इस सीजन रबी फसलों की बंपर पैदावार का अनुमान, गेहूं उत्पादन 120 मिलियन टन के पार; दलहन में भी बढ़ोतरी
कृषि मंत्रालय के मुताबिक 2025-26 फसल वर्ष में देश का गेहूं उत्पादन करीब 120.21 मिलियन टन रहने का अनुमान है. यह पिछले साल के 117.94 मिलियन टन से लगभग 2 प्रतिशत ज्यादा है. वहीं सरकार के अनुमान के मुताबिक रबी सीजन में दालों का उत्पादन 16.24 मिलियन टन तक पहुंच सकता है.
भारत में इस साल गेहूं की पैदावार नया रिकॉर्ड बना सकती है. कृषि मंत्रालय के दूसरे अग्रिम अनुमान के मुताबिक 2025-26 फसल वर्ष में देश का गेहूं उत्पादन करीब 120.21 मिलियन टन रहने का अनुमान है. यह पिछले साल के 117.94 मिलियन टन से लगभग 2 प्रतिशत ज्यादा है.
कई राज्यों में शुरू हुई गेहूं की कटाई
गेहूं देश की सबसे अहम रबी फसलों में से एक है. फिलहाल कई राज्यों में इसकी कटाई शुरू हो चुकी है और आने वाले हफ्तों में इसकी रफ्तार और तेज होने की उम्मीद है. पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे बड़े उत्पादक राज्यों से अच्छी पैदावार की खबरें सामने आ रही हैं.
कुल रबी फसलों का उत्पादन भी बढ़ेगा
कृषि मंत्रालय के मुताबिक इस साल कुल रबी फसलों का उत्पादन 174.51 मिलियन टन रहने का अनुमान है. पिछले साल यह 169.16 मिलियन टन था. यानी इस बार करीब 3.16 प्रतिशत बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
दालों के उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद
सरकार के अनुमान के मुताबिक रबी सीजन में दालों का उत्पादन 16.24 मिलियन टन तक पहुंच सकता है. पिछले साल यह 15.23 मिलियन टन था. भारत में दालों की मांग काफी ज्यादा है और कई बार देश को आयात भी करना पड़ता है. ऐसे में उत्पादन बढ़ना राहत की खबर माना जा रहा है.
चना और मसूर की पैदावार बढ़ेगी
आंकड़ों के मुताबिक चना उत्पादन 11.79 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल 11.11 मिलियन टन था.
वहीं मसूर की पैदावार 1.73 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जो पहले 1.65 मिलियन टन थी.
हालांकि कुछ दालों में गिरावट भी देखने को मिल सकती है. उड़द का उत्पादन 5.08 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल 5.53 लाख टन था. वहीं मूंग का उत्पादन 87 हजार टन रहने का अनुमान है, जो पहले 1 लाख टन था.
सरसों और मूंगफली की पैदावार बढ़ने का अनुमान
तिलहन फसलों की बात करें तो सरसों का उत्पादन 13.33 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल 12.66 मिलियन टन था. मूंगफली का उत्पादन 7.97 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पहले 6.78 लाख टन था.
हालांकि सूरजमुखी के बीज का उत्पादन 1.04 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल 1.21 लाख टन था.
मक्का और चावल का उत्पादन भी बढ़ सकता है.
सरकारी अनुमान के मुताबिक मक्का का उत्पादन 15.90 मिलियन टन तक पहुंच सकता है, जो पिछले साल 14.75 मिलियन टन था. वहीं चावल का उत्पादन 16.72 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल 16.12 मिलियन टन था.
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इसके अलावा मोटे अनाज का उत्पादन 21.34 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल 19.86 मिलियन टन था. कृषि मंत्रालय का कहना है कि ये शुरुआती अनुमान हैं और आगे आने वाले आंकड़ों में थोड़ा बदलाव हो सकता है.
