अरे वाह! 110% से 10%, मदर ऑफ ऑल डील्स में विदेशी कारें लाखों में होंगी सस्ती, लेकिन होगी ये शर्त
EU में बनी कारों पर भारत में लगने वाला भारी टैक्स बहुत कम किया जाएगा. अभी तक विदेशी कारों पर 70 प्रतिशत से लेकर 110 प्रतिशत तक टैक्स लगता था. नए समझौते के तहत इसे धीरे धीरे घटाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा. हालांकि इसमें एक शर्त भी रखी गई है. यह रियायत हर साल तय संख्या में आने वाली गाड़ियों पर ही लागू होगी.
FTA: करीब 20 साल की लंबी बातचीत के बाद भारत और यूरोपीय यूनियन यानी EU के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट आखिरकार पूरा हो गया है. इस समझौते को “मदर ऑफ ऑल डील्स” कहा जा रहा है. इसकी सबसे बड़ी और चर्चा में रहने वाली बात यह है कि अब EU में बनी कारों पर भारत में लगने वाला भारी टैक्स बहुत कम किया जाएगा. अभी तक विदेशी कारों पर 70 प्रतिशत से लेकर 110 प्रतिशत तक टैक्स लगता था.
नए समझौते के तहत इसे धीरे धीरे घटाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा. हालांकि इसमें एक शर्त भी रखी गई है. यह रियायत हर साल तय संख्या में आने वाली गाड़ियों पर ही लागू होगी. इस फैसले से ऑटो सेक्टर में बड़ा बदलाव आ सकता है और भारत EU व्यापार को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है.
कारों पर टैक्स में बड़ी कटौती
EU से आने वाली कारों पर टैक्स को 110 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा. यह कटौती धीरे धीरे लागू होगी. लेकिन यह सुविधा हर साल सिर्फ 2.5 लाख गाड़ियों तक ही सीमित रहेगी. यानी तय संख्या से ज्यादा कारों पर पुराना टैक्स ही लगेगा. फिलहाल 40000 डॉलर से कम कीमत वाली गाड़ियों पर 70 प्रतिशत और इससे महंगी कारों पर 110 प्रतिशत तक टैक्स लिया जाता है.
कितना बड़ा है भारत EU व्यापार
भारत और EU के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है. साल 2024-25 में दोनों के बीच कुल व्यापार 190 अरब डॉलर से ज्यादा रहा. भारत ने EU को 75.9 अरब डॉलर का सामान और 30 अरब डॉलर की सेवाएं बेचीं. वहीं EU ने भारत को 60.7 अरब डॉलर का सामान और 23 अरब डॉलर की सर्विसेज दीं.
दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कार मार्केट
भारत, अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार बाजार है. लेकिन यहां घरेलू ऑटो इंडस्ट्री को काफी सुरक्षा दी जाती रही है. इसी वजह से आयातित कारों पर भारी टैक्स लगाया जाता था. इस नीति की आलोचना कई विदेशी कंपनियां करती रही हैं. यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका की टैरिफ नीति और चीन के निर्यात नियमों से वैश्विक व्यापार में हलचल है. भारत और EU दोनों ही नए बाजार तलाश रहे हैं.
एशिया में तीसरा देश बना भारत
इस डील के साथ भारत EU के साथ ऐसा समझौता करने वाला एशिया का तीसरा देश बन गया है. इससे पहले जापान और दक्षिण कोरिया EU के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कर चुके हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते का स्वागत करते हुए इसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” बताया. उन्होंने कहा कि यह डील दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को जोड़ता है और इससे भारत में कारोबार और निवेश को लेकर भरोसा बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि इस समझौते से पूरी दुनिया में भारत की छवि और मजबूत होगी.
ब्रिटेन से 6 गुणा ज्यादा मिली रियायत
ब्रिटेन के साथ हुए अलग समझौते में भारत ने सिर्फ करीब 37000 कारों को ही ऐसी सुविधा दी थी. इस फैसले से भारत का सख्त माने जाने वाला कार बाजार यूरोपीय कंपनियों के लिए काफी हद तक खुल जाएगा और आने वाले समय में विदेशी कारों की मौजूदगी बढ़ सकती है.
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