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दिवाली से पहले सोना-चांदी के भाव धड़ाम! क्या अब खरीदारी करने का सही मौका?

सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 3,880 डॉलर प्रति औंस और चांदी 49 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई है. भारतीय बाजार में भी सोना 1,38,400 रुपये और चांदी 1,78,900 रुपये के स्तर पर है. जानिए कीमतें गिरने की वजह और क्या अभी खरीदारी करना सही रहेगा.

सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट

Highlights

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना गिरकर 3,880 डॉलर प्रति औंस पहुंचा
  • चांदी 50 डॉलर के नीचे फिसली, करीब 11 महीने बाद
  • भारतीय बाजार में सोना 1,38,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंचा

सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है. सोने का भाव गिरकर 3,880 डॉलर प्रति औंस और चांदी का भाव 49 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया है. दोनों धातुओं पर बिकवाली का दबाव बना हुआ है. भारतीय बाजार में भी सोने की कीमत करीब 1,38,400 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब 1,78,900 रुपये प्रति किलो के स्तर पर बताई जा रही है.

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 3,880 डॉलर पर पहुंचा

अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को सोने की कीमत में करीब 3.5 फीसदी की गिरावट आई. स्पॉट गोल्ड गिरकर 3,880.97 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया. यह अक्टूबर 2025 के बाद इसका सबसे निचला स्तर है. जनवरी 2026 में सोना 5,595 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा था. इसके मुकाबले अब कीमत करीब 30 फीसदी नीचे आ चुकी है.

चांदी भी 50 डॉलर के नीचे फिसली

चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट देखने को मिली. शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी करीब 6.5 फीसदी टूटकर 49 डॉलर प्रति औंस के नीचे आ गई. करीब 11 महीने बाद चांदी पहली बार 50 डॉलर के स्तर से नीचे पहुंची है.

भारतीय बाजार में चांदी का भाव करीब 1,78,900 रुपये प्रति किलो बताया जा रहा है. सोने और चांदी दोनों में आई इस गिरावट से निवेशकों और कारोबारियों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर है.

आखिर क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के भाव?

कीमती धातुओं में गिरावट के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं. अमेरिका में टेक कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली से निवेशकों ने दूसरे बाजारों में भी अपनी पोजीशन घटाई है. इसके चलते सोने और चांदी पर दबाव बढ़ा है.

इसके अलावा कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से महंगाई बढ़ने की आशंका है. इससे अमेरिका में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहने की संभावना मजबूत हुई है. ऊंची ब्याज दरों के माहौल में सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों की मांग प्रभावित हो सकती है.

क्या अभी सोना-चांदी खरीदना सही रहेगा?

कीमतों में गिरावट के बाद खरीदारों को सस्ता सोना-चांदी मिलने की उम्मीद है, लेकिन निवेशकों को जल्दबाजी से बचना चाहिए. बाजार में अभी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. खरीदारी से पहले अपनी जरूरत, निवेश की अवधि और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है.

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