ट्रंप ने दी ईरान को नई धमकी, कहा- होर्मुज स्ट्रेट नहीं खुला… तो सबकुछ कर देंगे तबाह; उड़ा देंगे पावर प्लांट और तेल के कुएं
ट्रूथ सोशल पर ट्रंप ने एक पोस्ट में लिखा कि संयुक्त राज्य अमेरिका, ईरान में अपने सैन्य अभियानों को समाप्त करने के लिए एक नई और अधिक समझदार सरकार के साथ गंभीर बातचीत कर रहा है. पिछले हफ्ते, ट्रंप ने कहा था कि US ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले 10 दिनों के लिए रोक देगा. यह समय-सीमा 6 अप्रैल (US समय के अनुसार) तक चलेगी.
ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से तेहरान को धमकी दी है. ट्रंप ने सोमवार को ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की चेतावनी दी, और कहा कि ऐसा न करने पर तेल के कुएं और बिजली घरों सहित प्रमुख बुनियादी ढांचों पर अमेरिकी हमले हो सकते हैं.
पूरी तरह से कर देंगे तबाह
सोमवार को अपने ट्रूथ सोशल पर ट्रंप ने एक पोस्ट में लिखा कि संयुक्त राज्य अमेरिका, ईरान में अपने सैन्य अभियानों को समाप्त करने के लिए एक नई और अधिक समझदार सरकार के साथ गंभीर बातचीत कर रहा है. इसमें काफी प्रगति हुई है, लेकिन अगर किसी भी वजह से जल्द ही कोई समझौता नहीं हो पाता है, जो कि शायद हो ही जाएगा, और अगर Hormuz Strait तुरंत ‘व्यापार के लिए नहीं खुलता’ है, तो हम ईरान में अपने इस ‘प्यारे प्रवास’ को उनके सभी बिजली पैदा करने वाले प्लांट, तेल के कुए और Kharg Island (और शायद सभी विलवणीकरण प्लांट भी!) को बम से उड़ाकर और पूरी तरह से तबाह करके समाप्त करेंगे, जिन्हें हमने जान-बूझकर अभी तक छुआ नहीं है.
ट्रंप ने कहा कि ईरान को साफ पानी की सप्लाई करने वाले विलवणीकरण प्लांट्स को भी निशाना बनाया जा सकता है और यह भी बताया कि इन सुविधाओं को ‘जान-बूझकर अभी तक नहीं छुआ गया है.’
हमले रोकने की डेडलाइन
पिछले हफ्ते, ट्रंप ने कहा था कि US ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले 10 दिनों के लिए रोक देगा. यह समय-सीमा 6 अप्रैल (US समय के अनुसार) तक चलेगी. भले ही उन्होंने बातचीत में प्रगति की बात कही हो, लेकिन वॉशिंगटन इस क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिक तैनात कर रहा है. इस बात से ईरान के संसदीय नेतृत्व ने US पर यह आरोप लगाया कि वह बातचीत के लिए तैयार होने का संकेत तो दे रहा है, लेकिन साथ ही जमीनी हमले की तैयारी भी कर रहा है; इस आरोप पर तेहरान की ओर से कड़ा जवाब आया.
हालांकि, ईरानी नेताओं ने इस बात से इंकार किया है कि अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत चल रही है.
