होली पर बिगड़ेगा बाजार का मूड! USA मार्केट क्रैश, Gift Nifty और एशियाई इंडेक्स भी धड़ाम, जानें क्यों बढ़ी टेंशन
होली के दिन भारतीय शेयर बाजार कमजोर शुरुआत कर सकते हैं क्योंकि Gift Nifty में 700 से अधिक अंकों की गिरावट दर्ज हुई है. US-ईरान तनाव के बीच एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली और ब्रेंट क्रूड की कीमत 83 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है. Dow Jones, S&P 500 और Nasdaq भी दबाव में हैं. होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ते जोखिम से तेल सप्लाई और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी है. इन वैश्विक संकेतों के चलते Sensex और Nifty पर दबाव रहने की आशंका है.
Holi market outlook: होली के दिन यानी 4 मार्च को जब भारतीय शेयर बाजार खुलेंगे, तो माहौल चिंता भरा नजर आ सकता है. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान में जारी सैन्य टकराव ने वैश्विक बाजारों का मूड बिगाड़ दिया है. Gift Nifty में भारी गिरावट, एशियाई बाजारों में बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने निवेशकों की धड़कन बढ़ा दी है. ये सभी संकेत साफ इशारा कर रहे हैं कि Sensex और Nifty की शुरुआत कमजोर रह सकती है.
USA मार्केट क्रैश और यूरोप भी दबाव में
अमेरिकी मार्केट में भी दबाव साफ नजर आ रहा है. भारतीय समय के अनुसार रात 9 बजे Dow Jones 1,123.82 अंक यानी 2.31 फीसदी की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था. वहीं S&P 500 में 2.22 फीसदी और Nasdaq में 2.52 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. Wall Street फ्यूचर्स में भी गिरावट देखी गई, जिससे अमेरिकी बाजारों में कमजोर शुरुआत के संकेत मिले.
यूरोप में Stoxx Europe 600 इंडेक्स करीब 3.63 फीसदी नीचे ट्रेड करता दिखा. US द्वारा ईरान पर सैन्य कार्रवाई और उसके जवाब में ईरान की ओर से सख्त रुख ने हालात को और गंभीर बना दिया है. ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया है, जो वैश्विक तेल और गैस सप्लाई का अहम रास्ता है.
| बाजार / सूचकांक | गिरावट (अंक) | गिरावट (प्रतिशत) |
|---|---|---|
| अमेरिकी बाजार | ||
| Dow Jones | 1,123.82 | 2.31% |
| S&P 500 | 150 | 2.22% |
| Nasdaq | 470.34 | 2.52% |
| यूरोपीय बाजार | ||
| Stoxx Europe 600 | 21.85 | 3.63% |
Gift Nifty में 733 अंकों की गिरावट
मंगलवार को घरेलू बाजार होली के कारण बंद रहे, लेकिन वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल जारी रही. रात करीब 9 बजे Gift Nifty फ्यूचर्स 24,257 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जो 735 अंक यानी लगभग 2.87 फीसदी की गिरावट दर्शा रहा था. यह संकेत है कि बुधवार को भारतीय बाजार दबाव में खुल सकते हैं. ईरान में जारी संघर्ष के चौथे दिन हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं. तेल सप्लाई बाधित होने की आशंका ने निवेशकों को जोखिम से दूर रहने पर मजबूर कर दिया है.
एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली
एशियाई बाजारों में भी तेज गिरावट देखने को मिल रही है. South Korea का Kospi इंडेक्स 7.81 फीसदी टूट गया, जो अगस्त 2024 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट है. Japan का Nikkei 225 1,778 अंक यानी 3 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है, जबकि Hong Kong का Hang Seng और Shanghai Composite भी 1 फीसदी से अधिक गिर गए हैं.
| देश | सूचकांक | गिरावट (प्रतिशत) |
|---|---|---|
| दक्षिण कोरिया | Kospi | 7.81% |
| जापान | Nikkei 225 | 3% से अधिक |
| हांगकांग | Hang Seng | 1% से अधिक |
| चीन | Shanghai Composite | 1% से अधिक |
कच्चे तेल में उछाल, बढ़ी महंगाई की चिंता
ब्रेंट क्रूड रात 9 बजे तक 83.84 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया. सोमवार को इसमें 7 फीसदी से ज्यादा तेजी देखी गई थी. तेल की कीमतों में तेजी भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए चिंता का विषय है. इससे महंगाई बढ़ने, इनपुट कॉस्ट में इजाफा और कॉरपोरेट मुनाफे पर दबाव बढ़ने की आशंका है.
यह भी पढ़ें: इस डिफेंस कंपनी पर बुधवार को एक बार फिर रहेगी नजर, 2901 करोड़ के हेलीकॉप्टर कॉन्ट्रैक्ट के बाद चर्चा में रहेंगे शेयर
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
