Smart TV चलाने वाले सावधान, इस कंपनी का TV बंद होने पर भी सुन सकता है आपकी बातें!
LG TV में बड़े पैमाने पर डिवाइस और नेटवर्क डिस्कवरी, ऑटोमेटेड कंटेंट रिकग्निशन (ACR) ट्रैकिंग और सिक्योरिटी में कमजोरी के सबूत मिले, जिनका इस्तेमाल हैकिंग के लिए किया जा सकता है.

क्या आपके पास भी LG Smart TV है? अगर हां, तो तुरंत टीवी को इंटरनेट से डिस्कनेक्ट कर दें, क्योंकि नई सिक्योरिटी खामी का पता चला है जिससे अटैकर आपकी बातचीत सुन सकते हैं. स्मार्ट टीवी को लेकर लंबे समय से प्राइवेसी को लेकर चिंताएं उठी हैं. पिछले कुछ सालों में कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि TV देखने वालों पर नजर रखने के लिए बिल्ट-इन सेंसर का इस्तेमाल किया जा सकता है.
सिक्योरिटी खामी का पता चला
Gamers Nexus, Level1Techs और इंडिपेंडेंट सिक्योरिटी रिसर्चर्स की लेटेस्ट सिक्योरिटी फाइंडिंग्स में पता चला है कि LG TV में एक बड़ी सिक्योरिटी कमी और ट्रैकिंग कैपेबिलिटीज होने की रिपोर्ट मिली, जिससे कनेक्टेड होम में कंज्यूमर प्राइवेसी को लेकर नई चिंताएं बढ़ गई हैं.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एलजी टीवी में बड़े पैमाने पर डिवाइस और नेटवर्क डिस्कवरी, ऑटोमेटेड कंटेंट रिकग्निशन (ACR) ट्रैकिंग और सिक्योरिटी कमजोरियों के सबूत मिले, जिनका इस्तेमाल हैकिंग के लिए किया जा सकता है.
बंद टीवी में कैसे कैप्चर हो सकती है आवाज?
एक वीडियो डेमोंस्ट्रेशन में, Gamers Nexus ने बताया कि webOS चलाने वाले एक कॉम्प्रोमाइज़्ड एलजी स्मार्ट टीवी का इस्तेमाल यूजर्स की जासूसी करने और प्राइवेट होम नेटवर्क को मैप करने के लिए कैसे किया जा सकता है. एक बार डिवाइस का गलत इस्तेमाल होने पर, अटैकर टीवी के बिल्ट-इन माइक्रोफोन को दूर से एक्टिवेट कर ऑडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं, भले ही टीवी बंद हो या स्टैंडबाय मोड में हो.
इसके अलावा, जब टीवी इंटरनेट से डिस्कनेक्ट हो तब भी ऑडियो को स्टोर किया जा सकता है और कनेक्शन ठीक होने पर बाद में उसे वापस पाया जा सकता है. दूसरी ओर, एलजी टीवी और जानकारी इकट्ठा कर सकते हैं, जिसमें आप क्या देखते हैं, वाई-फाई नेटवर्क और दूसरे कनेक्टेड डिवाइस जैसे फोन, पीसी, प्रिंटर, नेटवर्क स्विच और स्मार्ट-होम डिवाइस के बारे में डिटेल्स शामिल हो सकती हैं.
यह नेटवर्क नेम (SSIDs) और सिग्नल की जानकारी भी इकट्ठा कर सकता है और जब इसे देखने के डेटा और एडवरटाइज़िंग IDs के साथ मिलाया जाता है, तो यह घर की पूरी तस्वीर दे सकता है. रिसर्चर रिमोट-कोड-एग्जिक्यूशन कमजोरियों की भी रिपोर्ट करते हैं, जिससे अटैकर को मालिक की इजाज़त के बिना डिवाइस पर कमांड या कोड एग्जिक्यूट करने का कंट्रोल मिल जाता है.
यूजर्स को क्या करना चाहिए?
ध्यान दें कि यह एलजी की कोई खास सिक्योरिटी कमी नहीं हो सकती है, बल्कि स्मार्ट टीवी रखने वाले लोगों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय हो सकती है. इसलिए, यूजर्स को सलाह दी जाती है कि वह उपलब्ध फर्मवेयर और सिक्योरिटी अपडेट इंस्टॉल करें और प्राइवेसी सेटिंग्स को रिव्यू करें. आपको ACR, व्यूइंग-इंफॉर्मेशन कलेक्शन, पर्सनलाइज़्ड एडवरटाइजिंग और वॉइस-रिकग्निशन फीचर्स को डिसेबल करें.
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