कार की टचस्क्रीन फ्रीज हो जाए तो घबराएं नहीं, सिर्फ 15 मिनट में खुद से कर सकते हैं सही; मैकेनिक की नहीं होगी जरूरत

आज की आधुनिक कारों में टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम बेहद अहम हो चुका है, लेकिन कई बार यह फ्रीज या हैंग होकर काम करना बंद कर देता है. ऐसी स्थिति में सर्विस सेंटर जाने से पहले एक आसान घरेलू तरीका आजमाया जा सकता है. यह तरीका समय और पैसे दोनों बचाने में मददगार साबित हो सकता है.

कार टचस्क्रीन Image Credit: AI/canva

Car Touchscreen Problem: आज के समय में ज्यादातर कारें एडवांस्ड इंफोटेनमेंट सिस्टम के साथ आती हैं. टचस्क्रीन के जरिए म्यूजिक, नेविगेशन, कॉलिंग और कई जरूरी फीचर्स कंट्रोल किए जाते हैं. लेकिन कई बार कार की टचस्क्रीन अचानक फ्रीज हो जाती है, हैंग करने लगती है या पूरी तरह काम करना बंद कर देती है. ऐसी स्थिति में अधिकतर लोग सीधे सर्विस सेंटर पहुंच जाते हैं, जबकि कई मामलों में यह समस्या घर पर ही कुछ मिनटों में ठीक की जा सकती है. ऑटो एक्सपर्ट्स के मुताबिक, टचस्क्रीन फ्रीज होने की सबसे आम वजह सॉफ्टवेयर गड़बड़ी या सिस्टम में जमा हुई अतिरिक्त इलेक्ट्रिक पावर होती है. अच्छी बात यह है कि इसके लिए किसी खास टूल या टेक्निकल नॉलेज की जरूरत नहीं होती.

बैटरी डिस्कनेक्ट करना है सबसे आसान उपाय

अगर आपकी कार की टचस्क्रीन काम नहीं कर रही है, तो सबसे पहले कार की बैटरी को 15 मिनट के लिए डिस्कनेक्ट करें. बैटरी हटाने से कार का पूरा इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम रीसेट हो जाता है, जिससे इंफोटेनमेंट सिस्टम भी दोबारा सही तरीके से काम करने लगता है. बैटरी डिस्कनेक्ट करने के बाद एक जरूरी स्टेप होता है, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं. बैटरी हटाने के बाद कार का हॉर्न बजाएं या हेडलाइट चालू करें.

इससे सिस्टम में बची हुई सारी रेजिडुअल इलेक्ट्रिसिटी पूरी तरह खत्म हो जाती है. जब सिस्टम में कोई भी पावर नहीं बचती, तो रीसेट ज्यादा प्रभावी तरीके से होता है. इसके बाद करीब 15 मिनट तक इंतजार करें. तय समय के बाद बैटरी को दोबारा कनेक्ट करें और कार स्टार्ट करें. ज्यादातर मामलों में टचस्क्रीन फिर से सामान्य रूप से काम करने लगती है.

नेगेटिव टर्मिनल हटाना क्यों जरूरी

एक अहम बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि जब भी आप कार की बैटरी डिस्कनेक्ट कर रहे हों, सबसे पहले बैटरी का नेगेटिव टर्मिनल ही हटाना चाहिए. ऐसा करने से शॉर्ट सर्किट का खतरा कम होता है और कार के इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स सुरक्षित रहते हैं. पॉजिटिव टर्मिनल पहले हटाने से स्पार्क या इलेक्ट्रिकल डैमेज का रिस्क बढ़ सकता है.

कब यह तरीका काम नहीं करेगा

अगर बैटरी डिस्कनेक्ट करने के बाद भी टचस्क्रीन काम नहीं करती है, तो समस्या सॉफ्टवेयर अपडेट, वायरिंग या हार्डवेयर फॉल्ट से जुड़ी हो सकती है. ऐसे मामलों में सर्विस सेंटर जाना ही बेहतर विकल्प होता है. हालांकि, सामान्य फ्रीज, हैंग या स्लो रिस्पॉन्स जैसी दिक्कतों में यह तरीका काफी कारगर साबित होता है.

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