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क्या SBI में मर्ज होंगे 3 बैंक? 9 PSU बैंकों के विलय की खबर पर आया बड़ा अपडेट

SBI, PNB और Bank of Baroda समेत 9 सरकारी बैंकों के विलय का दावा सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. PIB Fact Check ने इसे फर्जी बताया है. जानिए वायरल नोटिफिकेशन में क्या दावा था और सरकार ने क्या कहा.

बैंक स्टाफ की हड़ताल टली. Image Credit: Money9live

Highlights

  • 9 सरकारी बैंकों के विलय का वायरल दावा फर्जी निकला है
  • PIB ने वायरल सरकारी नोटिफिकेशन को पूरी तरह फर्जी बताया है
  • SBI, PNB और BOB मर्जर की खबर पर भ्रम फैला

सोशल मीडिया पर सरकारी बैंकों के विलय को लेकर एक कथित सरकारी नोटिफिकेशन वायरल हो रहा है. इसमें दावा किया गया कि केंद्र सरकार ने 9 पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSB) को 3 बड़े बैंकों में मर्ज करने का फैसला किया है. PIB Fact Check ने इस दावे को फर्जी बताया है.

वायरल नोटिफिकेशन में क्या दावा किया गया?

वायरल दस्तावेज को वित्त मंत्रालय की ओर से जारी Gazette of India Notification जैसा दिखाया गया था. इसमें दावा किया गया कि Indian Bank, Bank of Maharashtra और Central Bank of India का विलय SBI में किया जाएगा.

इसी तरह दस्तावेज में कहा गया कि Union Bank of India, Bank of India और Punjab & Sind Bank को Punjab National Bank यानी PNB में मिलाया जाएगा. वहीं Canara Bank, Indian Overseas Bank और UCO Bank को Bank of Baroda में शामिल करने का दावा किया गया था.

PIB ने क्या कहा?

PIB Fact Check ने इस दस्तावेज को पूरी तरह फर्जी बताया है. सरकारी फैक्ट-चेक यूनिट के मुताबिक, यह दस्तावेज वित्त मंत्रालय की ओर से जारी नहीं किया गया है. लोगों से ऐसी खबरों को सोशल मीडिया पर शेयर करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से जांच करने की अपील की गई है.

पहले भी वायरल हो चुकी है बैंक मर्जर की फर्जी खबर

यह पहली बार नहीं है जब बैंकों के विलय से जुड़ी फर्जी खबर वायरल हुई है. जून 2026 में भी SBI, PNB और Canara Bank के कथित विलय को लेकर एक फर्जी पोस्ट सामने आई थी, जिसे PIB Fact Check ने खारिज किया था.

2019 में हुआ था बड़ा बैंक विलय

भारत में इससे पहले 2019 में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का बड़ा विलय हुआ था. उस समय 10 सरकारी बैंकों को मिलाकर 4 बड़े बैंक बनाए गए थे और PSU बैंकों की संख्या 27 से घटकर 12 हो गई थी. इसी पुराने घटनाक्रम के कारण सोशल मीडिया पर चल रहे नए फर्जी दस्तावेज को लेकर भ्रम बढ़ा.

बैंक ग्राहकों को क्या करना चाहिए?

किसी भी बैंक मर्जर की आधिकारिक जानकारी केवल सोशल मीडिया पोस्ट या वायरल दस्तावेज से तय नहीं होती. ऐसे बड़े फैसलों के लिए संबंधित सरकारी और नियामकीय प्रक्रियाएं जरूरी होती हैं. इसलिए बैंक ग्राहक RBI, वित्त मंत्रालय और PIB Fact Check के आधिकारिक स्रोतों पर जानकारी की पुष्टि करें. फिलहाल 9 सरकारी बैंकों के इस कथित विलय का वायरल दावा फर्जी है.

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