भारत-अमेरिका की दोस्ती में दरार! 10 भारतीय कंपनियों पर लगे प्रतिबंध का क्या है रूस से कनेक्शन?

अमेरिका ने बुधवार को दुनियाभर की 398 कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया. इनमें 10 भारतीय कंपनियां भी शामिल हैं. भारतीय कंपनियों पर अमेरिका के इन प्रतिबंधों के ठीक एक दिन बाद गुरुवर को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल अमेरिकी एनएसए जेक सुलिवन के बीच लंबी बातचीत हुई है. इस बातचीत में क्या हुआ और क्या इन प्रतिबंधों से भारत-अमेरिका दोस्ती में दरार आएगी, जानते हैं.

भारत के एनएसए अजीत डोभाल अमेरिकी एनएसए जेक सुलिवन के साथ Image Credit: PTI

अमेरिका के वित्त विभाग ने बुधवार को दुनियाभर की 398 कंपनियों पर प्रतिबंधों का एलान किया. इन कंपनियों में से ज्यादातर पर रूसी सेना की मदद करने का आरोप है. प्रतिबंधित कंपनियों की सूची में शामिल 274 कंपनियों पर रूस को एडवांस्ड मिलिट्री टेक्नोलॉजी में मदद देने का आरोप है. प्रतिबंधों के एक दिन बाद अमेरिकी एनएसए जेक सुलिवन ने रणनीतिक साझेदारी के कई पहलुओं पर एनएसए अजीत डोभाल से बात की.

दोनों एनएसए ने क्षेत्रीय सुरक्षा चर्चा की. इसके अलावा हिंद-प्रशांत क्षेत्र और वैश्विक स्तर पर स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए आगे के प्रयासों की जरूरत को रेखांकित किया. यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब भारत और चीन ने LAC पर टकराव के बिंदुओं पर सहमति से तनाव खत्म कर लिया है.

एक अमेरिकी अदालत की तरफ से एक पूर्व भारतीय अधिकारी विकास यादव को खालिस्तान आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के हत्या के विफल प्रयास का मुख्य साजिशकर्ता बताने के बाद दोनों एनएसए के बीच पहली बार बात हुई है. सूत्रों के मुताबिक इस मुद्दे पर भी दोनों के बीच बात हुई है. हालांकि, किसी भी तरफ से इसका विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया गया है.

अमेरिका ने लगाए ये आरोप

अमेरिकी वित्त विभाग ने इन कंपनियों को थर्ड कंट्री एनेब्लर्स यानी अन्य देशों की सेनाओं की मददगार बताते हुए कहा, रूस को उन्नत तकनीक और उपकरण उपलब्ध कराने में शामिल 275 व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाया गया है. इस कार्रवाई में भारत, चीन, स्विटजरलैंड, थाईलैंड और तुर्की सहित 17 देशों की कंपनियां शामिल हैं.

इन कंपनियों पर लगा प्रतिबंध

अमेरिका जिन भारतीय कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया है, उनमें अभार टेक्नोलॉजीज एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, डेनवास सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, एम्सिस्टेक, गैलेक्सी बियरिंग्स लिमिटेड, ऑर्बिट फिनट्रेड एलएलपी, इनोवियो वेंचर्स, केडीजी इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड, खुशबू होनिंग प्राइवेट लिमिटेड, पॉइंटर इलेक्ट्रॉनिक्स, आरआरजी इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, शार्पलाइन ऑटोमेशन प्राइवेट लिमिटेड और शौर्य एयरोनॉटिक्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं.

क्या होगा प्रतिबंधों का असर

इन प्रतिबंधों का सीध असर इन कंपनियों के अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ व्यापार पर पड़ेगा. अमेरिका की तरफ से जब इस तरह के प्रतिबंध लगाए जाते हैं, तो प्रतिबंधित कंपनी या व्यक्ति को पश्चिम की अर्थव्यवस्था में शामिल होने से रोक दिया जाता है. इसका मतलब है कि ये कंपनियां अमेरिकी और पश्चिमी देशों के नियंत्रण वाले बाजार, वित्तीय और बैंकिंग व्यवस्था में शामिल नहीं हो पाएंगी.

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