India-EU ट्रेड डील की आ गई डिटेल, 90 फीसदी प्रोडक्ट पर टैरिफ घटा, इन पर लगेगा 0% टैक्स, जानें बाकी पर अब कितना रेट

भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच 18 साल बाद फ्री ट्रेड एग्रीमेंट फाइनल हुआ है, जिसके तहत 90% से ज्यादा EU प्रोडक्ट्स पर भारत में टैरिफ खत्म या कम किया जाएगा. इस डील से 2032 तक भारत में EU का निर्यात दोगुना होने की उम्मीद है. इससे न सिर्फ दोनों देशों के आर्थिक रिश्ते मजबूत होंगे. बल्कि भविष्‍य में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे.

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India-EU FTA highlights: करीब 18 साल के लंबे इंतजार के बाद भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच आखिरकार फ्री ट्रेड एग्रीमेंट फाइनल हो गई है. इस समझौते के तहत दोनों पक्षों ने बड़े पैमाने पर टैरिफ घटाने या खत्म करने पर सहमति जताई है. EU के मुताबिक इस समझौते के तहत भारत में निर्यात होने वाले 90% से ज्यादा यूरोपीय उत्पादों पर आयात शुल्क या तो पूरी तरह खत्म होगा या फिर काफी कम किया जाएगा. इस डील से 2032 तक भारत में EU का निर्यात दोगुना होने की उम्मीद जताई जा रही है.

यूरोपीय यूनियन का कहना है कि इस डील से भारत के साथ आर्थिक रिश्ते और मजबूत होंगे. यह डील ऐसे समय हुई है, जब वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता जारी है. इस डील से न सिर्फ निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भारत के उत्सर्जन घटाने के प्रयासों को सपोर्ट करने के लिए जलवायु सहायता फंडिंग भी देगा.

EU में रोजगार के बढ़ेंगे मौके

EU से भारत को होने वाले निर्यात से करीब 8 लाख यूरोपीय नौकरियों को सपोर्ट मिलता है और इस समझौते से और अधिक रोजगार पैदा होने की संभावना है. इस डील के तहत अगले दो वर्षों में भारत को ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन घटाने और ग्रीन ट्रांजिशन को तेज करने के लिए 500 मिलियन यूरो की EU सहायता भी दी जाएगी. यह समझौता शराब, खाद्य उत्पाद, केमिकल्स, मशीनरी, फार्मास्यूटिकल्स और एयरोस्पेस जैसे बड़े सेक्टरों को कवर करता है.

EU ने किया अहम ऐलान

EU निर्यातकों को हर साल करीब 4 अरब यूरो की ड्यूटी बचत होगी. यह अब तक का सबसे बड़ा ट्रेड ओपनिंग कदम है, जो भारत ने किसी भी साझेदार देश को दिया है. इसके तहत कस्टम्स प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाएगा, जिससे निर्यात तेज और सस्ता हो सके.

इन चीजों पर घटाया टैरिफ

  • बीयर पर टैरिफ घटाकर 50% किया जाएगा.
  • स्पिरिट्स पर टैरिफ 40% तक घटेगा.
  • वाइन पर टैरिफ 20 से 30% के बीच रहेगा.
  • मोटर वाहनों पर टैरिफ 110% से घटाकर 10% किया जाएगा, हालांकि यह सालाना 2.5 लाख वाहनों की सीमा के तहत होगा.
  • EU और भारत जियोग्राफिकल इंडिकेशन यानी GI टैग को लेकर अलग समझौते पर बातचीत कर रहे हैं.
  • ऑलिव ऑयल, मार्जरीन और वेजिटेबल ऑयल पर टैरिफ पूरी तरह खत्म होंगे.
  • फ्रूट जूस और प्रोसेस्ड फूड पर भी ड्यूटी समाप्त होगी.
  • EU के लगभग सभी केमिकल उत्पादों पर टैरिफ खत्म किया जाएगा.
  • मशीनरी पर लगने वाली 44% तक की ड्यूटी ज्यादातर खत्म होगी.
  • केमिकल्स पर 22% तक और फार्मा उत्पादों पर 11% तक की ड्यूटी हटाई जाएगी.
  • एयरक्राफ्ट और स्पेसक्राफ्ट से जुड़े लगभग सभी उत्पादों पर टैरिफ खत्म किया जाएगा.
उत्पाद2024 का निर्यात (यूरो)वर्तमान टैरिफभविष्य का टैरिफ
मशीनरी और इलेक्ट्रिकल उपकरण€16.3 अरब44% तकलगभग सभी उत्पादों पर 0%
विमान और अंतरिक्ष यान€6.4 अरब11% तकलगभग सभी उत्पादों पर 0%
ऑप्टिकल, मेडिकल और सर्जिकल उपकरण€3.4 अरब27.5% तक90% उत्पादों पर 0%
प्लास्टिक€2.2 अरब16.5% तकलगभग सभी उत्पादों पर 0%
मोती, कीमती पत्थर और धातुएं€2.1 अरब22.5% तक20% उत्पादों पर 0%, अन्य 36% पर टैरिफ में कटौती
केमिकल्स€3.2 अरब22% तकलगभग सभी उत्पादों पर 0%
मोटर वाहन€1.6 अरब110%10% (2.5 लाख वाहनों की सीमा के तहत)
आयरन और स्टील€1.5 अरब22% तकलगभग सभी उत्पादों पर 0%
फार्मास्यूटिकल्स€1.1 अरब11%लगभग सभी उत्पादों पर 0%

क्‍या होंगे फायदे?

  • भारत को अगले दो वर्षों में 500 मिलियन यूरो की EU सहायता मिलेगी, जिससे उत्सर्जन घटाने में मदद मिलेगी.
  • EU के ट्रेडमार्क, डिजाइन, कॉपीराइट और ट्रेड सीक्रेट्स को मजबूत सिक्‍योरिटी दी जाएगी.
  • छोटे कारोबारियों को ट्रेड और निवेश में मदद के लिए SME कॉन्टैक्ट पॉइंट बनाए जाएंगे.
  • पूरे सिस्टम में ज्यादा पारदर्शिता और रेगुलेटरी बाधाएं कम होंगी.
  • भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट व्यापार, निवेश, रोजगार और ग्रीन इकॉनमी के लिहाज से एक ऐतिहासिक कदम है.
  • इस डील से आने वाले वर्षों में दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को नई दिशा मिल सकती है.