हेल्थ इंश्योरेंस के नाम पर होने वाली ठगी से रहें सावधान, सेफ रहने के लिए अपनाएं ये खास तरीके
डिजिटल दौर में हेल्थ इंश्योरेंस और अन्य सेवाओं के नाम पर साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. ठग फोन कॉल, मैसेज और ई-मेल के जरिये लोगों को डराकर या लालच देकर उनकी निजी और बैंक संबंधी जानकारी हासिल कर रहे हैं. थोड़ी सी लापरवाही भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है, इसलिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है.
Health Insurance Cyber Fraud: हेल्थ इंश्योरेंस आज जरूरत बन चुका है, लेकिन इसी जरूरत का फायदा उठाकर ठग सक्रिय हो गए हैं. फोन कॉल, मैसेज, ई-मेल और फर्जी वेबसाइटों के जरिये लोगों को झांसे में लेकर उनसे पैसे और निजी जानकारी हासिल की जा रही है. जागरूकता की कमी और जल्दी फैसले लेने की आदत ऐसे मामलों को बढ़ावा दे रही है.
हेल्थ इंश्योरेंस के नाम पर ठगी कैसे होती है?
ठग खुद को इंश्योरेंस कंपनी या उसके प्रतिनिधि के रूप में पेश करते हैं. वे पॉलिसी रिन्यूअल, भारी छूट, क्लेम से जुड़ी समस्या या नई स्कीम का लालच देकर संपर्क करते हैं. बातचीत के दौरान वे ओटीपी, बैंक डिटेल्स या भुगतान करवाने की कोशिश करते हैं, जिससे व्यक्ति को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है.
इस तरह की ठगी से कैसे करें बचाव?
किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें. अपनी पॉलिसी से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट या कस्टमर केयर नंबर के जरिये ही साझा करें. भुगतान करने से पहले स्रोत की पुष्टि करें और कभी भी ओटीपी या संवेदनशील जानकारी किसी को न दें. जल्दबाजी में लिए गए फैसले अक्सर नुकसान का कारण बनते हैं.
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ठगी होने पर कहां करें शिकायत?
अगर हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़ी ठगी का शक हो या नुकसान हो चुका हो, तो तुरंत संबंधित इंश्योरेंस कंपनी को सूचित करें. इसके अलावा साइबर क्राइम पोर्टल या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. समय पर शिकायत करने से नुकसान की भरपाई और आगे की कार्रवाई में मदद मिलती है.
साइबर दोस्त ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध मैसेज या कॉल पर भरोसा न करें. न तो अपनी निजी जानकारी साझा करें, न बैंक से जुड़ा कोई विवरण दें और न ही ओटीपी बताएं. अगर इस तरह का कोई संदेश या कॉल आए तो उसे नजरअंदाज करें और तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं. ऐसी ही धमकी भरे तरीकों से ठग अब तक लाखों रुपये की ठगी कर चुके हैं.