निवेशकों को बड़ी राहत! शेयर ट्रांसफर पर DP चार्ज लौटाएगा Zerodha, टैक्स बेनिफिट कम, बचत होगी ज्यादा

ऑनलाइन ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म Zerodha ने निवेशकों को बड़ी राहत देते हुए दूसरे डीमैट खातों से शेयर ट्रांसफर करने पर लगने वाले DP (डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट) चार्ज को रिफंड करने का ऐलान किया है. कंपनी का मानना है कि इससे निवेशकों के लिए अपनी होल्डिंग्स को एक जगह रखना, निवेश की निगरानी करना और टैक्स फाइलिंग को आसान बनाना संभव होगा.

जेरोधा Image Credit: GettyImages

Zerodha DP Charge Refund : भारत की प्रमुख डिस्काउंट ब्रोकरेज कंपनी जेरोधा के संस्थापक नितिन कामथ ने घोषणा की है कि अब दूसरे डीमैट खातों से जेरोधा में शेयर ट्रांसफर करने पर लगने वाले सभी डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (DP) चार्ज कंपनी वापस करेगी. उनका मानना है कि इससे निवेशकों के लिए अपने निवेश को ट्रैक करना और टैक्स फाइलिंग करना काफी आसान हो जाएगा.

कई डीमैट खातों की परेशानी होगी कम

नितिन कामथ के अनुसार, अधिकांश निवेशकों के पास दो या तीन डीमैट खाते होते हैं, जिनमें उनकी होल्डिंग्स अलग-अलग बंटी रहती हैं. इससे निवेश का रिकॉर्ड रखना और टैक्स रिटर्न भरना मुश्किल हो जाता है. इसी समस्या को दूर करने के लिए जेरोधा ने शेयरों को अपने प्लेटफॉर्म पर ट्रांसफर करने वाले ग्राहकों के DP चार्ज वापस करने का फैसला किया है.

ट्रांसफर किए गए शेयरों पर मिलेगी अतिरिक्त सुविधा

जेरोधा ने बताया कि ट्रांसफर होकर आने वाले शेयरों के लिए निवेशक अपनी खरीद कीमत (Acquisition Price) दर्ज कर सकेंगे. इससे पोर्टफोलियो का सही प्रॉफिट-लॉस दिखेगा और टैक्स फाइलिंग में भी मदद मिलेगी. कंपनी ग्राहकों को जरूरत पड़ने पर दूसरा डीमैट खाता खोलने की सुविधा भी देती है, जिससे वे अपने शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म निवेश को अलग-अलग रख सकें.

क्या होता है DP चार्ज?

DP चार्ज (Depository Participant Charge) वह शुल्क होता है जो निवेशक के डीमैट खाते से शेयर डेबिट (निकाले) होने पर लिया जाता है. जब आप अपने डीमैट खाते से शेयर बेचते हैं, तो शेयर आपके खाते से निकलकर खरीदार के खाते में जाते हैं. इस प्रक्रिया के लिए डिपॉजिटरी (CDSL या NSDL) और आपका ब्रोकर कुछ शुल्क लेते हैं, जिसे DP चार्ज कहा जाता है.

DP चार्ज कब लगता है?

  • शेयर बेचने पर.
  • दूसरे डीमैट खाते में शेयर ट्रांसफर करने पर.
  • शेयर खरीदने पर नहीं लगता है.

उदाहरण से समझें

मान लीजिए आपने 100 शेयर खरीदे और बाद में उन्हें बेच दिया. शेयर बेचते समय:

  • ब्रोकरेज चार्ज
  • सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT)
  • एक्सचेंज शुल्क
  • DP चार्ज

जैसे अलग-अलग फीस लगते हैं, वैसे ही DP चार्ज भी कटता है.

उदाहरण के लिए –

अगर आपने एक ही दिन में TCS के 50 शेयर और Infosys के 30 शेयर बेचे, तो दो अलग-अलग स्क्रिप होने के कारण DP चार्ज दो बार लग सकता है.

टैक्स बेनिफिट कम होगा, लेकिन बचत ज्यादा

अगर आपने DP चार्ज खुद भरा है, तो उसे शेयर बेचने की लागत (Cost of Transfer) मानकर Capital Gains Tax की गणना में घटा सकते हैं. लेकिन अगर Zerodha वह DP चार्ज आपको वापस कर देता है, तो आप उस खर्च का टैक्स लाभ नहीं ले पाएंगे क्योंकि आपने वास्तव में वह खर्च नहीं उठाया.

मान लीजिए:

  • शेयर खरीदा: ₹1,00,000
  • शेयर बेचा: ₹1,50,000
  • DP चार्ज: ₹20

Case 1: DP चार्ज आपने खुद भरा

Capital Gain = ₹1,50,000 – ₹1,00,000 – ₹20

= ₹49,980

यानी टैक्स ₹49,980 पर लगेगा.

Case 2: Zerodha ने ₹20 DP चार्ज रिफंड कर दिया

Capital Gain = ₹1,50,000 – ₹1,00,000

= ₹50,000

अब टैक्स ₹50,000 पर लगेगा.

कितना टैक्स फायदा छूटेगा?

अगर LTCG टैक्स 12.5% मानें:

DP चार्ज = ₹20
टैक्स बचत = ₹20 × 12.5% = ₹2.50

यानी आपने 20 रुपये का खर्च बचा लिया, लेकिन टैक्स में केवल 2.50 रुपये की छूट खोई.

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