ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट फिर बंद करने का किया दावा, सीजफायर उल्लंघन का लगाया आरोप; वैश्विक तेल बाजार में बढ़ी चिंता
ईरान ने अमेरिका और इजराइल पर सीजफायर एग्रीमेंट के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए होर्मुज स्ट्रेट को जहाजों की आवाजाही के लिए बंद करने का दावा किया है. यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है.
Hormuz Strait Closure: पश्चिमी एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है. ईरान की शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स ने दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट को जहाजों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया है. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी मेहर के मुताबिक, यह कदम अमेरिका और इजराइल पर सीजफायर एग्रीमेंट के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उठाया गया है.
ईरान ने दी चेतावनी
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने इसे अपनी प्रतिक्रिया का “पहला कदम” बताया है और चेतावनी दी है कि यदि कथित आक्रामक गतिविधियां जारी रहती हैं, तो आगे और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है.
क्या है होर्मुज स्ट्रेट और क्यों है अहम
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है. सऊदी अरब, इराक, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और ईरान जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देशों का कच्चा तेल इसी जलमार्ग के जरिए वैश्विक बाजारों तक पहुंचता है. यही वजह है कि इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजारों को प्रभावित कर सकता है.
यदि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही वास्तव में बाधित होती है, तो कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है.
सीजफायर उल्लंघन का आरोप
मेहर की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की सैन्य कमान का आरोप है कि अमेरिका और इजराइल ने सीजफायर एग्रीमेंट के तहत किए गए वादों का उल्लंघन किया है. इसी के जवाब में होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का फैसला लिया गया है. ईरान ने यह भी कहा है कि यह केवल शुरुआती प्रतिक्रिया है और यदि “आक्रामकता” जारी रहती है, तो आगे और कदम उठाए जाएंगे. हालांकि, ईरान ने कथित उल्लंघनों के बारे में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है.
तेल बाजार पर क्या होगा असर
ऊर्जा बाजार के लिए होर्मुज स्ट्रेट बेहद संवेदनशील क्षेत्र है. दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल निर्यात इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है. ऐसे में यहां किसी भी प्रकार की रुकावट वैश्विक सप्लाई चेन पर असर डाल सकती है. विश्लेषकों का मानना है कि यदि स्थिति लंबी खिंचती है, तो ब्रेंट क्रूड और अन्य बेंचमार्क तेल कीमतों में तेजी आ सकती है.
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