किसानों के लिए बड़ा तोहफा! यूपी में 20 लाख टन आलू खरीदेगी सरकार; इन राज्यों को भी मिलेगा फायदा
केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है. उत्तर प्रदेश में 20 लाख टन आलू खरीदने, आंध्र प्रदेश में चना खरीद सीमा बढ़ाने और कर्नाटक में तुअर खरीद की समयसीमा बढ़ाने को मंजूरी दी गई है. इस कदम का मकसद किसानों को MSP के करीब उचित दाम दिलाना और मजबूरी में फसल बेचने से बचाना है.
Potato Procurement UP: किसानों को राहत देने और फसलों की गिरती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने उत्तर प्रदेश में 20 लाख टन आलू खरीदने, आंध्र प्रदेश में चना खरीद सीमा बढ़ाने और कर्नाटक में तुअर खरीद की समयसीमा बढ़ाने को मंजूरी दे दी है. इन फैसलों का मकसद किसानों को उचित दाम दिलाना और मजबूरी में कम कीमत पर फसल बेचने से बचाना है. खासतौर पर कटाई के मौसम में जब बाजार में सप्लाई बढ़ जाती है, तब किसानों को अक्सर MSP से नीचे कीमत मिलती है. ऐसे में सरकार का यह कदम बड़ी राहत माना जा रहा है.
उत्तर प्रदेश के आलू किसानों को बड़ी राहत
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश में 20 लाख टन आलू खरीदने को मंजूरी दी है. इसके लिए 6,500.90 रुपये प्रति टन का मार्केट इंटरवेंशन प्राइस तय किया गया है. इस योजना पर सरकारी खजाने से करीब 203.15 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े आलू उत्पादक राज्यों में शामिल है. हर साल उत्पादन ज्यादा होने पर किसानों को कम दाम मिलने की शिकायत रहती है. कई बार लागत निकालना भी मुश्किल हो जाता है. ऐसे में सरकारी खरीद से बाजार में कीमतों को सहारा मिलने की उम्मीद है.
आंध्र प्रदेश में चना खरीद सीमा बढ़ी
सरकार ने आंध्र प्रदेश में चना खरीद की सीमा भी बढ़ा दी है. पहले यह सीमा 94,500 टन थी, जिसे अब बढ़ाकर 1.13 लाख टन कर दिया गया है. इस फैसले से राज्य के चना किसानों को फायदा होगा, क्योंकि ज्यादा मात्रा में सरकारी खरीद होने से बाजार में दबाव कम होगा और किसानों को बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी.
कर्नाटक के तुअर किसानों को अतिरिक्त समय
कर्नाटक में तुअर खरीद की अंतिम तारीख बढ़ाकर 15 मई कर दी गई है. यह खरीद प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत की जाएगी. सरकार का मानना है कि समयसीमा बढ़ने से ज्यादा किसान अपनी उपज MSP पर बेच सकेंगे. कई किसान समय पर पंजीकरण या बिक्री प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाते थे, जिससे उन्हें खुले बाजार में कम दाम पर फसल बेचनी पड़ती थी. अब उन्हें अतिरिक्त समय मिलेगा. ये फैसले कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों के कृषि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक के बाद मंजूर किए.
क्यों जरूरी है यह फैसला?
फसल कटाई के समय बाजार में भारी मात्रा में उपज आने से कीमतें अक्सर गिर जाती हैं. इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है. MSP घोषित होने के बावजूद हर किसान को उसका लाभ नहीं मिल पाता.
सरकार के इन फैसलों से:
- किसानों को उचित मूल्य मिलने में मदद मिलेगी.
- बाजार में कीमतों पर दबाव कम होगा.
- मजबूरी में सस्ती बिक्री से राहत मिलेगी.
- सरकारी खरीद व्यवस्था मजबूत होगी.
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सहारा मिलेगा.
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