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NSE IPO से पहले 5,000 शेयरों का विवाद, 1.43 करोड़ रुपये की रिकवरी के लिए कोर्ट पहुंचा एक्सचेंज, जानें डिटेल

NSE के IPO से पहले DRHP में दो महत्वपूर्ण कानूनी विवाद सामने आए हैं. इनमें सबसे बड़ा मामला 5,000 NSE शेयरों के कथित गलत ट्रांसफर का है, जिसमें एक्सचेंज ने 1.43 करोड़ रुपये की रिकवरी के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है. NSE का आरोप है कि गलती से डीमैट खाते में पहुंचे शेयरों में से 3,685 शेयर बेच दिए गए थे.

NSE IPO Image Credit: Money9 Live

NSE IPO: देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंजों में से एक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का IPO एक बार फिर चर्चा में है. हालांकि इस बार वजह IPO का साइज या वैल्यूएशन नहीं, बल्कि ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में सामने आए दो कानूनी विवाद हैं. इनमें सबसे चर्चित मामला 5,000 NSE शेयरों के कथित गलत ट्रांसफर से जुड़ा है. NSE का आरोप है कि ये शेयर गलती से एक व्यक्ति के डीमैट खाते में पहुंच गए थे, जिसके बाद मामला दिल्ली हाईकोर्ट और पुलिस तक पहुंच गया है.

क्या है 5,000 शेयरों का पूरा मामला?

ET की रिपोर्ट के मुताबिक, NSE और Nuvama Wealth Finance ने मई 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट में एक सिविल मुकदमा दायर किया था. एक्सचेंज का दावा है कि 28 दिसंबर 2023 को 5,000 NSE शेयर गलती से कश्मीरी लाल राणा के डीमैट खाते में ट्रांसफर हो गए थे.

NSE का कहना है कि इस ट्रांसफर के पीछे न तो कोई पर्चेज रिक्वेस्ट था और न ही इन शेयरों के बदले कोई पेमेंट किया गया था. एक्सचेंज के अनुसार, गलती का पता चलने से पहले राणा ने इनमें से 3,685 शेयर बेच दिए थे.

1.43 करोड़ रुपये की रिकवरी की मांग

NSE और Nuvama Wealth Finance ने अदालत से मांग की है कि इस ट्रांसफर को अवैध घोषित किया जाए. साथ ही बेचे गए 3,685 शेयरों से प्राप्त करीब 1.43 करोड़ रुपये की राशि वापस दिलाई जाए.

इसके अलावा बचे हुए 1,315 शेयरों को भी वापस करने की मांग की गई है. यह मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है.

बोनस शेयरों ने और बढ़ाई जटिलता

नवंबर 2024 में NSE ने 4:1 बोनस इश्यू जारी किया था. इसके चलते बचे हुए 1,315 शेयरों पर 5,260 बोनस शेयरों का अधिकार बन गया.

दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान राणा को इन शेयरों को बेचने या ट्रांसफर करने से रोक दिया. साथ ही NSDL को भी निर्देश दिया गया कि विवाद सुलझने तक बोनस शेयर ट्रांसफर न किए जाएं.

आपराधिक मामला भी दर्ज

सिविल मुकदमे के अलावा NSE ने इस मामले में आपराधिक शिकायत भी दर्ज कराई है. DRHP के अनुसार, जुलाई 2025 में मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी.

शिकायत में आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी जैसे आरोप लगाए गए हैं. NSE का आरोप है कि राणा ने गलती से मिले शेयर अपने पास रखे और उनमें से 3,685 शेयर बेचकर लगभग 1.327 करोड़ रुपये हासिल किए. यह मामला भी अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के तहत है.

NSE IPO पर भी दायर हुई याचिका

  • DRHP में एक अन्य कानूनी विवाद का भी जिक्र किया गया है. मई 2026 में बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई, जिसमें NSE और SEBI को पक्ष बनाया गया.
  • याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि कुछ निवेशकों ने मॉरीशस स्थित संस्थाओं के माध्यम से निवेश किया और कुछ विदेशी शेयरधारकों की एक्चुअल बेनिफिशियल ओनरशिपजानकारी पब्लिक नहीं की गई. याचिका में NSE के प्रमोटर समूह, शेयरधारकों और अंतिम लाभार्थियों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई है.
  • साथ ही याचिकाकर्ता ने मामले के अंतिम निर्णय तक NSE IPO प्रक्रिया पर रोक लगाने की भी मांग की है. यह मामला भी फिलहाल अदालत में लंबित है.