Delhi EV Policy: इलेक्ट्रिक कार खरीदिए मिलेगा ₹1 लाख का फायदा! रोड टैक्स से रजिस्ट्रेशन तक में छूट
दिल्ली सरकार नई EV पॉलिसी के तहत पुराने वाहनों को स्क्रैप करने पर लोगों को आर्थिक प्रोत्साहन देगी. इलेक्ट्रिक दोपहिया से लेकर कार तक खरीदने पर सब्सिडी और 2030 तक रोड टैक्स में पूरी छूट जैसे फायदे दिए जाएंगे. जानें क्या है प्रस्ताव और छूट के नियम.
Delhi EV Proposed Policy: दिल्ली सरकार राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए एक नई पॉलिसी लाने की तैयारी में है. इस नीति का मुख्य उद्देश्य पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़कों से हटाकर लोगों को स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करना है. इसके तहत सरकार ऐसे लोगों को वित्तीय प्रोत्साहन देगी, जो अपने पुराने वाहनों को स्क्रैप कराकर इलेक्ट्रिक वाहन खरीदेंगे. यह कदम न केवल प्रदूषण कम करने की दिशा में अहम साबित हो सकता है, बल्कि दिल्ली को ग्रीन मोबिलिटी की ओर तेजी से आगे बढ़ाने में भी मदद करेगा.
क्या है योजना?
प्रस्तावित योजना के अनुसार, जो व्यक्ति अपने दिल्ली में रजिस्टर्ड BS-IV या उससे पुराने वाहन को अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर पर जमा कराएगा, उसे आर्थिक फायदा दिया जाएगा. हालांकि, इसके लिए एक शर्त रखी गई है कि स्क्रैपिंग का सर्टिफिकेट मिलने के 6 महीने के भीतर नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना जरूरी होगा. सरकार ने अलग-अलग कैटेगरीज के वाहनों के लिए अलग प्रोत्साहन यानी इंसेंटिव तय किए हैं, ताकि हर वर्ग के लोग इस योजना का फायदा उठा सकें.
क्या मिलेंगे फायदे?
अगर कोई व्यक्ति इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदता है, तो उसे 10,000 रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी. वहीं, इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर (L5M कैटेगरी) खरीदने पर 25,000 रुपये तक का फायदा मिलेगा. इन इंसेंटिव का मकसद खासतौर पर उन लोगों को अपनी ओर खींचना है, जो रोजमर्रा के परिवहन के लिए किफायती और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प तलाश रहे हैं. इस नीति की सबसे बड़ी खासियत प्राइवेट इलेक्ट्रिक कारों पर मिलने वाला प्रोत्साहन है.
ड्राफ्ट के मुताबिक, एलिजिबल खरीदारों को अधिकतम 1 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है, जो इस योजना का सबसे बड़ा आकर्षण होगा. हालांकि, इसके लिए कुछ शर्तें भी निर्धारित की गई हैं. यह फायदा केवल उन इलेक्ट्रिक कारों पर मिलेगा, जिनकी एक्स-फैक्ट्री कीमत 15 लाख रुपये तक होगी और यह सुविधा पहले 1 लाख आवेदकों तक सीमित रहेगी. इससे साफ है कि सरकार शुरुआती चरण में ज्यादा से ज्यादा लोगों को EV अपनाने के लिए प्रेरित करना चाहती है, साथ ही सब्सिडी के वितरण को संतुलित भी रखना चाहती है.
कैसे पहुंचेगा फायदा?
पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सभी वित्तीय लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजे जाएंगे. इसके लिए आवेदकों को परिवहन विभाग द्वारा तय की गई प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि केवल वही व्यक्ति इस योजना का फायदा उठा सकेगा, जिसके नाम पर स्क्रैप किया गया वाहन रजिस्टर्ड था, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी या दुरुपयोग की संभावना कम हो.
रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन में भी छूट
इस नीति में एक और बड़ा राहत प्रावधान जोड़ा गया है- दिल्ली में रजिस्टर्ड सभी इलेक्ट्रिक वाहनों को 31 मार्च 2030 तक रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से पूरी तरह छूट दी जाएगी. इससे EV खरीदने की शुरुआती लागत में काफी कमी आएगी और आम लोगों के लिए इलेक्ट्रिक वाहन अधिक सुलभ बनेंगे. हालांकि, यह छूट एक तय सीमा तक ही लागू होगी. 30 लाख रुपये तक की कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों को ही यह पूरा फायदा मिलेगा, जबकि इससे महंगे वाहनों को इस छूट से बाहर रखा जाएगा. इससे सरकार का फोकस साफ तौर पर मिड-रेंज और आम ग्राहकों पर नजर आता है, न कि लग्जरी सेगमेंट पर.
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