बजट, फेड बैठक और Q3 नतीजों से पहले शेयर बाजार में अस्थिरता, अगले हफ्ते इन कारकों पर ध्यान दें निवेशकों
हफ्तेभर बाजार की चाल निवेशकों को सोचने पर मजबूर करती रही. कभी संभलते तो कभी फिसलते सूचकांकों के बीच कई बड़े संकेत सामने आए, जिनका असर आगे की दिशा तय कर सकता है. घरेलू और वैश्विक घटनाक्रमों के बीच निवेशकों की नजर अब आने वाले फैसलों पर टिकी है.
भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता हफ्ता राहत से ज्यादा सावधानी का संदेश लेकर आया. वैश्विक व्यापार तनाव, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और घरेलू स्तर पर बजट व नतीजों को लेकर बनी अनिश्चितता ने बाजार की चाल को बार-बार बदला. हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन मुनाफावसूली हावी रही और बाजार एक बार फिर लाल निशान में फिसल गया, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा.
शुक्रवार को बाजार की तेज गिरावट
शुक्रवार को निफ्टी-सेंसेक्स दोनों ने यू-टर्न लिया. बीएसई सेंसेक्स 770 अंक यानी 0.94 फीसदी टूटकर 81,537.70 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी50, 241 अंक या 0.95 फीसदी गिरकर 25,048.65 के स्तर पर आ गया. इससे पहले गुरुवार को बाजार में करीब आधा फीसदी की तेजी दिखी थी, लेकिन वह टिक नहीं पाई. बड़े शेयरों में बिकवाली और मिडकैप व स्मॉलकैप में ज्यादा कमजोरी देखने को मिली.
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली लगातार बाजार पर दबाव बना रही है. इसके साथ ही वैश्विक स्तर पर व्यापार और भू-राजनीतिक तनाव ने जोखिम लेने की क्षमता को कम किया है. मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के अनुसार, निफ्टी पर भारी भरकम शेयरों में तेज गिरावट ने पूरे बाजार को नीचे खींचा और निवेशक सतर्क नजर आए.
बजट 2026 पर टिकी निगाहें
इस हफ्ते बाजार की दिशा तय करने में केंद्रीय बजट 2026 अहम भूमिका निभाएगा. वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman 1 फरवरी को संसद में बजट पेश करेंगी. निवेशक टैक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और राजकोषीय घाटे से जुड़े संकेतों पर खास नजर रखेंगे. रविवार होने के बावजूद भी एक फरवरी को बाजार खुले रहेंगे ऐसे में बजट के फैसलों के मुताबिक, मार्केट में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
अमेरिकी फेड और Q3 नतीजों की परीक्षा
इस सप्ताह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक भी निवेशकों के रडार पर है. मार्केट एक्सपर्ट की उम्मीद है कि ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन फेड का रुख बाजार की भावनाओं को प्रभावित कर सकता है. वहीं, Q3 नतीजों का सीजन भी रफ्तार पकड़ रहा है. Infosys में थोड़ी मजबूती दिखी, लेकिन कई सेक्टरों के कमजोर नतीजों ने उत्साह को सीमित रखा. आने वाले दिनों में Larsen & Toubro, ITC, Maruti Suzuki और Adani Enterprises जैसे बड़े नाम अपने नतीजे पेश करेंगे.
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वैश्विक तनाव और सोने-चांदी की चमक
अमेरिका-नाटो और ग्रीनलैंड से जुड़ी खबरों ने भी बाजार की धारणा को कमजोर किया. इसी बीच अनिश्चितता के माहौल में निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ा. सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गईं, जो बाजार में बढ़ते डर का संकेत है.
फेड बैठक, बजट और कॉरपोरेट नतीजे जैसे तमाम बड़ी घटनाओं के बीच यह हफ्ता बाजार के लिए बेहद अहम रहने वाला है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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