फ्लैट डिमांड के बावजूद 6000 करोड़ का दांव, ट्रैक्टर कंपनियों का बड़ा गेम प्लान, इन 2 स्टॉक्स पर रखें नजर
देश की ट्रैक्टर कंपनियां फ्लैट डिमांड के बावजूद 6000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही हैं. Mahindra & Mahindra, Escorts Kubota और अन्य कंपनियां एक्सपोर्ट, टेक्नोलॉजी और ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर फोकस बढ़ा रही हैं. मजबूत बैलेंस शीट और कम कर्ज इस रणनीति को सपोर्ट कर रहे हैं.
Tractor Industry India: देश की ट्रैक्टर इंडस्ट्री एक दिलचस्प मोड़ पर खड़ी है. जहां एक तरफ FY27 में घरेलू मांग सिर्फ 0 से 2 फीसदी तक बढ़ने का अनुमान है, वहीं दूसरी तरफ कंपनियां करीब 6000 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश करने की तैयारी में हैं. यह कदम पारंपरिक सोच से अलग है, क्योंकि आमतौर पर कंपनियां धीमी मांग के समय खर्च कम करती हैं. अब ट्रैक्टर कंपनियां घरेलू बाजार से आगे बढ़कर एक्सपोर्ट, टेक्नोलॉजी और ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर फोकस कर रही हैं. मजबूत बैलेंस शीट और कम कर्ज इस रणनीति को सपोर्ट कर रहे हैं.
क्यों हो रहा भारी निवेश
ट्रैक्टर सेक्टर आमतौर पर मानसून और ग्रामीण मांग पर निर्भर रहता है. लेकिन इस बार कंपनियां स्लोडाउन के बावजूद निवेश बढ़ा रही हैं. CRISIL के अनुसार ऑपरेटिंग मार्जिन 13 से 13.5 फीसदी के आसपास स्थिर रहने की उम्मीद है. यही वजह है कि कंपनियां अपने विस्तार प्लान को आगे बढ़ा रही हैं. कम कर्ज और मजबूत कैश फ्लो के कारण कंपनियां बिना ज्यादा उधार लिए निवेश करने की स्थिति में हैं.
Mahindra & Mahindra का सबसे बड़ा दांव
इस निवेश में सबसे आगे Mahindra & Mahindra है, जो अकेले करीब आधा कैपेक्स कर रही है. कंपनी अपने फार्म इक्विपमेंट बिजनेस में 2000 से 2500 करोड़ रुपये निवेश कर रही है. नागपुर में एक बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्लांट पर काम चल रहा है, जो ग्लोबल प्लेटफॉर्म को सपोर्ट करेगा. इससे साफ है कि कंपनी अब सिर्फ घरेलू बाजार नहीं, बल्कि इंटरनेशनल मार्केट पर भी नजर रख रही है. इसका शेयर शु्क्रवार को 2.29 फीसदी की गिरावट के बाद 3041 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे. कंपनी ने अपने निवेशकों को 5 साल में 277 फीसदी रिटर्न दिया है.
टेक्नोलॉजी पर बढ़ता फोकस
Escorts Kubota भी उत्तर प्रदेश में 2268 करोड़ रुपये का नया प्लांट लगा रही है. इसका मकसद भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का हिस्सा बनाना है. इसके अलावा TAFE और Sonalika एक्सपोर्ट के लिए नए ट्रैक्टर विकसित कर रही हैं. मल्टीनेशनल कंपनियां भी प्रिसिजन एग्रीकल्चर और हाई टेक मशीनरी में निवेश बढ़ा रही हैं, जिससे सेक्टर में बदलाव साफ दिख रहा है. इसका शेयर शुक्रवार को 4.21 फीसदी की गिरावट के बाद 2842 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे. कंपनी ने अपने निवेशकों को 5 साल में 122 फीसदी रिटर्न दिया है.
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क्या हैं रिस्क
हालांकि FY26 में ट्रैक्टर बिक्री में 22 फीसदी की मजबूत ग्रोथ देखी गई, लेकिन आगे मांग धीमी रह सकती है. मौसम और मानसून का असर अभी भी बना हुआ है. इसके अलावा सेक्टर साइक्लिकल है, जिससे उतार चढ़ाव बना रहता है. फिर भी मजबूत बैलेंस शीट और ग्लोबल फोकस के चलते ट्रैक्टर कंपनियां लॉन्ग टर्म ग्रोथ के लिए खुद को तैयार कर रही हैं. अगर यह रणनीति सफल होती है, तो आने वाले समय में सेक्टर में नई तेजी देखने को मिल सकती है.
