मर्सिडीज-बेंज, BMW और ऑडी की कारों की फिलहाल नहीं घटेंगी कीमतें, India-EU FTA पर बोले ऑटो लीडर्स
भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को ऑटो दिग्गजों ने ऐतिहासिक और लैंडमार्क डील बताया है. मर्सिडीज-बेंज, BMW, ऑडी, स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन और स्टेलेंटिस ने कहा कि इससे टेक्नोलॉजी और फ्यूचर मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा लेकिन निकट भविष्य में कारों की कीमतों में किसी तरह की कटौती की संभावना नहीं है.
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए बहुप्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) का देश-विदेश की ऑटो इंडस्ट्री ने स्वागत किया है. मर्सिडीज-बेंज, BMW, स्कोडा ऑटो वोक्सवैगन, ऑडी और स्टेलेंटिस जैसे प्रमुख ऑटो मेकर्स ने इसे एक “लैंडमार्क” और ऐतिहासिक समझौता बताया है जो इनोवेशन को बढ़ावा देगा और भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा. पीटीआई के अनुसार, इन कंपनियों ने साफ किया है कि निकट भविष्य में कारों की कीमतों में किसी तरह की कटौती की उम्मीद नहीं है. यूरो के मुकाबले रुपये की लगातार कमजोरी और इंपोर्ट लागत में बढ़ोतरी के चलते कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बना हुआ है जिससे कीमतें घटने के बजाय आगे चलकर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
मर्सिडीज-बेंज इंडिया का बयान
मर्सिडीज-बेंज इंडिया के एमडी और सीईओ संतोष अय्यर ने कहा है कि FTA से भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर में तकनीकी इनोवेशन और सस्टेनेबल ग्रोथ को मजबूती मिलने की उम्मीद है. इस समझौते का अंतिम असर तभी स्पष्ट होगा, जब इसके सभी डिटेल्स और फाइन प्रिंट हमारे सामने होंगे.
कीमतों पर असर को लेकर उन्होंने साफ कहा, “मर्सिडीज-बेंज इंडिया की 90% से ज्यादा बिक्री ‘मेड इन इंडिया’ लोकली मैन्युफैक्चर किए गए मॉडलों से आती है और केवल करीब 5% बिक्री EU से CBU इंपोर्ट के जरिए होती है. ऐसे में इस FTA के चलते निकट भविष्य में मर्सिडीज-बेंज की कारों की कीमतों में किसी तरह की कटौती की हमें उम्मीद नहीं है.”
कीमतों में बदलाव पर बात करना जल्दबाजी: BMW इंडिया
BMW ग्रुप इंडिया के प्रेसिडेंट और सीईओ हरदीप सिंह बराड़ ने कहा कि यह समझौता वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती रणनीतिक और आर्थिक अहमियत को दर्शाता है. उन्होंने आगे कहा कि कारों और ऑटो कंपोनेंट्स पर चरणबद्ध टैरिफ कटौती से कंज्यूमर कॉन्फिडेंस बढ़ सकता है और प्रोडक्ट चॉइस बेहतर हो सकती है और फ्यूचर मोबिलिटी में इनोवेशन को गति मिल सकती है. हालांकि, उन्होंने भी स्पष्ट किया कि फाइन प्रिंट आने से पहले कीमतों पर किसी तत्काल बदलाव की बात करना जल्दबाजी होगी.
ऑडी इंडिया ने यह कहा
ऑडी इंडिया के ब्रांड डायरेक्टर बलबीर सिंह ढिल्लों बोले कि यह समझौता दुनिया के सबसे बड़े ट्रेडिंग ब्लॉक्स में से एक के साथ आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करेगा. यह ट्रेड के प्रति एक रचनात्मक दृष्टिकोण है, जो ऑटोमोबाइल इकोसिस्टम में इनोवेशन, सप्लाई-चेन एफिशिएंसी और टेक्नोलॉजी कोलैबोरेशन को सपोर्ट कर सकता है. हालांकि, कीमतों और मार्केट स्ट्रैटेजी पर असर का आकलन तभी किया जा सकता है जब अंतिम शर्तें और लागू होने की टाइमलाइन साफ होंगी.
क्या बोलीं अन्य कंपनियां
स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (SAVWIPL) के एमडी और सीईओ पियूष अरोड़ा ने कहा कि EU भारत के सबसे बड़े ट्रेडिंग पार्टनर्स में से एक है और यह FTA दोनों क्षेत्रों के लिए विन-विन साबित होगा. उन्होंने कहा कि अधिक टैरिफ निश्चितता और एक ज्यादा प्रेडिक्टेबल ट्रेड फ्रेमवर्क हमें भारतीय ग्राहकों के लिए ज्यादा यूरोपीय मॉडलों को लाने के विकल्पों का मूल्यांकन करने में मदद करेगा.
स्टेलेंटिस इंडिया के सीईओ और एमडी शैलेश हजेला ने इस समझौते को ‘लैंडमार्क मोमेंट’ बताते हुए कहा, “यह FTA भारत को ग्लोबल वैल्यू चेन में और मजबूत करेगा. कम ट्रेड बैरियर्स से मैन्युफैक्चरिंग कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ेगी, एक्सपोर्ट पोटेंशियल मजबूत होगा और हमारी ‘मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ रणनीति को नई गति मिलेगी.”