भारत में शानदार रिस्पांस से गदगद BYD, असेम्बली प्लांट लगाने की तैयारी; ईवी मार्केट में बढ़ेगा कंपटीशन
चीनी इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी BYD भारत में अपने कारोबार के विस्तार की तैयारी कर रही है. देश में इलेक्ट्रिक कारों की तेज होती मांग के कारण कंपनी लोकल असेम्बली के विकल्प पर विचार कर रही है. भारत BYD के लिए एक अहम उभरता बाजार बनता जा रहा है.
BYD India Expansion: चीन की इलेक्ट्रिक कार मैन्युफैक्चरर BYD भारत में अपने कारोबार को और आगे बढ़ाने की तैयारी में है. भारत में इलेक्ट्रिक कारों की बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी अब लोकल असेम्बली के विकल्प पर विचार कर रही है. पिछले साल BYD की बिक्री में तेज उछाल आया है. इसके चलते आयात से जुडे़ नियम कंपनी के लिए चुनौती बन रहे हैं.
भारत में बढ़ती मांग ने बदली रणनीति
BYD की कारों को भारत में अच्छा रिस्पांस मिल रहा है. डीलरों के पास सैकड़ों बुकिंग पेंडिंग बताई जा रही हैं. इतनी मजबूत मांग ने कंपनी को भारत में लंबे समय के निवेश पर सोचने के लिए मजबूर किया है. BYD अब सिर्फ आयात पर निर्भर नहीं रहना चाहती.
आयात नियम बने बड़ी चुनौती
भारत में पूरी तरह बनी कारों के आयात पर सख्त सीमा लागू है. हर मॉडल के लिए सीमित संख्या में ही गाड़ियां मंगाई जा सकती हैं. इसके अलावा ऊंचा आयात शुल्क भी लागत बढ़ा देता है. इन्हीं कारणों से BYD को नए रास्ते तलाशने पड़ रहे हैं.
लोकल असेम्बली पर विचार
कंपनी भारत में सेमी नॉक्ड डाउन असेम्बली पर काम कर सकती है. इस तरीके में गाड़ियों के कुछ हिस्से भारत में असेंबल किए जाते हैं. इससे नियमों को पूरा करना आसान होता है और ड्यूटी भी कम लगता है. इससे कारों की कीमत बजट में रह सकती है.
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टेस्ला से अलग राह
जहां टेस्ला भारत में बिक्री बढ़ाने के लिए छूट का सहारा ले रही है वहीं BYD की गाड़ियां बिना छूट के बिक रही हैं. BYD की कीमतें भारतीय बाजार के लिहाज से ज्यादा बेहतर मानी जा रही हैं. यही वजह है कि कंपनी का भरोसा भारत में मजबूत हो रहा है.
भारत पर बढ़ता फोकस
चीन के बाहर कारोबार बढ़ाना BYD की प्राथमिकता बन गया है. घरेलू बाजार में कंपटीशन बढ़ने से कंपनी नए बाजारों पर ध्यान दे रही है. भारत जैसे तेजी से बढ़ते ऑटो बाजार में BYD को लंबी अवधि का मौका दिख रहा है.
आगे क्या हो सकता है
हालांकि पहले भारत ने BYD के फुल प्लांट प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी थी. फिर भी मौजूदा हालात में कंपनी दोबारा कोशिश कर सकती है. अगर लोकल असेम्बली को हरी झंडी मिलती है तो भारतीय ईवी बाजार में कंपटीशन और तेज हो सकती है.