Wireless Internet की रेस में तेजी, Jio और Airtel की टेंशन बढ़ी Starlink की एंट्री से
भारत में वायरलेस इंटरनेट टेक्नोलॉजी अब तेजी से आगे बढ़ रही है और एफडब्ल्यूए यानी फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस इसका अगुवा बन कर उभरा है. काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार, 2025 के अंत तक भारत में एफडब्ल्यूए यूजर्स की संख्या 1 करोड़ से ज्यादा हो जाएगी.
जियो और एयरटेल ने 2023 के अंत में इस सेगमेंट में कदम रखा. जियो ने आउटडोर और इंडोर सीपीई राउटर सेटअप अपनाया, जबकि एयरटेल ने इंडोर सीपीई सोल्यूशन पर फोकस किया. जियो का टारगेट मुख्यतः शहरों की सीमाओं, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों पर है, जहां फाइबर की पहुंच कम है.
फाइबर नेटवर्क के विस्तार की गति धीमी है और 2024 व 2025 में एफडब्ल्यूए के मुकाबले इसमें कम ग्रोथ रहने की संभावना है. भारत में 350 मिलियन से ज्यादा घर हैं, ऐसे में सिर्फ फाइबर से डिजिटल गैप नहीं भरा जा सकता. अब स्टारलिंक की एंट्री ने बाजार में और हलचल मचा दी है. इसकी ग्लोबल सैटेलाइट तकनीक से दूर-दराज के इलाकों तक इंटरनेट पहुंचाना आसान होगा, जिससे जियो और एयरटेल पर दबाव बढ़ता जा रहा है.
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