होर्मुज पर ईरान की नई शर्तें! जहाजों पर बीमा शुल्क लगाने की दी चेतावनी; तेल सप्लाई पर फिर बढ़ा खतरा
अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए परमिट और बीमा को अनिवार्य बताया है. फिलहाल यह बीमा मुफ्त है, लेकिन भविष्य में शुल्क लगाए जाने की चेतावनी ने वैश्विक शिपिंग कंपनियों और तेल उत्पादकों की चिंता बढ़ा दी है.

Iran insurance fee ships: होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़े तनाव के बीच ईरान ने एक नया दांव चल दिया है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने साफ कहा है कि इस रूट से गुजरने वाले जहाजों को उसकी अनुमति और ‘अनिवार्य बीमा’ (Mandatory Insurance) की जरूरत होगी. हालांकि, अमेरिका ने ईरान के दावों को चोंट पहुंचाते हुए कहा है कि उसके 20 से ज्यादा जहाज ओमान के तट के रास्ते रातभर में चुपचाप इस जलमार्ग को पार कर गए.
दुनिया के सबसे संवेदनशील एनर्जी चोकपॉइंट को लेकर दोनों देशों के बीच यह खींचतान ऐसे समय पर हो रही है, जब शिपिंग इंडस्ट्री यह समझने की कोशिश कर रही है कि यह रूट सुरक्षित है या नहीं. हाल ही में अमेरिका और तेहरान के बीच स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए 60 दिनों का एक अंतरिम शांति समझौता हुआ था, लेकिन ईरान के ताजा रुख ने इस समझौते पर फिर से अनिश्चितता के बादल मंडरा दिए हैं.
‘टोल टैक्स’ वसूलने की फिराक में ईरान?
शिपिंग कंपनियों और तेल उत्पादकों के लिए सबसे बड़ी चिंता ईरान की वह चेतावनी है, जिसमें उसने भविष्य में “बीमा शुल्क” (Insurance Fees) वसूलने की बात कही है. जानकारों को डर है कि ईरान इस बहाने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर एक तरह का ‘टोल टैक्स’ लगाने की तैयारी कर रहा है.
ईरान की ‘पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ (PGSA) ने अपनी वेबसाइट पर जारी दस्तावेज में कहा है कि फिलहाल यह बीमा नीति मुफ्त है, लेकिन भविष्य में इसके लिए शुल्क लिया जा सकता है. इसके अलावा, ईरान ने जहाजों के लिए एक तय रूट भी अनिवार्य कर दिया है, जो उसके अपने तट के पास से गुजरता है. ईरान ने साफ किया है कि इसके अलावा किसी अन्य वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल प्रतिबंधित होगा.
अमेरिकी सहयोगियों को सता रहा है डर
अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते में कहा गया था कि 60 दिनों की अवधि के लिए जहाजों का आना-जाना मुफ्त रहेगा. लेकिन इसके बाद क्या होगा, इसे लेकर शिपिंग इंडस्ट्री डरी हुई है. ब्रिटेन के नेतृत्व में अमेरिकी सहयोगी देश ट्रंप प्रशासन पर लगातार दबाव बना रहे हैं कि वे ईरान के इस ‘टोल टैक्स’ वाले जाल को स्वीकार या सामान्य न होने दें. उद्योग जगत का मानना है कि अगर ईरान ने ऐसा किया, तो यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का उल्लंघन होगा और दुनिया के अन्य जलमार्गों के लिए भी एक खतरनाक मिसाल बन जाएगा.
‘डार्क मोड’ में चल रहे हैं जहाज
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की इस सख्ती के जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने साफ किया है कि उसकी सेनाएं इस क्षेत्र में बिना किसी मनमाने प्रतिबंध के ‘नेविगेशन की स्वतंत्रता’ का समर्थन करती रहेंगी. अमेरिका के मुताबिक, रातभर में जो 20 से ज्यादा जहाज इस रास्ते से निकले, उन्होंने अपने सिग्नल बंद (Dark) कर रखे थे और उन्हें अमेरिकी सुरक्षा मिल रही थी. वहीं, पश्चिमी नौसैनिक समूहों ने जहाजों को ओमान के समुद्री रास्ते से जाने की सलाह दी है, ताकि हॉर्मुज के बीच वाले मुख्य रास्ते से बारूदी सुरंगों को साफ किया जा सके.
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48 घंटे पहले लेना होगा सिंगल-यूज परमिट
ईरान द्वारा बनाई गई इस पीजीएसए (PGSA) अथॉरिटी को अमेरिका पहले ही प्रतिबंधित कर चुका है, और ईरान के पड़ोसी देश भी इसे अवैध मानते हैं. नए नियमों के मुताबिक, अब जहाजों को इस जलमार्ग को पार करने के लिए 48 घंटे पहले पीजीएसए के पास आवेदन करना होगा. वहां से मिलने वाला परमिट सिर्फ एक बार जाने के लिए होगा और जारी होने के बाद महज पांच दिनों तक ही वैध रहेगा. ईरान के इन कड़े नियमों और अनिश्चितता के चलते फिलहाल शिपिंग कंपनियां फारस की खाड़ी से तेल लोड करने के लिए नए जहाजों की बुकिंग करने से कतरा रही हैं.