India EU-FTA से भारत को बड़ा फायदा, इन सेक्टर्स को मिलेगा सीधा बूस्ट, देखें लिस्ट
भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते से भारतीय निर्यात को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है. इस डील के तहत यूरोप भारत के अधिकांश उत्पादों को ड्यूटी फ्री एंट्री देगा. टेक्सटाइल, अपैरल, केमिकल्स, लेदर, फुटवियर, मरीन ,प्रोडक्ट्स और जेम्स ज्वेलरी जैसे सेक्टर्स को सीधा बूस्ट मिलेगा.
India- EU Trade Deal: भारत और EU के बीच लंबे समय से चली आ रही फ्री ट्रेड एग्रीमेंट(FTA) की बातचीत आखिरकार पूरी हो गई है और आज डील साइन हो गई है. करीब दो दशक बाद हुए इस समझौते को मदर ऑफ ऑल डील्स कहा जा रहा है. इस डील से करीब 2 अरब लोगों का बाजार तैयार होगा. भारत के ज्यादातर प्रोडक्ट को यूरोपीय बाजार में बिना ड्यूटी के एंट्री मिलेगी. इससे निर्यात बढ़ेगा और भारतीय इंडस्ट्री को नई रफ्तार मिलेगी.
ड्यूटी फ्री एक्सेस से क्या फायदा
इस समझौते के तहत यूरोपीय संघ भारत से आने वाले लगभग 93 सामान पर जीरो ड्यूटी देगा. बाकी बचे प्रोडक्ट पर भी चरणबद्ध तरीके से टैक्स घटाया जाएगा. इसका सीधा फायदा भारतीय निर्यातकों को मिलेगा. भारतीय सामान यूरोप में सस्ता होगा और कंपटीशन बढ़ेगी.
किन सेक्टर्स को मिलेगा सबसे ज्यादा बूस्ट
टेक्सटाइल और अपैरल सेक्टर इस डील के सबसे ज्यादा फायदा होगा. इसके अलावा केमिकल्स, प्लास्टिक, रबर, लेदर, और फुटवियर सेक्टर को भी फायदा मिलेगा. जेम्स और ज्वेलरी फर्नीचर खिलौने और स्पोर्ट्स गुड्स जैसे सेक्टर्स को यूरोप में बेहतर बाजार मिलेगा. अभी इन पर 0 से लेकर 26 तक ड्यूटी लगती थी.
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मरीन और एग्रीक्लचर प्रोडक्ट पर राहत
मरीन प्रोडक्ट्स को ड्यूटी फ्री एंट्री मिलने से भारत के तटीय राज्यों को बड़ा फायदा होगा. इसके साथ ही भारत को यूरोप में टेबल ग्रेप्स के लिए कोटा आधारित राहत मिली है. इससे किसानों की इनकम बढ़ने की उम्मीद है. यूरोप हर साल बड़ी मात्रा में अंगूर आयात करता है.
भारत ने किन सेक्टर्स को रखा बाहर
भारत ने डेयरी सेक्टर, सोया मील और अनाज पर किसी तरह की ड्यूटी छूट नहीं दी है. इसका मकसद घरेलू किसानों और छोटे उत्पादकों को सुरक्षित रखना है. वहीं यूरोपीय संघ ने भी अपने बीफ, मीट, पोल्ट्री और शुगर सेक्टर को इस डील से बाहर रखा है.
भारत ईयू व्यापार कितना बढ़ेगा
फिलहाल भारत और यूरोपीय संघ के बीच करीब 136 अरब डॉलर का है. इस डील के लागू होने के बाद तीन से चार साल में यह आंकड़ा 200 अरब डॉलर के पार जा सकता है. सर्विस का ट्रेड भी तेजी से बढ़ने की संभावना है.
India EU FTA से भारत को मिलने वाले फायदे
| सेक्टर | मौजूदा स्थिति | FTA के बाद फायदा |
|---|---|---|
| टेक्सटाइल और अपैरल | यूरोप में ड्यूटी लगती थी | जीरो ड्यूटी एक्सेस |
| केमिकल्स और प्लास्टिक | टैक्स के कारण महंगे | निर्यात सस्ता होगा |
| लेदर और फुटवियर | सीमित प्रतिस्पर्धा | यूरोप में बड़ी मांग |
| जेम्स और ज्वेलरी | ड्यूटी बाधा | बाजार विस्तार |
| मरीन प्रोडक्ट्स | उच्च शुल्क | तटीय राज्यों को फायदा |
| टेबल ग्रेप्स | सीमित कोटा | तय मात्रा पर ड्यूटी राहत |
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