साइबर दोस्त के नाम पर ठगी का नया जाल: पोर्नोग्राफी केस में फंसाने की मिल रही धमकी, जानें सच और झूठ का फर्क
साइबर ठग अब सरकारी संस्थाओं के नाम पर भी लोगों को डराकर लूट रहे हैं. गृह मंत्रालय की साइबर जागरूकता मुहिम ‘साइबर दोस्त’ के नाम से फर्जी पत्र वायरल हो रहा है, जिसमें गंभीर आरोपों की धमकी देकर पैसे मांगे जा रहे हैं. यह मामला बढ़ते साइबर अपराध और सतर्कता की जरूरत को उजागर करता है.
Cyber Dost Fraud: जो संस्था खुद लोगों को साइबर ठगी से बचना सिखा रही है, ठग अब उसी के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को लूट रहे हैं. गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) की आधिकारिक जागरूकता मुहिम ‘साइबर दोस्त’ ने X पर पोस्ट कर बताया कि उनके नाम पर एक फर्जी पत्र बड़े पैमाने पर वायरल किया जा रहा है, जिसमें लोगों को चाइल्ड पोर्नोग्राफी केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे ऐंठे जा रहे हैं.
फर्जी पत्र में क्या लिखा है?
साइबर दोस्त के पोस्ट में साझा की गई तस्वीर में एक नकली सरकारी पत्र दिखाया गया है, जिस पर “THIS IS FAKE” लिखा हुआ है. इस पत्र में I4C के CEO और साइबर क्राइम डिवीजन के अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर हैं. इसमें प्राप्तकर्ता को आरोप लगाते हुए 24 घंटे के अंदर एक निश्चित राशि ट्रांसफर करने को कहा गया है, अन्यथा गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की धमकी दी गई है. साइबर दोस्त ने स्पष्ट किया कि सरकारी एजेंसियां कभी भी ईमेल, व्हाट्सएप, एसएमएस या रैंडम कॉल के जरिए ऐसे नोटिस नहीं भेजतीं.
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कैसे बचें ऐसी ठगी से?
साइबर दोस्त ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध पत्र, मैसेज या कॉल पर तुरंत विश्वास न करें. न तो कोई पर्सनल जानकारी शेयर करें, न बैंक डिटेल दें और न ही OTP बताएं. यदि ऐसा कोई मैसेज आए तो उसे अनदेखा करें और तुरंत 1930 (राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन) पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं. ठगों ने इसी तरह की धमकियों से लाखों रुपए ठग लिए हैं.
सरकारी नामों का दुरुपयोग बढ़ता जा रहा है
यह मामला दिखाता है कि साइबर अपराधी अब भरोसेमंद सरकारी संस्थाओं के नाम, लोगो और हस्ताक्षरों का भी खुलेआम दुरुपयोग कर रहे हैं. ‘साइबर दोस्त’ जैसी जागरूकता पहल को ही निशाना बनाना यह साबित करता है कि अब और ज्यादा सतर्कता और सावधानी बरतने की जरूरत है. लोग किसी भी तरह के धमकी भरे संदेश पर बिना जांचे पैसे ट्रांसफर न करें.