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मल्टीबैगर का मास्टरस्ट्रोक! ₹193 से ₹3234 पर पहुंचा शेयर, 3 साल में ₹1 लाख को बना दिया ₹16.75 लाख

Shaily Engineering Plastics ने पिछले तीन वर्षों में निवेशकों को 1,575 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया है. मार्च 2023 में 193 रुपये का यह शेयर जून 2026 में 3,234 रुपये तक पहुंच गया. इस दौरान 1 लाख रुपये का निवेश बढ़कर करीब 16.75 लाख रुपये हो गया. कंपनी हेल्थकेयर, मेडिकल डिवाइसेज, ड्रग डिलीवरी सिस्टम्स और फार्मा पैकेजिंग सॉल्यूशंस जैसे क्षेत्रों में काम करती है.

मल्टीबैगर स्टॉक Image Credit: money9live.com

Multibagger Stock: शेयर बाजार में ऐसे स्टॉक्स कम ही देखने को मिलते हैं, जो कुछ ही वर्षों में निवेशकों को कई गुना रिटर्न देकर मालामाल कर दें. ऐसा ही एक मल्टीबैगर स्टॉक है Shaily Engineering Plastics, जिसने पिछले करीब तीन वर्षों में अपने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है. कंपनी का शेयर मार्च 2023 में करीब 193 रुपये के स्तर पर था, जो जून 2026 में बढ़कर 3,234 रुपये तक पहुंच गया. इस दौरान शेयर ने करीब 1,575 फीसदी का दमदार रिटर्न दिया है. इस तेज उछाल का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अगर किसी निवेशक ने करीब तीन साल पहले कंपनी के शेयरों में 1 लाख रुपये का निवेश किया होता, तो उसकी रकम आज बढ़कर करीब 16.75 लाख रुपये हो जाती.

शेयर की रफ्तार हुई थोड़ी धीमी

हालांकि, हाल के दिनों में शेयर अपने रिकॉर्ड हाई से कुछ नरम पड़ा है. शुक्रवार को कंपनी का शेयर 2.49 फीसदी उछलकर 2,793.35 रुपये पर पहुंच गया. इसके बावजूद लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह शेयर अब भी एक बेहतरीन वेल्थ क्रिएटर साबित हुआ है.

कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 12,876 करोड़ रुपये है. Shaily Engineering Plastics हाई-प्रिसिजन प्लास्टिक कंपोनेंट्स बनाने के कारोबार में है. कंपनी हेल्थकेयर, कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, होम फर्निशिंग, ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल एप्लिकेशंस जैसे कई सेगमेंट्स को सर्विस देती है.

हेल्थकेयर सेगमेंट बना ग्रोथ ड्राइवर

पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने हेल्थकेयर बिजनेस पर खास फोकस किया है. कंपनी मेडिकल डिवाइसेज, ड्रग डिलीवरी सिस्टम्स और फार्मा पैकेजिंग सॉल्यूशंस जैसे हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स बनाती है. ये ऐसे क्षेत्र हैं, जहां क्वालिटी और रेगुलेटरी स्टैंडर्ड्स का पालन बेहद अहम होता है.

वैश्विक ग्राहकों के साथ लॉन्गटर्म साझेदारी और लगातार क्षमता विस्तार की बदौलत कंपनी ने एक्सपोर्ट मार्केट में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाई है. यही वजह है कि हेल्थकेयर सेगमेंट कंपनी के लिए प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर बनकर उभरा है.

ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में सुधार

वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी की ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में भी सुधार देखने को मिला. Trade Brains की रिपोर्ट के मुताबिक, चौथी तिमाही में मशीन उपयोग क्षमता बढ़कर 46.8 फीसदी हो गई, जो एक साल पहले समान अवधि में 44 फीसदी थी.

पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान यह आंकड़ा 47.6 फीसदी रहा, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह 42.2 फीसदी था. इससे साफ है कि कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता का पहले के मुकाबले बेहतर इस्तेमाल कर रही है.

मुनाफे में शानदार बढ़ोतरी

कंपनी के वित्तीय नतीजे भी मजबूत ग्रोथ का संकेत देते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, सालाना आधार पर रेवेन्यू 203 करोड़ रुपये से बढ़कर 224 करोड़ रुपये हो गया, जो करीब 10 फीसदी की बढ़ोतरी दिखाता है.

वहीं ऑपरेटिंग प्रॉफिट 48 करोड़ रुपये से बढ़कर 63 करोड़ रुपये पहुंच गया, जिसमें 31 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. सबसे अहम बात यह रही कि नेट प्रॉफिट 30 करोड़ रुपये से बढ़कर 49 करोड़ रुपये हो गया, जो 63 फीसदी की मजबूत बढ़ोतरी को दिखाता है.

तिमाही आधार पर रेवेन्यू में कुछ गिरावट देखने को मिली और यह 236 करोड़ रुपये से घटकर 224 करोड़ रुपये रहा. हालांकि, इसके बावजूद नेट प्रॉफिट 36 फीसदी बढ़कर 49 करोड़ रुपये पहुंच गया. यह बेहतर मार्जिन और ऑपरेशनल एफिशिएंसी का संकेत देता है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.