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शेयर बाजार में त्राहिमाम! सेंसेक्स 1000 अंकों से ज्यादा टूटा, इन 6 वजहों से निवेशकों के डूबे ₹3.5 लाख करोड़

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने हाल ही में मानसून के अनुमान में कटौती की है. अब इस साल सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई गई है. साथ ही एल नीनो के संकेत भी सामने आए हैं, जो मानसून को प्रभावित कर सकते हैं. भारत की बड़ी आबादी और कृषि क्षेत्र अभी भी मानसून पर निर्भर है.

अभी कितना गिरेगा मार्केट Image Credit: Money9 Live

Why Share Market Crashed Today : बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली. अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक आर्थिक चिंताओं के बीच निवेशकों ने जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनानी शुरू कर दी. 12 बजे तक निफ्टी 300 अंकों से ज्यादा टूटकर 23200 के नीचे आ गया, जबकि सेंसेक्स में करीब 1000 अंकों की गिरावट दर्ज की गई. बैंकिंग शेयरों में भी दबाव देखने को मिला और बैंक निफ्टी 600 अंकों से ज्यादा फिसल गया. आइए जानते हैं वे पांच प्रमुख वजहें, जिनके चलते आज बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली. इस गिरावट के बाद निवेशकों के करीब 3.5 लाख करोड़ रुपये डूब गए.

अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से बढ़ी वैश्विक चिंता

बाजार पर सबसे बड़ा दबाव पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का रहा. अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में प्रगति नहीं होने के बाद क्षेत्र में तनाव फिर बढ़ गया है. रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान की ओर से किए गए मिसाइल हमलों और सैन्य गतिविधियों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है.

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से बढ़ा महंगाई का डर

पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है. तेल की कीमतों में तेजी के बाद निवेशकों को भारत में महंगाई बढ़ने की चिंता सताने लगी है. भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है. ऐसे में तेल के महंगे होने से आयात बिल बढ़ सकता है और अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है. जानकारों अनुसार कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से चालू खाते का घाटा, महंगाई और रुपये पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है.

IT शेयरों में भयंकर बिकवाली

तीन दिनों की लगातार तेजी के बाद बुधवार को आईटी सेक्टर में जोरदार बिकवाली देखने को मिली. इसका असर पूरे सेक्टर पर साफ दिखाई दिया और Nifty IT Index करीब 4.5 फीसदी लुढ़क गया. सुबह लगभग 10:10 बजे इंडेक्स 29,690.2 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. आईटी शेयरों में गिरावट की अगुवाई Tata Consultancy Services (TCS) ने की, जिसका शेयर करीब 8 फीसदी तक टूट गया. Nifty में भी TCS सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाला शेयर रहा. इसके अलावा Infosys, Tech Mahindra और HCL Technologies के शेयरों में भी भारी दबाव देखने को मिला, जिससे पूरे आईटी सेक्टर का माहौल कमजोर नजर आया.

RBI की MPC बैठक और ब्याज दरों को लेकर चिंता

आज से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक भी शुरू हो गई है. महंगाई को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच निवेशक इस बात को लेकर सतर्क हैं कि RBI आगे क्या रुख अपनाता है. यदि केंद्रीय बैंक महंगाई को नियंत्रित करने के लिए सख्त रुख अपनाता है या ब्याज दरों को लेकर कड़ा संकेत देता है, तो बाजार में और दबाव बढ़ सकता है. इसी वजह से निवेशक फिलहाल “वेट एंड वॉच” की रणनीति अपना रहे हैं.

कमजोर मानसून के अनुमान ने बढ़ाई चिंता

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने हाल ही में मानसून के अनुमान में कटौती की है. अब इस साल सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई गई है. साथ ही एल नीनो के संकेत भी सामने आए हैं, जो मानसून को प्रभावित कर सकते हैं. भारत की बड़ी आबादी और कृषि क्षेत्र अभी भी मानसून पर निर्भर है. कमजोर मानसून का असर कृषि उत्पादन, ग्रामीण मांग और खाद्य महंगाई पर पड़ सकता है.

विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भी लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में बड़ी बिकवाली की है और वे फिलहाल वैश्विक स्तर पर AI और टेक्नोलॉजी थीम वाले बाजारों में ज्यादा निवेश कर रहे हैं. FII की लगातार बिकवाली से बाजार में तरलता पर असर पड़ता है और बड़े शेयरों पर दबाव बढ़ जाता है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.