Voltas और अन्य कंपनियों ने गर्मी से पहले AC की कीमतें बढ़ाने का किया ऐलान, शेयर हुए धड़ाम, जानें क्यों बढ़ेंगे दाम

गर्मी से पहले एसी कंपनियों ने कई मॉडलों की कीमतों में 5% से 15% तक बढ़ोतरी का ऐलान किया है. बढ़ती कॉपर कीमत, कमजोर रुपया, सप्लाई चेन खर्च और नए एनर्जी एफिशिएंसी नियम इसकी वजह हैं. खबर के बाद Voltas, LG Electronics और Blue Star जैसे एसी कंपनियों के शेयरों में बाजार में गिरावट देखी गई.

AC Stocks Image Credit: canva

देश में गर्मियों की शुरुआत से पहले एयर कंडीशनर (AC) की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. इस इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनियों ने फरवरी से अप्रैल के बीच कई मॉडलों की कीमतों में 5% से 15% तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है. बढ़ती लागत, सप्लाई चेन खर्च और कमजोर रुपये के कारण कंपनियों पर दबाव बढ़ा है. गर्मी के मौसम में एसी की मांग तेजी से बढ़ती है, ऐसे में कंपनियां आमतौर पर इसी समय कीमतों में संशोधन करती हैं ताकि बढ़ती लागत को संतुलित किया जा सके. इस खबर के बाद एसी सेक्टर से जुड़े शेयर निवेशकों की नजर में आ गए हैं और बाजार में इन कंपनियों के स्टॉक्स पर दबाव भी देखने को मिला.

किन शेयरों पर दिखा असर

सोमवार के कारोबार में LG Electronics, Voltas और Blue Star के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई. LG Electronics का शेयर करीब 3.58% गिरकर 1,523 रुपये पर पहुंच गया जबकि इसका पिछला बंद भाव 1,579.70 रुपये था. वहीं Voltas का शेयर करीब 1.66% फिसलकर 1,453.80 रुपये पर आ गया जो पिछले सत्र में 1,478.40 रुपये पर बंद हुआ था. इसी तरह Blue Star का शेयर भी करीब 4.16% गिरकर 1,867.30 रुपये पर पहुंच गया जो एक दिन पहले 1,948.50 रुपये पर बंद हुआ था.

कीमत बढ़ाने के पीछे ये हैं बड़े कारण

कच्चे माल की कीमतों में उछाल

एयर कंडीशनर बनाने में कॉपर (तांबा) का काफी इस्तेमाल होता है. हाल के महीनों में कॉपर और अन्य कमोडिटी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है जिससे एसी बनाने की लागत काफी बढ़ गई है.

कमजोर रुपया

भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है. एसी उद्योग में कई महत्वपूर्ण पार्ट्स और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट विदेशों से आयात किए जाते हैं. ऐसे में रुपये के कमजोर होने से आयात लागत बढ़ गई है, जिसका असर कीमतों पर पड़ रहा है.

सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स खर्च बढ़े

वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन में व्यवधान और फ्रेट चार्ज बढ़ने से कंपनियों की ऑपरेटिंग लागत भी बढ़ी है. खासतौर पर कंप्रेसर और इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स आयात करने वाली कंपनियों को ज्यादा लॉजिस्टिक्स खर्च उठाना पड़ रहा है.

नए एनर्जी एफिशिएंसी मानक

एसी के लिए नए एनर्जी एफिशिएंसी मानकों के लागू होने से कंपनियों को अपने प्रोडक्ट्स में अपग्रेड करना पड़ा है. नई स्टार-रेटिंग वाले मॉडल बिजली की बचत तो करते हैं लेकिन उनकी तकनीक और अनुपालन लागत ज्यादा होती है, जिससे कीमतें बढ़ रही हैं.

कंपनियों को मजबूत मांग की उम्मीद

इंडस्ट्री से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि इस साल सामान्य से ज्यादा गर्मी पड़ सकती है और एनर्जी एफिशिएंसी वाले एसी की मांग भी तेजी से बढ़ रही है. इसलिए कीमतें बढ़ने के बावजूद एसी की बिक्री मजबूत बनी रह सकती है.

क्या कर सकते हैं ग्राहक

फिलहाल कुछ डीलरों के पास पुराने स्टॉक मौजूद हैं, जो कीमत बढ़ोतरी से पहले खरीदे गए थे. ऐसे में ग्राहकों को कुछ समय तक पुराने दाम पर एसी मिल सकते हैं. हालांकि जैसे ही नया स्टॉक बाजार में आएगा, बढ़ी हुई कीमतें पूरी तरह लागू हो जाएंगी.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.