₹700 करोड़ की ऑर्डर बुक और हजारों करोड़ के टेंडर, क्या रॉकेट बनने को तैयार है ये 2 शिपबिल्डिंग स्टॉक्स?
भारत ने 2047 तक दुनिया के शीर्ष 5 जहाज निर्माण देशों में शामिल होने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए रक्षा क्षेत्र, वाणिज्यिक जहाजों और जहाज मरम्मत उद्योग में बड़े निवेश की तैयारी चल रही है. अगले 10 वर्षों में भारत में करीब 20 अरब डॉलर यानी लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के नए जहाजों की मांग पैदा हो सकती है.

Ship builders stocks: भारत दुनिया के कुल व्यापार का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा समुद्री रास्ते से करता है, लेकिन जहाज निर्माण के मामले में उसकी हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से भी कम है. अब सरकार इस स्थिति को बदलना चाहती है. भारत ने 2047 तक दुनिया के शीर्ष 5 जहाज निर्माण देशों में शामिल होने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए रक्षा क्षेत्र, वाणिज्यिक जहाजों और जहाज मरम्मत उद्योग में बड़े निवेश की तैयारी चल रही है.
अगले 10 वर्षों में भारत में करीब 20 अरब डॉलर यानी लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के नए जहाजों की मांग पैदा हो सकती है. वहीं भारतीय नौसेना भी 2030 तक अपने युद्धपोत बेड़े को करीब 80 प्रतिशत तक बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है. ऐसे में जहाज निर्माण क्षेत्र की कुछ कंपनियां निवेशकों के रडार पर आ गई हैं. इनमें Knowledge Marine & Engineering Works (KMEW) और Swan Defence & Heavy Industries (SDHI) प्रमुख नाम हैं.
भारत में बढ़ रहा जहाज निर्माण का अवसर
- भारत सरकार देश में जहाज निर्माण उद्योग को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है.
- रक्षा जरूरतों के अलावा व्यापारिक जहाजों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है.
- इसी वजह से निजी और सरकारी दोनों कंपनियां इस सेक्टर में अपनी क्षमता बढ़ा रही हैं.
- जहाज मरम्मत का बाजार भी 2033 तक 1.7 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है.
KMEW ने जहाज निर्माण में बढ़ाया कदम
- Knowledge Marine & Engineering Works ने हाल ही में कमर्शियल शिपबिल्डिंग सेक्टर में प्रवेश किया है.
- कंपनी ने अगस्त 2025 में Kamal Marine का अधिग्रहण किया, जिसे बाद में Knowledge Shipyard नाम दिया गया.
- कंपनी मुख्य रूप से छोटे जहाज, टग बोट और विशेष उपयोग वाले समुद्री जहाज बनाने पर ध्यान दे रही है.
- KMEW को 230 करोड़ रुपये से ज्यादा के ऑर्डर मिले हैं.
- इसके अलावा विशाखापत्तनम और VOC पोर्ट से 15 साल के लिए ग्रीन टग बोट निर्माण और संचालन का अनुबंध भी मिला है.
- इन सभी ऑर्डरों का कुल मूल्य लगभग 700 करोड़ रुपये है.
ग्रीन जहाजों पर बड़ा दांव
- कंपनी पर्यावरण अनुकूल ग्रीन टग बोट के निर्माण पर भी काम कर रही है.
- भारत में आने वाले वर्षों में 120 से 130 ग्रीन टग बोट की जरूरत होगी.
- इसी अवसर को देखते हुए कंपनी कई बड़े बंदरगाहों की निविदाओं में हिस्सा ले रही है.
- FE के मुताबिक KMEW अगले तीन वर्षों में अपने शिपबिल्डिंग कारोबार से 500 से 700 करोड़ रुपये तक का रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य रख रही है.
Swan Defence की बड़ी वापसी
Swan Defence & Heavy Industries, जिसे पहले Reliance Naval & Engineering के नाम से जाना जाता था, अब नए प्रबंधन के तहत तेजी से विस्तार कर रही है. गुजरात के पिपावाव में स्थित कंपनी के पास भारत का सबसे बड़ा ड्राई डॉक है, जो दुनिया के सबसे बड़े ड्राई डॉक में भी शामिल है. कंपनी ने Mazagon Dock, GRSE, Samsung Heavy Industries और Fincantieri जैसी बड़ी कंपनियों के साथ साझेदारी की है.
हजारों करोड़ के ऑर्डर पर नजर
- Swan Defence को हाल ही में 1,500 करोड़ से 3,000 करोड़ रुपये के बीच का एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर मिला है.
- इसके अलावा कंपनी को लगभग 2,080 करोड़ रुपये का एक और बड़ा ऑर्डर भी मिला है.
- कंपनी भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल की कई बड़ी परियोजनाओं में भी भाग लेने की तैयारी कर रही है.
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