RBI की तिजोरी में रिकॉर्ड उछाल, ₹91.9 लाख करोड़ पहुंची बैलेंस शीट; सोना बना सबसे बड़ा सहारा
RBI की वित्तीय ताकत में पिछले एक साल के दौरान बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली है. सोने की कीमतों में तेज उछाल की वजह से RBI की बैलेंस शीट रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. RBI की ताजा सालाना रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में उसकी कुल बैलेंस शीट 20.6 प्रतिशत बढ़कर 91.9 लाख करोड़ रुपये हो गई.
RBI balance sheet: भारत के केंद्रीय बैंक RBI की वित्तीय ताकत में पिछले एक साल के दौरान बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली है. सोने की कीमतों में तेज उछाल की वजह से RBI की बैलेंस शीट रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. RBI की ताजा सालाना रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में उसकी कुल बैलेंस शीट 20.6 प्रतिशत बढ़कर 91.9 लाख करोड़ रुपये हो गई.
सोने और विदेशी मुद्रा भंडार की वैल्यू बढ़ने से RBI की संपत्ति में बड़ा इजाफा हुआ है. यही वजह है कि केंद्रीय बैंक की वित्तीय स्थिति पहले के मुकाबले और मजबूत दिखाई दे रही है. इसके साथ ही RBI ने सरकार को रिकॉर्ड 2.87 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड देने का भी ऐलान किया है, जिससे सरकार को वित्तीय मोर्चे पर बड़ी राहत मिलेगी.
RBI की बैलेंस शीट में बड़ी छलांग
- RBI की बैलेंस शीट 31 मार्च 2026 तक बढ़कर 91.9 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई, जो एक साल पहले 76.2 लाख करोड़ रुपये के आसपास थी.
- देश की GDP के मुकाबले RBI की बैलेंस शीट का आकार भी बढ़ा है.
- यह अब GDP का 26.4 प्रतिशत हो गया है, जबकि पिछले साल यह 23.7 प्रतिशत था.
| निवेश | वृद्धि |
|---|---|
| घरेलू निवेश (Domestic Investments) | +44.9% |
| सोना (Gold Holdings) | +63.8% |
| विदेशी निवेश (Foreign Investments) | +7.9% |
सोने और विदेशी निवेश से मिला फायदा
RBI की रिपोर्ट के मुताबिक उसकी संपत्तियों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी सोने, घरेलू निवेश और विदेशी निवेश की वजह से हुई. सोने की वैल्यू में 63.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. वहीं घरेलू निवेश 44.9 प्रतिशत और विदेशी निवेश 7.9 प्रतिशत बढ़ा. सोने की कीमतों में करीब 50 प्रतिशत की तेजी आई है. इसके अलावा रुपये में कमजोरी आने से विदेशी मुद्रा भंडार का मूल्य भी बढ़ गया.
सरकार को रिकॉर्ड डिविडेंड
- RBI ने हाल ही में केंद्र सरकार को 2.87 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड डिविडेंड देने का फैसला किया है.
- यह पिछले साल दिए गए 2.68 लाख करोड़ रुपये के डिविडेंड से भी ज्यादा है.
- इससे सरकार को राजकोषीय प्रबंधन में मदद मिलने की उम्मीद है.
- केंद्रीय बैंक ने अपने Contingent Risk Buffer यानी जोखिम सुरक्षा फंड में भी बड़ा योगदान दिया है.
- RBI ने FY26 में 1.09 लाख करोड़ रुपये इस फंड में ट्रांसफर किए हैं.
- पिछले साल यह राशि करीब 44,862 करोड़ रुपये थी.
सोने की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही
RBI के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है. 15 मई 2026 तक भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 688.9 अरब डॉलर था. इसमें करीब 79 प्रतिशत हिस्सा विदेशी मुद्रा संपत्तियों का है, जबकि 17 प्रतिशत हिस्सा सोने का है. एक साल पहले कुल भंडार में सोने की हिस्सेदारी सिर्फ 12 प्रतिशत थी. इससे साफ है कि RBI लगातार सोने पर अपना भरोसा बढ़ा रहा है.
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