Auto मार्केट का गेम चेंजर, 2025 में गांवों ने शहरों को पछाड़ा

2025 भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आया है, जहां ग्रामीण भारत ने ऑटो मार्केट में शहरी बाजारों को पीछे छोड़ दिया है. यह बताता है कि किस तरह गांव और अर्ध-ग्रामीण इलाकों ने व्हीकल सेल्स में नई जान फूंकी है और पूरी ऑटो इंडस्ट्री की दिशा बदल दी है. फाडा के ताजा आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में पैसेंजर व्हीकल सेल्स ग्रोथ 12 फीसदी रही, जबकि शहरी बाजारों में यह बढ़त केवल 8 फीसदी तक सीमित रही. इसके पीछे ग्रामीण आय में सुधार, एग्रीकल्चर इकोनॉमी की मजबूती, अच्छा मानसून और एमएसपी सपोर्ट जैसे बड़े कारण रहे हैं.

ग्रामीण भारत में सीएनजी व्हीकल, ईवी और हाइब्रिड व्हीकल की मांग तेजी से बढ़ रही है, जबकि पेट्रोल व्हीकल की पकड़ धीरे-धीरे कमजोर हो रही है. टू व्हीलर, ट्रैक्टर सेल्स और कमर्शियल व्हीकल की मजबूत बिक्री ने भी ग्रामीण ऑटो मार्केट को नई ताकत दी है. इसके साथ ही ईयर एंड सेल्स सर्ज ने कंपनियों के लिए बेहतर बिक्री आंकड़े दर्ज करने में मदद की है.

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