ट्रम्प के क्रिप्टो बिजनेस का नया ठिकाना बनेगा PAK, इस्लामाबाद में हुई डील, भारत को लेकर क्या बोले जेक सुलिवन
पाकिस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के परिवार से जुड़ी क्रिप्टो कंपनी वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल (WLF) के साथ बड़ा समझौता किया है. यह डील सीमा पार डिजिटल भुगतान को आसान बनाने के लिए है. वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब और WLF के सह-संस्थापक जैकरी विटकॉफ ने इस्लामाबाद में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए.
Pak-USA Crypto Deal: पाकिस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के परिवार से जुड़ी क्रिप्टो कंपनी वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल (WLF) के साथ एक बड़ा समझौता किया है. पाक का कहना है कि यह डील सीमा पार डिजिटल पेमेंट सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए है. समझौते पर पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब और डब्ल्यूएलएफ के सह-संस्थापक जैकरी विटकॉफ ने इस्लामाबाद में हस्ताक्षर किए. यह ट्रंप परिवार की क्रिप्टो कंपनी के साथ किसी देश का पहला बड़ा सार्वजनिक करार है, जो 2025 में ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद पाकिस्तान-अमेरिका के नजदीक आने का परिणाम है.
समझौते की मुख्य बातें
यह समझौता पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय और एससी फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज के बीच हुआ है. इसके तहत डब्ल्यूएलएफ पाकिस्तान के सेंट्रल बैंक के साथ मिलकर अपनी USD1 स्टेबलकॉइन को डिजिटल पेमेंट सिस्टम में जोड़ेगी. इससे सीमा पार पेमेंट आसान और सुरक्षित होंगे. पाकिस्तान वर्चुअल एसेट रेगुलेटरी अथॉरिटी ने कहा कि यह एमओयू नई डिजिटल पेमेंट तकनीकों पर बातचीत और समझ बढ़ाएगा.
ट्रंप परिवार का कनेक्शन
डब्ल्यूएलएफ ट्रंप परिवार की मुख्य क्रिप्टो कंपनी है. जैकरी विटकॉफ के पिता स्टीव विटकॉफ एक बड़े रियल एस्टेट डेवलपर हैं, जो ट्रंप की तरह ही काम करते हैं और उनके कई डिप्लोमैटिक कामों में शामिल रहे हैं. ट्रंप के बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर भी डब्ल्यूएलएफ के मुख्य चेहरे हैं. यह डील पिछले साल पाकिस्तानी अधिकारियों और ट्रंप के बीच कई बैठकों के बाद हुई है.
आलोचनाएं और असर
यह समझौता अमेरिका में विवाद पैदा कर रहा है. कुछ अमेरिकी अधिकारी ट्रंप पर आरोप लगा रहे हैं कि वे परिवार के बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए विदेश नीति में बदलाव कर रहे हैं. पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने ट्रंप की आलोचना की और कहा कि इससे भारत के साथ अमेरिका के रिश्ते खराब हो सकते हैं. सुलिवन ने इसे ट्रंप की विदेश नीति की एक अनदेखी कहानी बताया.