100 शब्द लिखने पर ChatGPT कितना पानी पी जाता है? बढ़ते इस्तेमाल से सूखे का खतरा, अमेरिका-ब्रिटेन पर भी संकट

यह सोचकर हैरानी हो सकती है कि ChatGPT से केवल 100 शब्दों का एक ई-मेल लिखवाने में करीब एक बोतल पानी खर्च हो जाता है. शोधकर्ताओं के अनुसार AI मॉडल को चलाने वाले डेटा सेंटरों को ठंडा रखने के लिए भारी मात्रा में पानी की जरूरत पड़ती है. AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच पानी की खपत और पर्यावरण पर इसके असर को लेकर नई चिंताएं सामने आ रही हैं.

AI data centre cooling Image Credit:

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. लोग ई-मेल लिखने से लेकर पढ़ाई और ऑफिस के काम तक के लिए ChatGPT जैसे AI टूल्स का सहारा ले रहे हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ChatGPT से सिर्फ 100 शब्दों का एक ई-मेल लिखवाने में लगभग एक बोतल पानी खर्च हो सकता है? अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, रिवरसाइड के रिसर्च में यह दावा किया गया है कि अगर आप ChatGpt से 100 शब्द का एक मेल लिखवाते हैं तो कम से कम एक बोतल पानी की जरूरत होती है.

डेटा सेंटर को ठंडा रखने में लगता है पानी

ChatGPT जैसे AI मॉडल बड़े-बड़े डेटा सेंटरों में काम करते हैं. इन सेंटरों में हजारों सर्वर लगातार चलते रहते हैं, जिससे काफी गर्मी पैदा होती है. इस गर्मी को कम करने के लिए पानी आधारित कूलिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है. रिपोर्ट के मुताबिक, 100 शब्दों का एक ई-मेल तैयार करने में करीब 519 मिलीलीटर पानी खर्च होता है, जो एक सामान्य पानी की बोतल के बराबर है.

बढ़ती AI मांग से बढ़ रहा पानी का उपयोग

शोधकर्ताओं का कहना है कि AI सर्विस की बढ़ती मांग के साथ डेटा सेंटरों की संख्या और उनका आकार भी बढ़ रहा है. Google, Microsoft और Meta जैसी कंपनियों के डेटा सेंटर अरबों गैलन पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं. कई कंपनियों ने अपनी रिपोर्ट में माना है कि AI वर्कलोड बढ़ने के कारण पानी की खपत में लगातार इजाफा हुआ है.

सूखे वाले इलाकों पर बढ़ रहा दबाव

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि AI इंडस्ट्री के लिए इस्तेमाल होने वाला काफी पानी उन क्षेत्रों से लिया जा रहा है जहां पहले से पानी की कमी है. चिली, मेक्सिको, उरुग्वे और अमेरिका के कुछ हिस्सों में डेटा सेंटर प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है. विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में पानी के संसाधनों पर दबाव और बढ़ सकता है.

2027 तक हालात और गंभीर हो सकते हैं

रिसर्च के अनुसार, यदि AI का विस्तार इसी रफ्तार से जारी रहा तो वर्ष 2027 तक ग्लोबल AI इंफ्रास्ट्रक्चर की पानी की जरूरत ब्रिटेन की Annual water withdrawal (एक साल में ग्राउंड से निकाला गया फ्रेस वाटर) के लगभग आधे हिस्से के बराबर हो सकती है. विशेषज्ञों का मानना है कि AI तकनीक जहां कई समस्याओं का समाधान दे सकती है, वहीं इसके पर्यावरणीय प्रभावों पर भी गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है.

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