Closing Bell: निफ्टी 359 और सेंसेक्स 1092 अंक टूटा, निवेशकों के डूबे ₹4.96 लाख करोड़; जानें क्यों आई बड़ी गिरावट
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स 1092 अंक और निफ्टी 359 अंक टूटकर बंद हुए. इस गिरावट से निवेशकों को 4.96 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ता जियोपॉलिटिकल टेंशन ने बाजार पर दबाव बनाया है.
Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को जोरदार गिरावट देखने को मिली है. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेजी देखी गई थी, हालांकि बाद में यह तेजी गिरावट में बदल गई. ईरान-अमेरिका के बीच जियोपॉलिटिकल टेंशन के कारण सप्लाई चेन में रुकावट की आशंका बढ़ी है, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है. शुक्रवार को सेंसेक्स 1092.06 अंक या 1.44 फीसदी गिरकर 74,775.74 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 359.40 अंक या 1.50 फीसदी गिरकर 23,907.15 पर बंद हुआ. एनएसई पर कुल 3422 शेयरों में से 2171 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 1145 शेयरों में तेजी देखने को मिली. वहीं, 106 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ. और इस वजह से निवेशकों को 4.96 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ .
टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स
अगर टॉप गेनर्स की बात करें तो इसमें टेक महिंद्रा, HCL Tech, Wipro, Nestle India Limited और L&T शामिल रहे. वहीं, POWERGRID, INDIGO, ONGC, MAXHEALTH और Eicher Motors में सबसे अधिक गिरावट देखने को मिली.
सेक्टोरल इंडेक्स
सेक्टोरल मोर्चे पर बैंक निफ्टी, निफ्टी टोटल मार्केट, FMCG, फार्मा और मेटल सेक्टर के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली. वहीं, निफ्टी IT में 0.60 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई.
बुधवार को भी हुई थी गिरावट
बुधवार को भी शेयर बाजार में हल्की गिरावट देखने को मिली थी. सेंसेक्स 142 अंक टूटकर 75,868 के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 7 अंक फिसलकर 23,907 पर आ गया था. इस दौरान ऑटो, मेटल और टेलीकॉम सेक्टर में बढ़त देखने को मिली थी, वहीं FMCG, बैंकिंग और ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली थी.
क्यों हुई गिरावट
बुधवार को विदेशी निवेशकों ने 1,040 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी, जिसका दबाव शुक्रवार को भी बाजार पर देखने को मिला. विदेशी निवेशक 2026 में अब तक 24.3 बिलियन डॉलर की बिकवाली कर चुके हैं, जो 2025 के आंकड़ों को भी पीछे छोड़ चुकी है. इसके अलावा, शुक्रवार को India VIX, जिसे बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेत माना जाता है, 8.08 फीसदी बढ़कर 16.19 पर पहुंच गया.
यह संकेत देता है कि बाजार में बिकवाली करने वाले निवेशक अधिक सक्रिय हैं. जियोपॉलिटिकल टेंशन ने भी मार्केट सेंटीमेंट को प्रभावित किया है. मानसून को लेकर भी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अनुमान जताया है कि देश में सामान्य से कम बारिश हो सकती है. इस चेतावनी के कारण शुक्रवार को एग्रीकल्चर से जुड़े शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली.
इसके अलावा एमएससीआई (MSCI) की लेटेस्ट रिव्यू के बाद शेयर बाजार में अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली. महज 10 मिनट के भीतर इंडेक्स करीब 850 अंक तक टूट गया. इसकी वजह ग्लोबल इंडेक्स प्रोवाइडर MSCI द्वारा अपने व्यापक रूप से ट्रैक किए जाने वाले ग्लोबल स्टैंडर्ड इंडेक्स में भारतीय शेयरों में बदलाव करना रहा.
नए बदलाव में चार भारतीय कंपनियों को इंडेक्स में शामिल किया गया है, जबकि चार कंपनियों को बाहर कर दिया गया है. इंडेक्स में शामिल होने वाली कंपनियां हैं — Federal Bank, Multi Commodity Exchange of India, National Aluminium Company और Indian Bank।वहीं, इंडेक्स से बाहर होने वाली कंपनियों में Hyundai Motor India, Jubilant FoodWorks, Kalyan Jewellers और Rail Vikas Nigam Limited शामिल हैं.हालांकि, इस बदलाव के बावजूद MSCI ग्लोबल स्टैंडर्ड इंडेक्स में भारत की हिस्सेदारी लगभग स्थिर बनी हुई है और यह करीब 12.3% पर कायम है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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