AI का इस्तेमाल कर रहे 55% एसेट मैनेजर्स, फिर भी क्यों रिटर्न में नहीं दिख रहा बड़ा फायदा?
ग्लोबल एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री में AI को अपनाने का चलन बढ़ रहा है लेकिन इसके बावजूद केवल 8 फीसदी फंड मैनेजरों ने ही इन्वेस्टमेंट रिटर्न में सुधार के बारे में बताया है. मॉर्गन स्टेनली और ओलिवर वायमन की हाल ही में सामने आई एक जॉइंट रिसर्च रिपोर्ट से इस बात का पता चला है.
Highlights
- AI अपनाने से रिटर्न में सुधार सीमित.
- सिर्फ 8 फीसदी फर्म को मिला फायदा.
- ऑपरेशनल एफिशिएंसी और रिसर्च में बढ़ोतरी.
मॉर्गन स्टेनली और ओलिवर वायमन की एक जॉइंट रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाने के बढ़ते चलन के बावजूद, सिर्फ 8 फीसदी फंड मैनेजरों ने इन्वेस्टमेंट रिटर्न में सुधार की रिपोर्ट दी है जिन्हें मापा जा सके. इन नतीजों से इन्वेस्टमेंट फर्मों द्वारा AI के बढ़ते इस्तेमाल और इन्वेस्टर्स को बेहतर रिटर्न देने की इसकी क्षमता के बीच के अंतर का पता चलता है.
सितंबर 2026 की ब्लूपेपर रिपोर्ट, जिसका टाइटल ब्रेकिंग फ्रॉम द पैक: द रेस फॉर एबव-मार्केट ग्रोथ है, में मर्सर 2026 AI इन एसेट मैनेजमेंट सर्वे का जिक्र किया गया, जिसमें पाया गया कि 55 फीसदी एसेट मैनेजरों ने अपने इन्वेस्टमेंट प्रोसेस के कम से कम एक हिस्से में एआई को इंटीग्रेट किया था जबकि दूसरे 27 फीसदी एप्लीकेशन की टेस्टिंग कर रहे थे.
सीमित रहे हैं फायदे
लाइव मिंट के मुताबिक, हालांकि, फायदे ज्यादातर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और रिसर्च क्षमताओं तक ही सीमित रहे हैं. रिपोर्ट में कहा गया है, खासकर, इन्वेस्टमेंट रिटर्न पर अभी तक एआई का कोई बड़ा असर नहीं दिखा है. सिर्फ 8 फीसदी फर्म ने ऐसे फायदे बताए हैं जिन्हें मापा जा सके. सर्वे के मुताबिक, 69 फीसदी एसेट मैनेजर्स ने बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी बताई, जबकि 55 फीसदी ने बेहतर इनसाइट्स और डिसीजन-मेकिंग का ज़िक्र किया. हालांकि, सिर्फ 24 फीसदी ने कम कॉस्ट बताई.
इन्वेस्टमेंट रिसर्च में एआई का रोल
इन्वेस्टमेंट रिसर्च में एआई को सबसे ज्यादा अपनाया गया, जहां 49 फीसदी फर्म ने टेक्नोलॉजी को इंटीग्रेट किया था, इसके बाद डेटा प्रोसेसिंग में 40 फीसदी थे. इसका इस्तेमाल कोर इन्वेस्टमेंट डिसीजन में लिमिटेड रहा, जिसमें सिर्फ 13 फीसदी ने पोर्टफोलियो कंस्ट्रक्शन में और 7 फीसदी ने ट्रेड एग्जीक्यूशन में एआई को इंटीग्रेट किया है. मार्केट बेंचमार्क से ज्यादा रिटर्न का जिक्र करते हुए रिपोर्ट में कहा गया, क्या ज्यादा रिसर्च का दायरा आखिरकार परसिस्टेंट अल्फा में बदलता है, यह अभी भी साबित नहीं हुआ है.
रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि तेज रिसर्च और बेहतर प्रोडक्टिविटी जरूरी नहीं कि फाइनेंशियल फायदे में बदल जाएं. हालांकि, प्रोडक्टिविटी में फायदा अपने आप एंटरप्राइज-वाइड फाइनेंशियल असर में नहीं बदलता है, नतीजों से पता चलता है कि AI इन्वेस्टमेंट फर्म को जानकारी तेजी से प्रोसेस करने में मदद कर रहा है, लेकिन इन्वेस्टर रिटर्न को लगातार बेहतर बनाने की इसकी काबिलियत अभी भी पक्की नहीं है.
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