी का रेवेन्यू 19 फीसदी बढ़कर 666 करोड़ रुपये पहुंच गया. CDMO बिजनेस भी 19 फीसदी बढ़ा. EBITDA 16 फीसदी बढ़कर 79 करोड़ रुपये रहा, जबकि नेट प्रॉफिट 13 फीसदी बढ़कर 50 करोड़ रुपये हो गया.
Buyback क्या देता है संकेत?
आमतौर पर जब कोई कंपनी Buyback करती है, तो बाजार इसे मैनेजमेंट के भरोसे का संकेत मानता है. इससे कंपनी के शेयरों की संख्या घटती है, जिससे EPS और ROE जैसे रेशियो बेहतर हो सकते हैं.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.