विजय केडिया ने खरीदे 10 लाख शेयर, ये Maruti-Tata सप्लायर स्टॉक 1 हफ्ते में 19% उछला, क्या आपसे मौका छूट रहा?

ऑटो एंसिलरी कंपनी Precision Camshafts में दिग्गज निवेशक विजय केडिया ने 10 लाख शेयर खरीदे हैं. कंपनी के नतीजे मिलेजुले रहे हैं, लेकिन मुनाफे में सुधार और मजबूत ऑर्डर बुक भविष्य की ग्रोथ का संकेत दे रहे हैं. ऐसे में निवेशकों को इस स्टॉक को नजर में बनाए रखना फायदेमंद साबित हो सकता है.

ऑटा स्टॉक्स Image Credit: money9live/CanvaAI

Share Market news Update: ऑटो और ऑटो-कंपोनेंट सेक्टर इस समय मजबूत मांग और बढ़ते एक्सपोर्ट के दम पर तेज रफ्तार में है. ऐसे माहौल में छोटे और मिडकैप स्टॉक्स पर बड़े निवेशकों की नजर बढ़ना स्वाभाविक है. इसी कड़ी में अब फोकस में है प्रिसिजन कैमशाफ्ट्स लिमिटेड, जहां दिग्गज निवेशक विजय केडिया ने नई हिस्सेदारी खरीदी है. यह निवेश ऐसे समय पर किया गया है जब कंपनी के नतीजे मिलेजुले रहे हैं, लेकिन भविष्य के ऑर्डर और विस्तार योजनाएं मजबूत संकेत दे रही हैं.

विजय केडिया की एंट्री, क्या है संकेत

दिग्गज निवेशक विजय केडिया ने प्रिसिजन कैमशाफ्ट्स में करीब 1.1% हिस्सेदारी खरीदी है. उन्होंने लगभग 10 लाख शेयर 14.1 करोड़ रुपये में लिए हैं. यह कदम ऑटो एंसिलरी सेक्टर में उनकी बढ़ती दिलचस्पी को दिखाता है. केडिया का पोर्टफोलियो पहले से 18 स्टॉक्स का है, जिसकी कुल वैल्यू 1,100 करोड़ रुपये से ज्यादा है. ऐसे में इस स्टॉक में उनकी एंट्री निवेशकों के लिए एक अहम संकेत मानी जा रही है.

शेयर की चाल और मार्केट पोजिशन

कंपनी का मार्केट कैप करीब 1,353 करोड़ रुपये है. हाल ही में शेयर 143 रुपये पर बंद हुआ. बीते 1 हफ्ते में 19 फीसदी का रिटर्न दे दिया है. हालांकि ऑल टाइम रिटर्न देखें तो स्टॉक अभी भी निगेटिव में है, लेकिन मार्केट एक्सपर्ट के मुताबिक सेक्टर की मजबूती इसे सपोर्ट दे सकती है.

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रेवेन्यू गिरा, मुनाफा बढ़ा

कंपनी के हालिया नतीजों में तस्वीर थोड़ी मिश्रित रही. रेवेन्यू 8.1% घटकर 194.55 करोड़ रुपये से 178.68 करोड़ रुपये पर आ गया. यह मांग या कीमतों पर दबाव का संकेत देता है. लेकिन अच्छी बात यह रही कि कंपनी घाटे से मुनाफे में आ गई. पिछले साल 6.36 करोड़ रुपये के नुकसान के मुकाबले इस बार 9.21 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ. यह बेहतर लागत नियंत्रण और ऑपरेशनल सुधार का नतीजा है.

ऑपरेटिंग प्रॉफिट और मार्जिन में सुधार देखने को मिला है. ऑपरेटिंग प्रॉफिट 8.15 करोड़ से बढ़कर 14.42 करोड़ रुपये हो गया, जबकि OPM 4.19% से बढ़कर 8.07% पहुंचा. इससे साफ है कि कंपनी धीरे-धीरे अपनी दक्षता बढ़ा रही है, लेकिन अभी भी पुराने उच्च स्तर से नीचे है.

ऑर्डर बुक और ग्रोथ विजिबिलिटी

कंपनी की ऑर्डर बुक 2032 तक मजबूत है, जिसमें करीब 1,500 करोड़ रुपये की संभावित वैल्यू है. नए ऑर्डर में मारुति सुजुकी से सालाना 12.4 लाख यूनिट और टाटा मोटर्स से 2.8 लाख यूनिट शामिल हैं. इससे आने वाले वर्षों के लिए मजबूत मांग का संकेत मिलता है.

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कंपनी का करीब 50% कारोबार एक्सपोर्ट से आता है. यूरोप और नॉर्थ अमेरिका में बढ़ती लागत के चलते भारत एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग हब बन रहा है. इसी को देखते हुए कंपनी 120 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है. सोलापुर में नई यूनिट का काम तेजी से चल रहा है, जो इस साल पूरी होने की उम्मीद है.

प्रिसिजन कैमशाफ्ट्स में सुधार के संकेत जरूर दिख रहे हैं. बड़े निवेशक की एंट्री, मजबूत ऑर्डर बुक और विस्तार योजनाएं इसे फोकस में ला रही हैं, लेकिन निवेश से पहले जोखिम और उतार-चढ़ाव को समझना भी जरूरी है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.

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