हो गई भारत और EU के बीच ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ इन सेक्टर को होगा बड़ा फायदा, जानें अभी कितना है टैरिफ

भारत तेजी से वैश्विक व्यापार का अहम केंद्र बनता जा रहा है. जिस मदर ऑफ डील्स का सबको इंतजार था, उसका ऐलान खुद PM मोदी ने ऐलान कर दिया है. लेकिन लोगों के मन में एक सवाल जरूर है कि अभी EU भारत के किन सामानों पर कितना टैक्स यानी टैरिफ लगाता है.

भारत-यूरोपीय संघ Image Credit: Getty image

India-EU Pact: भारत और European Union (EU) के रिश्ते अब एक नए शिखर पर पहुंच गए हैं. जिस मदर ऑफ डील्स का सबको इंतजार था, उसका ऐलान खुद PM मोदी ने ऐलान कर दिया है. उनका कहना है यह ट्रेड डील दुनिया के लिए नजीर बनेगी और भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़ा बूस्ट देगी. इसके साथ ही टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर को भी बड़ा फायदा मिलने वाला है. यह डील ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति से परेशान है.

दुनिया के कई देश नए व्यापारिक रास्ते तलाश रहे हैं. ऐसे माहौल में भारत और EU के बीच होने वाला फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पूरी दुनिया की नजरों में है. इसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” कहा जा रहा है. लेकिन लोगों के मन में एक सवाल जरूर है कि अभी EU भारत के किन सामानों पर कितना टैक्स यानी टैरिफ लगाता है और यह नया समझौता आने के बाद क्या बदल सकता है. आज हम इसी पूरी कहानी को विस्तार से समझेंगे.

करीब 20 साल बाद बनी सहमति

भारत और EU के बीच इस समझौते पर बातचीत साल 2007 से चल रही थी. अब करीब दो दशक बाद दोनों पक्षों ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर सहमति बना ली है. डील साइन होने के पहले Commerce Secretary राजेश अग्रवाल ने कहा है कि बातचीत पूरी हो चुकी है और समझौता संतुलित और भविष्य को ध्यान में रखकर बनाया गया है. फिलहाल कानूनी भाषा को अंतिम रूप दिया जा रहा है. उम्मीद है कि इस साल इसके दस्तखत हो जाएंगे और अगले साल से यह लागू हो सकता है.

EU अभी भारत से आने वाले सामान पर कितना टैक्स लेता है

फिलहाल EU भारत के सामानों पर औसतन करीब 3.8 प्रतिशत टैरिफ लगाता है. लेकिन कपड़ा, चमड़ा, जूते, रसायन और श्रम आधारित प्रोडक्ट पर यह टैक्स करीब 10 प्रतिशत तक पहुंच जाता है. वहीं भारत EU से आने वाले सामानों पर औसतन 9.3 प्रतिशत टैक्स लगाता है. कार और उसके पुर्जों पर तो यह 35 प्रतिशत से भी ज्यादा है. प्लास्टिक और केमिकल प्रोडक्ट पर भी ज्यादा टैरिफ लगता है.

भारतीय सामानों पर EU टैरिफ

सेक्टर / प्रोडक्टEU में औसत इंपोर्ट ड्यूटी
सभी भारतीय सामान (औसत)3.8%
Labor-based sectors (कपड़ा, चमड़ा, जूते आदि)लगभग 10%
टेक्सटाइल और गारमेंट्स10-12%
लेदर और फुटवियर10%

इस डील से भारत के कई अहम सेक्टर खास तौर पर टेक्सटाइल, लेदर और ज्वैलरी इंडस्ट्री पर जीरो इंपोर्ट ड्यूटी लगेगी. यूरोपीय बाजार में भारतीय प्रोडक्ट की पहुंच आसान होगी. इससे निर्यात बढ़ेगा और कंपनियों को नए ऑर्डर मिलेंगे.

भारत द्वारा EU सामानों पर लगाया जाने वाला टैरिफ

सेक्टर / प्रोडक्टभारत में आयात शुल्क
सभी EU सामान (औसत)9.3%
ऑटोमोबाइल और पार्ट्स35.5%
प्लास्टिक10.4%
केमिकल और फार्मा9.9%
मशीनरी9%
इलेक्ट्रॉनिक्स9%
मेडिकल उपकरण9.9%
सोर्स: TOI

भारत EU के बीच कितना व्यापार होता है

साल 2024-25 में भारत और EU के बीच सामानों का व्यापार करीब 136 अरब डॉलर का रहा. इसमें भारत ने 75 अरब डॉलर से ज्यादा का निर्यात किया और करीब 60 अरब डॉलर का आयात किया. सर्विस सेक्टर का व्यापार भी 83 अरब डॉलर से ज्यादा रहा. EU भारत का सबसे बड़ा बिजनेस पार्टनर है.

CategoryEU importsEU exportsBalance
202267.847.4-20.3
202365.448.4-17
202471.348.8-22.5
सोर्स: European Comission (in EUR Billion)

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