खेती के साथ बिजली भी बनाएंगे किसान, सरकार ला सकती है PM KUSUM 2.0 योजना, जानें क्या होगा खास
सरकार कृषि क्षेत्र में रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए PM KUSUM 2.0 योजना लाने की तैयारी कर रही है. इस योजना के तहत किसान अपनी खेती की जमीन पर सोलर पैनल लगाकर बिजली भी बना सकेंगे. इससे किसानों की आय बढ़ाने और सिंचाई की लागत कम करने में मदद मिलेगी. मौजूदा PM KUSUM योजना 2019 में शुरू हुई थी.
PM KUSUM 2.0 Scheme: सरकार खेती और रिन्यूएबल एनर्जी को साथ आगे बढ़ाने के लिए PM KUSUM योजना का नया वर्जन लाने की तैयारी कर रही है. इस नई योजना का नाम PM KUSUM 2.0 हो सकता है. इसका मकसद किसानों को खेती करते हुए उसी जमीन से बिजली बनाने का मौका देना है. इससे किसानों की आय बढ़ाने और सिंचाई की लागत कम करने में मदद मिल सकती है. सरकार कृषि क्षेत्र में सोलर एनर्जी को तेजी से बढ़ावा देना चाहती है. नई योजना में पहले के मुकाबले ज्यादा लक्ष्य और ज्यादा बजट रखा जा सकता है.
क्या है PM KUSUM योजना
PM KUSUM योजना की शुरुआत साल 2019 में की गई थी. इस योजना का पूरा नाम प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान है. इसका मकसद खेती में रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल बढ़ाना है. योजना के तहत किसानों को सोलर पंप लगाने और सोलर पावर से बिजली बनाने के लिए प्रोत्साहन दिया जाता है. इससे किसानों को सस्ती बिजली मिलती है और डीजल पंप पर निर्भरता भी कम होती है.
अब तक क्या हुई है प्रगति
सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस योजना के तहत देश भर में 10 लाख से ज्यादा स्टैंडअलोन सोलर एग्रीकल्चर पंप लगाए जा चुके हैं. इसके अलावा 13 लाख से ज्यादा ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों को सोलर सिस्टम से जोड़ा गया है. सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक करीब 34800 मेगावाट सोलर क्षमता जोड़ने का है. इससे खेती के लिए सस्ती और साफ एनर्जी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
PM KUSUM 2.0 में क्या हो सकता है नया
ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि मौजूदा योजना की समय सीमा अब करीब है. इसलिए प्रधानमंत्री से PM KUSUM 2.0 शुरू करने का अनुरोध किया गया है. नई योजना में पहले के मुकाबले ज्यादा लक्ष्य और ज्यादा बजट रखा जा सकता है. इसमें किसानों को खेती के साथ सोलर बिजली प्रोडक्शन का मौका दिया जाएगा ताकि वे अतिरिक्त बिजली बेचकर इनकम भी कमा सकें.
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खेती और सोलर एनर्जी का नया मॉडल
नई योजना में एग्री फोटोवोल्टिक मॉडल पर भी जोर दिया जा सकता है. इसमें किसान उसी जमीन पर खेती करते हुए सोलर पैनल से बिजली भी बना सकेंगे. इससे जमीन का बेहतर इस्तेमाल होगा और किसानों की इनकम के नए रास्ते खुलेंगे. सरकार का मानना है कि इससे एग्रीकल्चर और साफ एनर्जी दोनों को एक साथ बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.
