अब कारों पर नहीं मिल रही पहले जैसी भारी छूट! GST कट के बाद Maruti, Tata और Hyundai ने बदला प्लान
GST कट के बाद छोटी और एंट्री-लेवल कारों की मांग बढ़ने लगी है. मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और हुंडई ने कई लोकप्रिय मॉडलों पर मिलने वाले डिस्काउंट घटा दिए हैं, जिससे साफ है कि सस्ती कारों की बिक्री फिर रफ्तार पकड़ रही है.
छोटे वाहनों की मांग में आई जबरदस्त तेजी के बावजूद ऑटोमोबाइल कंपनियों ने ग्राहकों को दी जाने वाली छूट (डिस्काउंट) में भारी कटौती करना शुरू कर दिया है. पिछले साल सितंबर में सरकार द्वारा जीएसटी (GST) दरों में की गई कटौती के बाद से ही बजट कारों के बाजार में रौनक लौट आई है. बिक्री की रफ्तार इतनी दमदार है कि कंपनियों को अब ग्राहकों को लुभाने के लिए भारी-भरकम डिस्काउंट देने की जरूरत ही नहीं पड़ रही है.
मारुति, टाटा और हुंडई ने हाथ खींचे
ET ने सूत्रों और रिसर्च रिपोर्ट्स के हवाले से बतायाहै कि देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने जून के महीने में अपनी लोकप्रिय कार ‘वैगन आर’ पर मिलने वाले कुल डिस्काउंट को मई के ₹31,000 से घटाकर सिर्फ ₹10,000 कर दिया है. इसी तरह ‘बलेनो’ पर भी मिलने वाली छूट ₹31,000 से घटकर अब ₹21,000 रह गई है.
टाटा मोटर्स ने तो और भी कड़ा रुख अपनाया है. कंपनी ने मई में अपनी ‘टियागो’ पर ₹19,000 और ‘पंच’ पर ₹26,000 की जो छूट दी थी, उसे अब पूरी तरह से वापस ले लिया है. दक्षिण कोरियाई कार निर्माता कंपनी हुंडई ने भी अपनी ‘ग्रैंड i10 नियोस’ और ‘एक्स्टर’ पर मिलने वाले फायदों को कम कर दिया है.
बिना ऑफर के भी बंपर बुकिंग
ईटी रिपोर्ट के हवाले से टाटा मोटर्स के डीलरों का कहना है कि हाल ही में लॉन्च हुई नई ‘टियागो’ (पेट्रोल, सीएनजी और ईवी) पर इस समय कोई भी ऑफर या इंसेंटिव नहीं दिया जा रहा है, इसके बावजूद इसकी बुकिंग में भारी उछाल आया है. इसमें भी सबसे ज्यादा डिमांड सीएनजी (CNG) वेरिएंट की देखी जा रही है. डीलर्स का मानना है कि फरवरी और अप्रैल में हुई कीमतों में बढ़ोतरी के बाद भी कारों की मांग बेहद मजबूत बनी हुई है.
जीएसटी कटौती का दिखने लगा असर
दरअसल, 22 सितंबर 2025 को लागू हुए ‘जीएसटी 2.0’ के तहत टैक्स दरों में जो कटौती की गई थी, उससे एंट्री-लेवल और कॉम्पैक्ट कारों की कीमतें काफी कम हो गईं. इसका सीधा फायदा कंपनियों की सेल्स रिपोर्ट में दिख रहा है:
- अल्टो और एस-प्रेसो: वित्त वर्ष 2027 के शुरुआती दो महीनों में मारुति की इन दोनों कारों की बिक्री 146% उछलकर 32,341 यूनिट्स पर पहुंच गई.
- कॉम्पैक्ट और मिड-साइज कारें: बलेनो, वैगनआर, स्विफ्ट और सियाज की बिक्री भी सालाना आधार पर 31% बढ़कर 1,62,214 यूनिट्स हो गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 1,23,872 यूनिट्स थी.
यह भी पढ़ें: EV खरीदने पर 100% रोड टैक्स माफ, टू-व्हीलर पर ₹30,000 तक की छूट; जानें दिल्ली EV पॉलिसी की खास बात
फिर लौटा बजट कारों का भरोसा
बीते पांच सालों से देश के एंट्री-लेवल कार बाजार में लगातार मंदी का माहौल था. बढ़ती लागत के चलते इस सेगमेंट की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2019 के 46% से घटकर आधी यानी महज 23% रह गई थी. लोग तेजी से एसयूवी (SUV) की तरफ बढ़ रहे थे. लेकिन टैक्स घटने से बजट कारें एक बार फिर आम खरीदार की जेब के अनुकूल हो गई हैं, जिससे इस सेगमेंट में ऑटो कंपनियों का भरोसा वापस लौट आया है.
Latest Stories
EV खरीदने पर 100% रोड टैक्स माफ, टू-व्हीलर पर ₹30,000 तक की छूट; जानें दिल्ली EV पॉलिसी की खास बात
Tata Motors EV Plan: FY31 तक आएंगी 4 नई इलेक्ट्रिक कारें, 10 से ज्यादा मॉडल होंगे अपडेट
Renault Kwid Facelift: 3 जुलाई को होगी लॉन्च, कीमत ₹5 लाख से कम, माइलेज भी दमदार, जानें पूरी डिटेल
