FASTag यूजर्स के लिए बड़ी सुविधा, अब बिना स्टिकर बदले बदल सकेंगे बैंक, जानिए OneTag के 5 बड़े फायदे

FASTag यूजर्स अब बिना नया स्टिकर लगाए बैंक बदल सकेंगे. OneTag सुविधा मोबाइल नंबर पोर्ट जैसी है. जानिए RajmargYatra ऐप से FASTag पोर्ट करने और पुराने बैलेंस से जुड़े जरूरी नियम.

फास्‍टैग

Highlights

  • OneTag से बिना नया स्टिकर लगाए FASTag बैंक बदल सकेंगे
  • RajmargYatra ऐप से FASTag पोर्ट करने की सुविधा मिलेगी यूजर्स को
  • पुराने FASTag का बैलेंस नए बैंक में ट्रांसफर नहीं होगा

FASTag इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों के लिए एक नई सुविधा शुरू की गई है. इसका नाम OneTag है. इसकी मदद से यूजर अपना FASTag स्टिकर बदले बिना उससे जुड़े बैंक को बदल सकता है. यानी अगर किसी ग्राहक को मौजूदा बैंक की FASTag सर्विस पसंद नहीं आ रही है या वह किसी दूसरे बैंक की सुविधा लेना चाहता है, तो उसे नया FASTag लगवाने की जरूरत नहीं होगी.

मोबाइल नंबर पोर्ट करने जैसा है OneTag

OneTag को कुछ हद तक मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की तरह समझा जा सकता है. जैसे मोबाइल नंबर बदले बिना टेलीकॉम कंपनी बदली जा सकती है, वैसे ही इसमें FASTag का स्टिकर और Tag ID वही रहते हैं, लेकिन इसे जारी करने वाला बैंक बदला जा सकता है.

इस प्रक्रिया में वाहन का मौजूदा FASTag स्टिकर, Tag ID और रजिस्ट्रेशन से जुड़ी जानकारी बरकरार रहती है. बैंक बदलने के बाद टोल भुगतान की प्रक्रिया भी पहले की तरह जारी रहती है.

RajmargYatra ऐप से कर सकेंगे पोर्ट

OneTag की सुविधा NHAI के RajmargYatra ऐप के जरिए इस्तेमाल की जा सकती है. FASTag को दूसरे बैंक में पोर्ट करने के बाद बैकएंड रिकॉर्ड अपडेट किए जाते हैं. टोल का भुगतान मौजूदा NETC सिस्टम के जरिए ही होता रहेगा. इसका मतलब है कि वाहन मालिक को नया स्टिकर हटाने या विंडशील्ड पर दूसरा FASTag चिपकाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

पुराने FASTag का पैसा कहां जाएगा?

यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है. बैंक बदलने से पुराने FASTag वॉलेट का बैलेंस अपने आप नए बैंक में ट्रांसफर नहीं होगा. पुराने बैंक के पास मौजूद बैलेंस, रिफंड और पेंडिंग ट्रांजैक्शन की जिम्मेदारी मौजूदा बैंक की ही रहेगी.

FASTag में क्या बदलेगा?

FASTag एक RFID आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है. वाहन की विंडशील्ड पर लगे स्टिकर के जरिए टोल प्लाजा पर भुगतान अपने आप हो जाता है. इससे कैश में भुगतान करने के लिए रुकने की जरूरत कम होती है और टोल ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड भी डिजिटल रूप से देखा जा सकता है.

OneTag का मुख्य उद्देश्य FASTag बैंक बदलने की प्रक्रिया को आसान बनाना है. यानी यूजर को बैंक बदलने के लिए पूरा FASTag बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

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