एक्सीलेरेटर दबाने पर भी नहीं दौड़ रही कार? टर्बो खराब होने के ये हैं संकेत, जानें कैसे करें देखभाल

अगर आपकी कार एक्सीलेरेटर दबाने पर भी ठीक से नहीं दौड़ रही, पिकअप स्लो हो गई है या बोनट के अंदर से अजीब आवाजें आ रही हैं, तो यह टर्बो खराब होने का संकेत हो सकता है. आजकल डीजल और पेट्रोल दोनों गाड़ियों में टर्बोचार्जर का इस्तेमाल बढ़ गया है, लेकिन इसकी अनदेखी भारी नुकसान करा सकती है.

टर्बोचार्जर खराब होने के संकेत Image Credit: AI/canva

Car turbo problem: अगर आपकी गाड़ी पहले जैसी फुर्ती नहीं दिखा रही है और एक्सीलेरेटर दबाने पर भी पिकअप स्लो लग रही है, तो समझिए कि गाड़ी में समस्या आनी शुरू हो गई है. इसके अलावा, अगर बोनट के अंदर से अजीब आवाजें आने लगी हैं, तो यह संकेत हो सकता है कि गाड़ी का टर्बो खराब होने की ओर बढ़ रहा है. आजकल डीजल के साथ-साथ कई पेट्रोल गाड़ियों में भी टर्बोचार्जर लगाया जा रहा है, ताकि कम इंजन क्षमता में ज्यादा पावर और बेहतर माइलेज मिल सके. लेकिन टर्बो सिस्टम की जरा-सी लापरवाही भी महंगी परेशानी बन सकती है.

टर्बो खराब होने पर क्या-क्या लक्षण दिखते हैं

सबसे पहला और आम संकेत यह होता है कि गाड़ी पहले जैसी फुर्तीली महसूस नहीं होती. एक्सीलेरेटर दबाने पर गाड़ी धीरे रफ्तार पकड़ती है, जैसे इंजन पर पूरा जोर ही नहीं आ रहा हो. दरअसल, टर्बो का काम इंजन में ज्यादा हवा भेजकर पावर बढ़ाना होता है. जब टर्बो सही तरीके से बूस्ट नहीं बना पाता, तो इंजन की ताकत कम महसूस होने लगती है.

दूसरा बड़ा संकेत तेज सीटी जैसी आवाज या रगड़ने जैसी आवाज होती है, जो बोनट के अंदर से सुनाई देती है. यह आवाज अक्सर टर्बो के पंखे के खराब होने पर आती है. कई बार ड्राइवर इसे मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही आवाज आगे चलकर बड़े नुकसान की वजह बन सकती है.

तीसरा अहम लक्षण साइलेंसर से नीला या भूरा धुआं निकलना है. अगर टर्बो की सील खराब हो जाती है, तो इंजन ऑयल टर्बो के जरिए जलने लगता है. इससे न सिर्फ धुआं निकलता है, बल्कि इंजन के अंदरूनी हिस्सों को भी गंभीर नुकसान पहुंच सकता है.

इंजन लाइट और ऑयल लेवल भी देते हैं संकेत

अगर डैशबोर्ड पर बार-बार इंजन की चेतावनी लाइट जल रही है, तो यह भी टर्बो से जुड़ी किसी समस्या का संकेत हो सकता है. कई बार सेंसर टर्बो प्रेशर में गड़बड़ी पकड़ लेते हैं और सिस्टम अलर्ट दे देता है. इसके अलावा, अगर आपको बार-बार इंजन ऑयल का लेवल कम होता हुआ दिखे, तो सतर्क हो जाना चाहिए. यह टर्बो की सील कटने या लीकेज होने का संकेत हो सकता है. ऑयल की कमी सीधे इंजन की लाइफ पर असर डालती है.

समय रहते जांच क्यों जरूरी

टर्बोचार्जर खराब होने पर उसकी मरम्मत या रिप्लेसमेंट का खर्च काफी ज्यादा हो सकता है. शुरुआत में अगर सिर्फ होज पाइप, सील या सेंसर से जुड़ी समस्या हो, तो खर्च सीमित रहता है. लेकिन समय पर ध्यान न देने पर पूरा टर्बो बदलवाने की नौबत आ सकती है.

गाड़ी मालिकों के लिए सलाह

अगर आपकी गाड़ी में ऊपर बताए गए लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत किसी भरोसेमंद मैकेनिक या सर्विस सेंटर में जांच करानी चाहिए. इंजन ऑयल समय पर बदलना, गाड़ी को चलाने के बाद कुछ देर ठंडा होने का वक्त देना और अचानक तेज रफ्तार से बचना टर्बो की उम्र बढ़ाने में मदद करता है. थोड़ी-सी सावधानी आपको हजारों रुपये के नुकसान से बचा सकती है.

यह भी पढ़ें: साल 2026 में कार बाजार में मचेगा तहलका, मारुति, टाटा और महिंद्रा लाएंगे 30 से ज्यादा नए मॉडल; देखें लिस्ट