Asian Paints के शेयर की चमक क्यों पड़ रही फीकी? 4 साल के लो लेवल की तरफ फिसला स्टॉक
एशियन पेंट्स के शेयर लगातार टूट रहे हैं और 4 साल के अपने न्यूनतम गिरावट की तरफ फिसल रहे हैं. कंपनी को कई स्तर पर चुनौतियों का सामना करना पड़ा रहा है. ऐसे में निवेशकों के लिए कभी सबसे भरोसेमंद शेयर रहा एशियन पेंट का रंग फीका पड़ता हुआ नजर आ रहा है.

Asian Paints Share: 12 नवंबर 2024 को एशियन पेंट्स के शेयर साढ़े तीन साल में पहली बार 2,500 रुपये के लेवल से नीचे लुढ़के थे. अब ये ब्लूचिप स्टॉक पिछले 3 साल के सबसे खराब प्रदर्शन वाले निफ्टी स्टॉक की लिस्ट में शामिल होने की कतार में नजर आ रहे हैं. एशियन पेंट्स के स्टॉक ने 5 अप्रैल, 2021 को 2,484 रुपये का इंट्रा डे लो छुआ था. इसके बाद इस स्टॉक ने लगातार करीब साढ़े तीन साल तक 2,500 रुपये के लेवल से ऊपर ही कारोबार किया. लेकिन 12 नवंबर के दिन ये फिसला और 2,500 के नीचे आ गया. तब से स्टॉक लगातार टूट ही रहा है. 23 दिसंबर यानी आज एशियन पेंट्स के शेयर मामूली गिरावट के साथ 2,281.95 रुपये पर कारोबार कर रहे थे.
37 फीसदी टूट चुका है शेयर
निवेशक, एशियन पेंट्स को ‘खरीदो और भूल जाओ’ वाली कैटेगरी के शेयर के रूप में देखते थे. लेकिन अब ये स्टॉक 3,590 रुपये के अपने ऑल टाइम हाई लेवल की तुलना में 37 फीसदी टूट चुका है, जिससे इसके मार्केट कैप में 1.3 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई है. एशियन पेंट्स के शेयर में आ रही लगातार गिरावट के पीछे कई फैक्टर्स हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि अभी स्टॉक पर दबाव बना रहेगा.
शेयर में गिरावट के पीछे के फैक्टर्स
कमजोर खपत, मार्जिन में गिरावट और बिड़ला ओपस जैसी दिग्गज कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते एशियन पेंट्स बुरी तरह प्रभावित हुआ है.डेकोरेटिव पेंट्स इंडस्ट्री में एशियन पेंट्स घरेलू बाजार में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखती है. लेकिन कंपनी पिछली चार तिमाहियों से कमजोर वॉल्यूम रिपोर्ट कर रही है. त्यौहारी सीजन के बावजूद अक्टूबर-नवंबर में वॉल्यूम में सिंगल डिजिट में गिरावट देखने को मिली थी. हालांकि, ऐसा नहीं है कि सिर्फ एशियन पेंटस् के कारोबार में सुस्ती आई है, बल्कि पेंट्स इंडस्ट्री को सितंबर तिमाही (Q2FY25) के दौरान मांग में कमी का सामना करना पड़ा.
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सितंबर तिमाही (Q2FY25) के वित्तीय नतीजे
- कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 694.64 करोड़, गिरावट (YoY) 42 फीसदी
- सेल रेवेन्यू 8,003.02 करोड़, गिरावट (YoY) 5.3 फीसदी
- तिमाही के दौरान पेंट्स उद्योग को डिमांड में गिरावट़़
- वित्त वर्ष 25 के लिए 4.25 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंट का ऐलान किया था
ऑपरेशनल मार्जिन
एशियन पेंट्स ने 9 नवंबर को अपने Q2FY25 परिणामों की घोषणा करते हुए कहा था कि पिछले साल की गई कीमतों में कटौती, हाई मैटेरियल प्राइस और बिक्री खर्च में इजाफे से ऑपरेशनल मार्जिन प्रभावित हुआ. बढ़ते जियो-पॉलिटिकल तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर भी एशियन पेंट्स पर पड़ा है. पेंट प्रोडक्ट्स को बनाने में क्रूड ऑयल प्रमुख सेगमेंट है और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से पेंट्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ता है और उनकी इनपुट लागत बढ़ जाती है.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
रेलिगेयर ब्रोकिंग में रिसर्च एनालिसस के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट रवि सिंह कहते हैं कि एशिएन पेंट्स के शेयर में फिलहाल तेजी आती नजर नहीं आ रही है. उनका कहना है कि प्रोडक्ट की डिमांड नजर नहीं आ रही है. साथ ही क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों की वजह से कंपनी के मार्जिन पर असर पड़ा है. हालांकि, रवि सिंह कहते हैं कि अगर आने वाले दिनों में एशियन पेंटस् के शेयर में तेजी आती भी है, तो ये पांच फीसदी तक उछल सकते हैं, लेकिन अभी ये 2,500 रुपये के लेवल को फिलहाल हिट करता हुआ नजर नहीं आ रहा.
बिड़ला ओपस से मिल रही जोरदार टक्कर
दूसरी तरफ उद्योग में मंदी के बावजूद बिरला ओपस बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहा है, क्योंकि डीलरों में इस नए ब्रांड को अतिरिक्त पेंट्स ब्रांड के रूप में जोड़ने का उत्साह है. बिड़ला ओपस आक्रामक कीमतों के साथ बाजार में एशियन पेंट्स को चुनौती देने की कोशिश कर रहा है. इस बीच कंपनी के सीनियर मैनजमेंट से कुछ अधिकारियों ने इस्तीफा भी दे दिया है. होम इम्प्रूवमेंट डेकोर सर्विसेज एंड रिटेलिंग के वाइस प्रेसिडेंट श्याम स्वामी और रिटेल सेल्स, कमर्शियल और मार्केटिंग के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट विशु गोयल ने कंपनी से इस्तीफा भी दे दिया है.
नुवामा के एक्सपर्ट का भी मानना है कि शहरी मंदी, हाई बेस प्रभाव और बिरला से प्रतिस्पर्धा के कारण वित्त वर्ष 25 की दूसरी छमाही में एशियन पेंट्स बर्जर पेंट्स और इंडिगो जैसी छोटी कंपनियों की तुलना में धीमी गति से बढ़ेगी. देश के पेंट्स के बाजार में एक बड़ी कंपनी होने के चलते एशियन पेंट्स को नई प्रतिस्पर्धा से अधिक प्रभावित होना पड़ा है. बिड़ला ओपस ने बड़े शहरों में भी प्रवेश किया है.
कब आएगी शेयरों में तेजी
मार्केट और पेंट्स करोबार के जानकार कहते हैं कि एशियन पेंट्स के शेयरों में गिरावट आगे भी नजर आ सकती है. एक बार जब बिरला ओपस बाजार में जब अपनी मनचाही हिस्सेदारी हासिल कर लेगा, तो फिर सभी दिग्गज का फोकस प्रॉफिट कमाने की तरफ बढ़ेगा. तब शेयरों में गिरावट नजर आ सकती है. जब डिमांड बढ़ेगी, तब एशियन पेंट्स के शेयर में तेजी नजर आएगी.
चूंकि एशियन पेंट्स का इंडेक्सेशन बड़े शहरों में अधिक है. इसलिए महंगाई दर का फैक्टर भी इसके कारोबार को प्रभावित कर रहा है. खाद्य मुद्रास्फीति, हाई हाउस रेंट, सैलरी में कम बढ़ोतरी और हाई ब्याज दर के कारण मंदी का खामियाजा शहरी लोगों को भुगतना पड़ा है. इसलिए पेंट्स के प्रोडेक्ट्स की डिमांड में गिरावट आई है और इसका बड़ा प्रभाव एशियन पेंट्स पर पड़ा है.
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