सफेद, नीला या काला धुआं? रंग देखकर पहचानें गाड़ी की असली समस्या, देर की तो बढ़ेगा मरम्मत खर्च
सड़क पर चलते समय अगर गाड़ी से धुआं निकलने लगे, तो यह इंजन में समस्या का संकेत हो सकता है. सफेद, नीला और काला धुआं, तीनों अलग-अलग तरह की खराबी की ओर इशारा करते हैं. सफेद धुआं कूलेंट लीकेज, नीला धुआं इंजन ऑयल के जलने और काला धुआं जरूरत से ज्यादा फ्यूल जाने का संकेत देता है. समय रहते इन संकेतों को समझकर जांच कराना बेहद जरूरी है.
Car Smoke Problem: सड़क पर चलते समय अगर आपकी गाड़ी अचानक धुआं देने लगे, तो यह कोई मामूली बात नहीं होती. गाड़ी से निकलने वाला धुआं सीधे तौर पर इंजन की सेहत से जुड़ा होता है. कई बार लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही छोटी सी लापरवाही आगे चलकर बड़े खर्च और गंभीर समस्या का कारण बन सकती है. धुएं का रंग ही यह बताता है कि गाड़ी में आखिर गडबडी कहां है. सफेद, नीला और काला धुआं, तीनों के अलग-अलग मतलब होते हैं और तीनों अलग-अलग तरह की समस्या की ओर इशारा करते हैं. अगर समय रहते इन संकेतों को समझ लिया जाए, तो इंजन को भारी नुकसान से बचाया जा सकता है.
सफेद धुआं
अगर गाड़ी के साइलेंसर से सफेद धुआं निकल रहा है, तो यह आमतौर पर इंजन के अंदर कूलेंट लीकेज होने का संकेत होता है. कूलेंट का काम इंजन को ज्यादा गर्म होने से बचाना होता है, लेकिन जब यह किसी वजह से सिलेंडर या कंबस्शन चैंबर में पहुंच जाता है, तो जलने पर सफेद धुआं बनता है. कई मामलों में हेड गैसकेट खराब होने, सिलेंडर हेड में क्रैक आने या कूलिंग सिस्टम में गडबडी के कारण यह समस्या होती है. शुरुआत में यह धुआं हल्का दिख सकता है, लेकिन धीरे-धीरे यह लगातार बढ़ने लगता है. अगर समय रहते जांच न कराई जाए, तो इंजन ओवरहीट हो सकता है और पूरा इंजन फेल होने का खतरा भी बन जाता है.
नीला धुआं
नीला धुआं दिखना इस बात का साफ संकेत है कि इंजन ऑयल जल रहा है. जब पिस्टन रिंग, वाल्व सील या इंजन के अंदरूनी हिस्से घिस जाते हैं, तो ऑयल कंबस्शन चैंबर में पहुंच जाता है और जलने लगता है. इसका नतीजा नीले रंग के धुएं के रूप में सामने आता है. इस स्थिति में गाड़ी का ऑयल लेवल तेजी से कम होने लगता है और माइलेज पर भी असर पड़ता है. लंबे समय तक नीले धुएं के साथ गाड़ी चलाने से इंजन के अंदर कार्बन जमने लगता है, जिससे परफॉर्मेंस कमजोर हो जाती है और बाद में इंजन रिपेयर पर भारी खर्च आ सकता है.
काला धुआं
अगर गाड़ी काला धुआं दे रही है, तो इसका मतलब है कि इंजन में जरूरत से ज्यादा फ्यूल जा रहा है. यह समस्या अक्सर फ्यूल इंजेक्टर, एयर फिल्टर या सेंसर में खराबी के कारण होती है. जब इंजन को सही मात्रा में हवा नहीं मिलती या फ्यूल सप्लाई जरूरत से ज्यादा हो जाती है, तो कंबस्शन सही तरीके से नहीं हो पाता और काला धुआं निकलता है. इससे न सिर्फ फ्यूल की खपत बढ़ती है, बल्कि इंजन पर अतिरिक्त दबाव भी पड़ता है. लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहे, तो इंजन की उम्र घट सकती है.
समय रहते समाधान जरूरी
गाड़ी से निकलने वाले धुएं को नजरअंदाज करना भारी भूल हो सकती है. धुएं का रंग देखकर ही शुरुआती स्तर पर समस्या की पहचान की जा सकती है. बेहतर यही है कि जैसे ही गाड़ी से असामान्य धुआं दिखे, तुरंत मैकेनिक से जांच कराई जाए. सही समय पर मरम्मत कराने से न केवल इंजन सुरक्षित रहता है, बल्कि भविष्य में होने वाले बड़े खर्च से भी बचा जा सकता है.
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